सहारनपुर। महायोजना 2031 को लेकर कार्यवाही चल रही है। महायोजना को लेकर आपत्तियां और सुझाव मांगे गए थे। कुल 159 सुझाव और आपत्तियां विकास प्राधिकरण को प्राप्त हुई थीं, जिनकी सुनवाई के लिए विकास प्राधिकरण कार्यालय में 27 से 29 जून तक तीन दिन सुनवाई हुई। इसके लिए लखनऊ और मेरठ से टाउन प्लानर भी पहुंचे थे।
विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष आशीष कुमार की मौजूदगी में सभी 159 सुझावों और आपत्तियों पर तीन दिन चली सुनवाई में ज्यादातर सुझाव व्यावसायिक क्षेत्रों को आवासीय करने संबंधी रहे। इनमें ज्यादातर सुझाव महानगर के ऐसे औद्योगिक क्षेत्र थे, जहां फैक्टरियां बंद पड़ी हैं। ऐसे भूूखंडों में परिवर्तन की मांग शामिल रही। सहारनपुर इंडस्ट्रीज एसोसिएशन, सहारनपुर इंजीनियरिंग एसोसिएशन और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने शिविर में मौजूद रहकर अपनी बात रखी। इसके अलावा नगर विधायक राजीव गुंबर और पूर्व सांसद राघव लखनपाल शर्मा द्वारा महानगर के विकास के लिए भेजे गए सुझावों पर भी चर्चा की गई। शहर के पुराने बाजारों को बाजार क्षेत्र घोषित करने के सुझाव पर भी मंथन हुआ। शिविर में पहुंचे चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज एंड सर्विसेज के अध्यक्ष रविंद्र मिगलानी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष एचएस चड्ढा, कोषाध्यक्ष घनश्याम माहेश्वरी, एनके तलवार, नीरज माहेश्वरी, गौतम शंकर सिंघल आदि ने दिल्ली रोड पर हसनपुर चुंगी से लेकर बाईपास हाईवे तक सड़क के दोनों ओर व्यावसायिक एवं आवासीय क्षेत्र दर्शाए जाने, अंबाला रोड पर सहारनपुर से सरसावा की ओर जाते हुए सड़क के दोनों ओर मेन रोड से 100 फीट गहराई तक व्यावसायिक और उसके पीछे औद्योगिक क्षेत्र और उसके पीछे लेबर क्वार्टर के लिए भूमि चिह्नित किए जाने, जनता रोड पर होजरी उद्योग के लिए औद्योगिक क्षेत्र तथा देहरादून रोड तथा दिल्ली रोड पर इंडस्ट्रियल पॉकेट बनाने के सुझाव दिए गए। 27 जून और 28 जून को 55-55 तथा अंतिम दिन यानी 29 जून को 49 आपत्तियों और सुझावों पर चर्चा हुई। तीन दिन की सुनवाई शिविर में अपर आयुक्त सुरेंद्र राम, लखनऊ से आए सहायक आयुक्त नियोजक कृष्ण मोहन, मेरठ नगर नियोजक विजय, अपर नगरायुक्त राजेश यादव, जिलाधिकारी के प्रतिनिधि और निगम के कुछ अधिकारी आदि मौजूद रहे।