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पर्दा सिर्फ नकाब तक नहीं, सोशल मीडिया पर भी हया का रखें ख्याल : गोरा
Tue, 22 Sep 2026 01:41 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Tue, 22 Sep 2026 01:41 AM IST
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देवबंद। जमीयत दावातुल मुसलीमीन के संरक्षक मौलाना कारी इस्हाक गोरा ने महिलाओं के पर्दे और सोशल मीडिया के इस्तेमाल को लेकर नसीहत की है। उन्होंने कहा कि पर्दा केवल घर से बाहर निकलते समय चेहरे को ढकने तक सीमित नहीं है, बल्कि सोशल मीडिया पर तस्वीरें और वीडियो साझा करते समय भी हया (लज्जा) का ख्याल रखना चाहिए।
कारी इस्हाक गोरा ने सोमवार को जारी बयान में कहा कि समाज में पर्दे को लेकर जागरूकता बढ़ी है और बड़ी संख्या में महिलाएं घर से बाहर निकलते समय नकाब और पर्दे का विशेष ख्याल करती हैं, लेकिन दूसरी ओर सोशल मीडिया पर अपनी तस्वीरें, वीडियो और निजी जिंदगी के लम्हे साझा करने का चलन भी बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि अगर किसी चेहरे को गैर-महरम की नजरों से बचाने के लिए नकाब किया जा रहा है तो उसी चेहरे की तस्वीर सोशल मीडिया के माध्यम से बड़ी संख्या में लोगों तक पहुंचाना पर्दे की भावना के अनुरूप है।
कारी इस्हाक गोरा ने कहा कि पर्दा महज कपड़े या नकाब का नाम नहीं, बल्कि हया, सादगी और अपनी जीनत (सुंदरता) को गैर-महरम की नजरों से महफूज रखने का नाम है। उन्होंने कहा कि शादी, सफर, खुशी या पारिवारिक आयोजनों के हर लम्हे को तस्वीर और वीडियो के माध्यम से सार्वजनिक करना जरूरी नहीं है। सोशल मीडिया जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है, इसलिए इसका इस्तेमाल करते समय भी एहतियात बरतने की जरूरत है।
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कारी इस्हाक गोरा ने सोमवार को जारी बयान में कहा कि समाज में पर्दे को लेकर जागरूकता बढ़ी है और बड़ी संख्या में महिलाएं घर से बाहर निकलते समय नकाब और पर्दे का विशेष ख्याल करती हैं, लेकिन दूसरी ओर सोशल मीडिया पर अपनी तस्वीरें, वीडियो और निजी जिंदगी के लम्हे साझा करने का चलन भी बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि अगर किसी चेहरे को गैर-महरम की नजरों से बचाने के लिए नकाब किया जा रहा है तो उसी चेहरे की तस्वीर सोशल मीडिया के माध्यम से बड़ी संख्या में लोगों तक पहुंचाना पर्दे की भावना के अनुरूप है।
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कारी इस्हाक गोरा ने कहा कि पर्दा महज कपड़े या नकाब का नाम नहीं, बल्कि हया, सादगी और अपनी जीनत (सुंदरता) को गैर-महरम की नजरों से महफूज रखने का नाम है। उन्होंने कहा कि शादी, सफर, खुशी या पारिवारिक आयोजनों के हर लम्हे को तस्वीर और वीडियो के माध्यम से सार्वजनिक करना जरूरी नहीं है। सोशल मीडिया जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है, इसलिए इसका इस्तेमाल करते समय भी एहतियात बरतने की जरूरत है।
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