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सहारनपुर बवाल में थाने पर महिलाओं का हल्ला बोल
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Sun, 25 Jun 2017 12:26 AM IST
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थाने पर पुलिस से उलझती महिलाएं।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सहारनपुर के बड़गांव के शब्बीरपुर जातीय हिंसा में गलत नामजदगी के आरोप लगा गांव निवासी ठाकुर पक्ष की सैकड़ों महिलाओं ने थाने पर घेराव करते हुए घंटों जमकर हंगामा काटा। प्रदर्शनकारी महिलाओं ने थाने पर मौजूद एसपी देहात से जेल गए बेगुनाहों की शीघ्र रिहाई की मांग भी की।
शनिवार को ट्रैक्टर ट्रालियों में बैठ कर थाने पहुंची शब्बीरपुर की सैकड़ों महिलाओं ने थाने का घेराव करते हुए पुलिस पर एक पक्षीय कार्रवाई करने का आरोप लगाया।
उन्होंने मौके पर मौजूद एसपी देहात विद्या सागर मिश्रा से पुलिस द्वारा ठाकुर पक्ष के बेगुनाह जेल भेजे गए लोगों को शीघ्र रिहा किये जाने की मांग की। आरोप लगाया कि पुलिस प्रशासन की एक पक्षीय कार्रवाई चलते उक्त प्रकरण में केवल दलित समाज की ही सुनवाई की जा रही है।
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जबकि इसमें शुरू से लेकर आज तक राजपूत समाज की कोई भी सुनवाई नहीं हुई। थाने पहुंची महिलाओं ने एसपी देहात से कहा कि पांच मई को हुए झगडेे़ में उनकी कोई गलती नहीं, िफर भी पढ़ने लिखने वाले बच्चों को जेल भेज दिया।
एसपी देहात ने महिलाओं को समझा बुझाकर शांत किया। उन्होंने भरोसा दिलाया कि निष्पक्ष जांच की जा रही है। जो भी निर्दोष होगा वह हर हाल में जेल से छुटेगा।
इस दौरान थाने पर आरएएफ सहित भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा। इससे पूर्व महिलाओं ने एसपी देहात को एक ज्ञापन भी सौंपा, लेकिन गांव लौटते समय महिलाएं अपने द्वारा दिए गए ज्ञापन को भी वापस ले गई।
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शनिवार को ट्रैक्टर ट्रालियों में बैठ कर थाने पहुंची शब्बीरपुर की सैकड़ों महिलाओं ने थाने का घेराव करते हुए पुलिस पर एक पक्षीय कार्रवाई करने का आरोप लगाया।
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उन्होंने मौके पर मौजूद एसपी देहात विद्या सागर मिश्रा से पुलिस द्वारा ठाकुर पक्ष के बेगुनाह जेल भेजे गए लोगों को शीघ्र रिहा किये जाने की मांग की। आरोप लगाया कि पुलिस प्रशासन की एक पक्षीय कार्रवाई चलते उक्त प्रकरण में केवल दलित समाज की ही सुनवाई की जा रही है।
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जबकि इसमें शुरू से लेकर आज तक राजपूत समाज की कोई भी सुनवाई नहीं हुई। थाने पहुंची महिलाओं ने एसपी देहात से कहा कि पांच मई को हुए झगडेे़ में उनकी कोई गलती नहीं, िफर भी पढ़ने लिखने वाले बच्चों को जेल भेज दिया।
एसपी देहात ने महिलाओं को समझा बुझाकर शांत किया। उन्होंने भरोसा दिलाया कि निष्पक्ष जांच की जा रही है। जो भी निर्दोष होगा वह हर हाल में जेल से छुटेगा।
इस दौरान थाने पर आरएएफ सहित भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा। इससे पूर्व महिलाओं ने एसपी देहात को एक ज्ञापन भी सौंपा, लेकिन गांव लौटते समय महिलाएं अपने द्वारा दिए गए ज्ञापन को भी वापस ले गई।