सहारनपुर। गैर इरादतन हत्या का दोषी पाए जाने पर ग्राम मियानगी थाना बड़गांव निवासी अरुण को अपर सत्र न्यायाधीश परितोष श्रेष्ठ ने दस साल की सजा व 25 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया है। अरुण ने 11 साल पहले पांच साल के बालक की हत्या की थी।
अभियोजन के अनुसार 25 नवंबर 2011 को ग्राम मियानगी निवासी राजेश का पांच साल का बेटा सेवक स्कूल में पढ़ने गया था। जब सेवक वापस नहीं लौटा तो घर वालों ने उसकी खोजबीन की, लेकिन वह नहीं मिला। जानकारी करने पर कुछ ग्रामीणों ने बताया की स्कूल जाते वक्त सेवक को गांव में ही रहने वाला अरुण साइकिल पर कहीं ले गया था। जब अरुण से मालुमात की तो पता चला कि अरुण ने सेवक की हत्या कर दी है और शव खेत में पड़ा हुआ है। अरुण ने शव बरामद करा दिया। बताया गया कि राजेश की बेटी से अरुण शादी करना चाहता था, मगर परिजनों ने इंकार कर दिया था। इसी रंजिश में उसने मासूम सेवक की हत्या की। घटना की रिपोर्ट राजेश ने थाना बड़गांव में दर्ज कराते हुए अरुण को आरोपी बनाया था। पुलिस ने विवेचना उपरांत अरुण के खिलाफ धारा हत्या और सबूत नष्ट करने में आरोप पत्र पेश किया। सहायक शासकीय अधिवक्ता मैनपाल सिंह ने बताया कि अदालत ने मामले की सुनवाई के उपरांत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अरुण को गैर इरादतन हत्या का दोषी पाते हुए 10 साल की सजा व 25 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड में से 20 हजार रुपये मृतक के पिता को मिलेंगे।