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बाजार तैयार, पहले दिन नहीं मिले खरीदार
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारानपुर
Updated Sun, 02 Jul 2017 01:04 AM IST
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खाली पड़ा कोर्ट रोड स्थित ज्वैलर्स का शोरूम।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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जीएसटी को लेकर एक दिन पहले बंद का असर भले ही शुक्रवार को नहीं दिखाई दिया, मगर शनिवार को बाजार खुलने के साथ ही यहां सन्नाटा जरूर रहा। जीएसटी लागू होने के पहले दिन सहारनपुर का कारोबार पूरी तरह बंद रहा।
आलम यह रहा कि शोरूम में ग्राहकों ने रुख तक नहीं किया और पूरा दिन व्यापारियों के इंतजार ही बीत गया। उधर, उपभोक्ता भी टैक्स स्लैब को लेकर असमंजस में ही रहा। उधर, अब तक व्यापारियों को पूरी तरह प्रशिक्षण नही मिल पाने के कारण वहां भी शंकाएं बढ़ती जा रही हैं।
अंबाला रोड स्थित इलेक्ट्रानिक शोरूम पर आम दिनों में भीड़ लगी रहती थी और औसतन 20-30 आइटम की बिक्री होती थी। मगर, शनिवार को पूरे दिन में केवल दो लोग ही पूछताछ के लिए आए। वह भी सामान लेने से थोड़ा कतराते ही रहे। ऐसा ही हाल रायवाला के कपड़े की दुकानों पर भी रहा।
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उधर, असमंजस के चलते दवा कारोबार में पहले दिन किल्लत का पूरा असर दिखाई दिया। ज्यादातर दवाएं बाजार में अब भी उपलब्ध नहीं रही। रायवाला मार्केट के कपड़ा कारोबारी राधेश्याम नारंग का कहना है कि जीएसटी को लेकर नो व्यापारी सहमत है और ना ही ग्राहक।
सरकार विभागों ने इसका प्रचार प्रसार नहीं किया और यही कारण है कि लोग असमंजस में हैं। मोटरसाइकिल शोरुम के मालिक अजय वर्मा बताते हैं कि जीएसटी के चलते बाइक और स्कूटर की कीमतें कम हो गई हैं।
शनिवार को अवकाश के चलते बाजार बंद रहा था और रविवार को हमें उम्मीद है कि औसत से ज्यादा ग्राहक आएंगे। उधर, इसी तरह रोजमर्रा की जरूरतों के कुछ सामानों की कीमतों में भी उतार-चढ़ाव हो रहा है।
जीएसटी के चलते होटल और रेस्टोरेंट में खाना मंहगा हो गया है, मगर इसका असर पहले दिन नहीं दिखाई दिया। हालांकि माना जा रहा है कि वीकेंड के चलते लोग रेस्टोरेंट में पहुंचे और आगे इसका असर दिखाई दे।
घंटाघर स्थित रेस्टोरेंट के संचालक लवलीन ने बताया कि 75 लाख रुपये से कम के सालाना टर्नओवर वाले रेस्तरांओं पर 5 प्रतिशत जीएसटी लगना है। इससे भोजन करना पहले से थोड़ा सस्ता होगा।
दूसरी ओर, बिना एयर कंडीशनवाले रेस्तराओं में भोजन करना थोड़ा महंगा पड़ेगा क्योंकि पहले इन पर 6 प्रतिशत वैट लगता था, लेकिन अब जीएसटी की दर 12 प्रतिशत हो जाएगी। जहां तक बात एयर-कंडीशन वाले रेस्तरांओं की है तो यहां भी भोजन थोड़ा महंगा होने का ही अनुमान है। ऐसा इसलिए क्योंकि यहां 18 प्रतिशत जीएसटी देना होगा।
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आलम यह रहा कि शोरूम में ग्राहकों ने रुख तक नहीं किया और पूरा दिन व्यापारियों के इंतजार ही बीत गया। उधर, उपभोक्ता भी टैक्स स्लैब को लेकर असमंजस में ही रहा। उधर, अब तक व्यापारियों को पूरी तरह प्रशिक्षण नही मिल पाने के कारण वहां भी शंकाएं बढ़ती जा रही हैं।
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अंबाला रोड स्थित इलेक्ट्रानिक शोरूम पर आम दिनों में भीड़ लगी रहती थी और औसतन 20-30 आइटम की बिक्री होती थी। मगर, शनिवार को पूरे दिन में केवल दो लोग ही पूछताछ के लिए आए। वह भी सामान लेने से थोड़ा कतराते ही रहे। ऐसा ही हाल रायवाला के कपड़े की दुकानों पर भी रहा।
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उधर, असमंजस के चलते दवा कारोबार में पहले दिन किल्लत का पूरा असर दिखाई दिया। ज्यादातर दवाएं बाजार में अब भी उपलब्ध नहीं रही। रायवाला मार्केट के कपड़ा कारोबारी राधेश्याम नारंग का कहना है कि जीएसटी को लेकर नो व्यापारी सहमत है और ना ही ग्राहक।
सरकार विभागों ने इसका प्रचार प्रसार नहीं किया और यही कारण है कि लोग असमंजस में हैं। मोटरसाइकिल शोरुम के मालिक अजय वर्मा बताते हैं कि जीएसटी के चलते बाइक और स्कूटर की कीमतें कम हो गई हैं।
शनिवार को अवकाश के चलते बाजार बंद रहा था और रविवार को हमें उम्मीद है कि औसत से ज्यादा ग्राहक आएंगे। उधर, इसी तरह रोजमर्रा की जरूरतों के कुछ सामानों की कीमतों में भी उतार-चढ़ाव हो रहा है।
जीएसटी के चलते होटल और रेस्टोरेंट में खाना मंहगा हो गया है, मगर इसका असर पहले दिन नहीं दिखाई दिया। हालांकि माना जा रहा है कि वीकेंड के चलते लोग रेस्टोरेंट में पहुंचे और आगे इसका असर दिखाई दे।
घंटाघर स्थित रेस्टोरेंट के संचालक लवलीन ने बताया कि 75 लाख रुपये से कम के सालाना टर्नओवर वाले रेस्तरांओं पर 5 प्रतिशत जीएसटी लगना है। इससे भोजन करना पहले से थोड़ा सस्ता होगा।
दूसरी ओर, बिना एयर कंडीशनवाले रेस्तराओं में भोजन करना थोड़ा महंगा पड़ेगा क्योंकि पहले इन पर 6 प्रतिशत वैट लगता था, लेकिन अब जीएसटी की दर 12 प्रतिशत हो जाएगी। जहां तक बात एयर-कंडीशन वाले रेस्तरांओं की है तो यहां भी भोजन थोड़ा महंगा होने का ही अनुमान है। ऐसा इसलिए क्योंकि यहां 18 प्रतिशत जीएसटी देना होगा।