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बरसी के मंदिर पर महाशिवरात्रि की तैयारियां शुरू
ब्यूरो/अमर उजाला, नानौता
Updated Tue, 21 Feb 2017 12:23 AM IST
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ग्राम बरसी में स्थित महाभारत कालीन शिव मंदिर पर महाशिवरात्रि की तैयारियां शुरू हो गई हैं। महाशिवरात्रि पर बरसी में विशाल मेला लगता है। महाशिवरात्रि पर यह जिले का सबसे बड़ा मेला होता है। इस मंदिर का मुख्य द्वार पश्चिम दिशा में है।
नानौता से करीब पांच किलोमीटर दूर स्थित बरसी गांव में महाभारत कालीन शिव मंदिर है। स्थानीय निवासी डॉ. योगेश योगी ने बताया कि इस मंदिर की सबसे बड़ी खासियत इसका मुख्य द्वार पश्चिम दिशा में होना है जबकि बाकी हिंदू धर्म स्थलों के मुख्य द्वार पूर्व दिशा में होता हैं।
डॉ. योगी के मुताबिक इसको लेकर किवदंती है कि इस मंदिर का निर्माण महाभारत काल में दुर्योधन ने कराया गया था। तब इसका द्वार पूर्व दिशा में ही था लेकिन बाद में भीम ने अपनी गदा से इसका मुख्य द्वार पूर्व दिशा से पश्चिम दिशा में घुमा दिया था। यही इस मंदिर की सबसे बड़ी खासियत मानी जाती है।
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हर साल महाशिवरात्रि पर यहां लाखों की संख्या में श्रद्धालु आते हैं। यूपी के साथ ही उत्तराखंड, दिल्ली और हरियाणा आदि प्रदेशों से बड़ी संख्या में भक्त यहां आकर मन्नत मांगते हैं। डॉ. दीपा सिंह ने बताया कि यहां पर सच्चे मन से मांगी गई सभी मन्नतें पूरी होती हैं। मन्नत पूरी होने पर कद्दू - भेली (गुड्ड) का प्रसाद चढ़ाया जाता है।
नानौता-तीतरो और गंगोह की ओर से बरसी महादेव मंदिर तक पहुंचा जा सकता है। नानौता और गंगोह की ओर से आने वाले श्रद्धालु टिकरौल गांव से रजवाहे की पटरी से मंदिर तक पहुंच सकते हैं। तीतरों की ओर से आने वाले श्रद्धालु मनोहरा गांव से आगे रजवाहे की पुलिया से बरसी गांव में पहुंच सकते हैं। मंदिर के पास ही वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था रहती है।
समनदास जी महाराज की शोभायात्रा निकाली
रामपुर मनिहारान। संत शिरोमणी सतगुरु रविदास एजूकेशनल चैरिटेबल ट्रस्ट की ओर से नगर में स्वामी समन दास महाराज की भव्य शोभा यात्रा निकाली गई। शोभा यात्रा का जगह जगह पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया।
गांव मुकंदपुर स्थिति संत रविदास मंदिर पर संत बालेश दास जी की 51 दिवसीय चल रही खड़ी तपस्या के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम के दौरान स्वामी समनदास जी महाराज की शोभा यात्रा का बैंडबाजों के साथ दिल्ली रोड शहरी पुल से शुभारंभ किया गया। शोभा यात्रा दिल्ली रोड से होती हुई मेन बाजार, पुराना पीएनबी चौक, मोहल्ला टाल, इस्लामनगर रोड से होती हुई गांव मुकंदपुर स्थित संत रविदार मंदिर पर पहुंच कर संपन्न हुई।
शोभा यात्रा का मार्ग में कई स्थानों पर स्वागत किया गया। संत राजपाल दास, संत अजब दास, संत मेघराज, संत साईदास, अर्जुन दास, चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष संत सूरज दास, चेयरमैन के प्रतिनिधि प्रदीप चौधरी, अमित उर्फ छोटू सैनी, राकेश दास, सुरेश सैनी, शिव कुमार, अशोक कुमार, रामपाल सिंह, सत्यपाल सिंह, चौधरी नौरंग सिंह, सुंदर सिंह, नसीम आजाद शामिल रहे।
सड़कों पर गूंज रहे बम-बम के जयकारे
गागलहेड़ी। महाशिवरात्रि पर्व पर हरिद्वार से पवित्र गंगाजल लेकर वापसी करने वाले कांवड़ियों की संख्या बढ़ने लगी है। कस्बे के प्राचीन शिव मंदिर में कांवड़ियों के आराम की व्यवस्था की गई है। अन्य प्रदेशों से आने वाले कांवड़िए हरिद्वार से पवित्र गंगाजल लेकर वापस जाना शुरू हो गए हैं। इस वर्ष महाशिवरात्रि पर भगवान आशुतोष का जलाभिषेक करने के लिए पवित्र गंगाजल लेकर जाने वालों की संख्या में काफी इजाफा हुआ है।
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नानौता से करीब पांच किलोमीटर दूर स्थित बरसी गांव में महाभारत कालीन शिव मंदिर है। स्थानीय निवासी डॉ. योगेश योगी ने बताया कि इस मंदिर की सबसे बड़ी खासियत इसका मुख्य द्वार पश्चिम दिशा में होना है जबकि बाकी हिंदू धर्म स्थलों के मुख्य द्वार पूर्व दिशा में होता हैं।
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डॉ. योगी के मुताबिक इसको लेकर किवदंती है कि इस मंदिर का निर्माण महाभारत काल में दुर्योधन ने कराया गया था। तब इसका द्वार पूर्व दिशा में ही था लेकिन बाद में भीम ने अपनी गदा से इसका मुख्य द्वार पूर्व दिशा से पश्चिम दिशा में घुमा दिया था। यही इस मंदिर की सबसे बड़ी खासियत मानी जाती है।
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हर साल महाशिवरात्रि पर यहां लाखों की संख्या में श्रद्धालु आते हैं। यूपी के साथ ही उत्तराखंड, दिल्ली और हरियाणा आदि प्रदेशों से बड़ी संख्या में भक्त यहां आकर मन्नत मांगते हैं। डॉ. दीपा सिंह ने बताया कि यहां पर सच्चे मन से मांगी गई सभी मन्नतें पूरी होती हैं। मन्नत पूरी होने पर कद्दू - भेली (गुड्ड) का प्रसाद चढ़ाया जाता है।
नानौता-तीतरो और गंगोह की ओर से बरसी महादेव मंदिर तक पहुंचा जा सकता है। नानौता और गंगोह की ओर से आने वाले श्रद्धालु टिकरौल गांव से रजवाहे की पटरी से मंदिर तक पहुंच सकते हैं। तीतरों की ओर से आने वाले श्रद्धालु मनोहरा गांव से आगे रजवाहे की पुलिया से बरसी गांव में पहुंच सकते हैं। मंदिर के पास ही वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था रहती है।
समनदास जी महाराज की शोभायात्रा निकाली
रामपुर मनिहारान। संत शिरोमणी सतगुरु रविदास एजूकेशनल चैरिटेबल ट्रस्ट की ओर से नगर में स्वामी समन दास महाराज की भव्य शोभा यात्रा निकाली गई। शोभा यात्रा का जगह जगह पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया।
गांव मुकंदपुर स्थिति संत रविदास मंदिर पर संत बालेश दास जी की 51 दिवसीय चल रही खड़ी तपस्या के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम के दौरान स्वामी समनदास जी महाराज की शोभा यात्रा का बैंडबाजों के साथ दिल्ली रोड शहरी पुल से शुभारंभ किया गया। शोभा यात्रा दिल्ली रोड से होती हुई मेन बाजार, पुराना पीएनबी चौक, मोहल्ला टाल, इस्लामनगर रोड से होती हुई गांव मुकंदपुर स्थित संत रविदार मंदिर पर पहुंच कर संपन्न हुई।
शोभा यात्रा का मार्ग में कई स्थानों पर स्वागत किया गया। संत राजपाल दास, संत अजब दास, संत मेघराज, संत साईदास, अर्जुन दास, चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष संत सूरज दास, चेयरमैन के प्रतिनिधि प्रदीप चौधरी, अमित उर्फ छोटू सैनी, राकेश दास, सुरेश सैनी, शिव कुमार, अशोक कुमार, रामपाल सिंह, सत्यपाल सिंह, चौधरी नौरंग सिंह, सुंदर सिंह, नसीम आजाद शामिल रहे।
सड़कों पर गूंज रहे बम-बम के जयकारे
गागलहेड़ी। महाशिवरात्रि पर्व पर हरिद्वार से पवित्र गंगाजल लेकर वापसी करने वाले कांवड़ियों की संख्या बढ़ने लगी है। कस्बे के प्राचीन शिव मंदिर में कांवड़ियों के आराम की व्यवस्था की गई है। अन्य प्रदेशों से आने वाले कांवड़िए हरिद्वार से पवित्र गंगाजल लेकर वापस जाना शुरू हो गए हैं। इस वर्ष महाशिवरात्रि पर भगवान आशुतोष का जलाभिषेक करने के लिए पवित्र गंगाजल लेकर जाने वालों की संख्या में काफी इजाफा हुआ है।