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आसमान से रखेंगे तालाबों पर नजर

Sat, 17 Jul 2021 11:54 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 17 Jul 2021 11:54 PM IST
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Keep an eye on the ponds from the sky
सहारनपुर। तालाबों पर अवैध कब्जे रोकने के लिए जमीन से काम नहीं चल पा रहा है, इसलिए अब इस पर आसमान से नजर रखी जाएगी। नगर निगम तालाबों की जियो टैगिंग कर रहा है, जिसके बाद तालाबों का पूरा रिकॉर्ड ऑनलाइन दर्ज रहेगा और सैटेलाइट के जरिए तालाबों पर नजर रखी जाएगी। यह बात अलग है कि धरातल से निगरानी कमजोर होने के कारण ही तालाबों की जमीन पर अवैध कब्जे हैं।
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नगर निगम बनने से पहले शहर में 11 तालाब थे, लेकिन 32 गांवों को शहर में जोड़ने के बाद तालाबों की संख्या 160 से अधिक हो चुकी है। शासन के आदेश पर नगर निगम तालाबों को पुनर्जीवित करा रहा है। जहां तालाबों पर कब्जे हैं, वहां तालाबों को कब्जा मुक्त कराकर उसकी पैमाइश कराने के बाद जियो टैग कराया जा रहा है।
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तालाबों की जियो टैगिंग करा रहे सहायक नगरायुक्त अशोक प्रिय गौतम ने बताया कि 147 तालाबों को जियो टैग किया जा चुका है। जियो टैग होने के बाद तालाबों का रिकॉर्ड ऑनलाइन हो चुका है। यदि किसी तालाब के बारे में कुछ भी जानना है तो स्मार्ट फोन पर भी तालाब का पूरा रिकॉर्ड देखा जा सकता है। अब रजिस्टर या फाइलें साथ लेकर चलने की जरूरत नहीं है। इसके अलावा तालाबों पर सैटेलाइट से भी नजर रखी जाएगी। उन्होंने बताया कि अभी भी कुछ तालाबों पर कब्जा होने की सूचना मिल रही है, जिनको चिह्नित किया जा रहा है। जल्द ही उन्हें भी कब्जा मुक्त कराकर निगम कब्जे में लिया जाएगा और जियो टैगिंग कराई जाएगी।
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निगम की तैयारी से कब्जा धारियों में बेचैनी
नगर निगम ने 110 तालाबों का जीर्णोद्धार करने की योजना तैयार की है। पहले चरण में 22 तालाबों का जीर्णोद्धार और सुंदरीकरण होना है, जिसकी शुरुआत चार जुलाई को की जा चुकी है। हलालपुर, सड़क दूधली, चक देवली और हसनपुर के तालाबों पर काम होना है। चक देवली स्थित तालाब की जमीन पर कई कब्जे हैं। तालाब का जीर्णोद्धार होना है तो, कब्जाधारियों में बेचैनी है। वार्ड नंबर आठ में ही एक अन्य तालाब भी है, जिस पर बीते करीब आठ साल से पेड़ खड़े हैं। तालाब का अस्तित्व खत्म हो चुका है।
100 से अधिक तालाबों से हटवाए कब्जे
निगम का दावा है कि करीब 100 से अधिक तालाबों पर कब्जे थे, जिनमें लोगों ने पक्के निर्माण के साथ ही उपले, कूड़ा आदि डालने के स्थान बनाए हुए थे। उन सभी को हटवाया गया है। फिलहाल करीब 15 से 20 तालाबों पर कब्जे हैं, जिनको चिह्नित किया जा चुका है। जल्द ही कब्जामुक्त कराने की कार्रवाई होगी।
जियो टैगिंग मेटाडेटा के रूप में जियोग्राफिक जानकारी को विभिन्न मीडिया में जोड़ने की प्रक्रिया है। डेटा में आमतौर पर लैटिट्यूड और लांगीट्यूड जैसे निर्देशांक होते हैं, इसमें ऊंचाई, दूरी और स्थान के नाम भी शामिल होते हैं। जियो टैगिंग का उपयोग आमतौर पर तस्वीरों के लिए किया जाता है और इससे बहुत सी विशिष्ट जानकारी प्राप्त करने में मदद मिलती है और सटीक स्थान का पता चलता है। सैटेलाइट से निगरानी के लिए जूम करके बेहद नजदीक की फोटोे देखी जा सकती है।

तालाबों को पुनर्जीवित करना प्रकृति के लिए भी बेहद जरूरी है। शासन तालाबों को लेकर पूरी तरह गंभीर है। तालाबों को कब्जामुक्त कराकर उनका जीर्णोद्धार और सुंदरीकरण कराया जा रहा है। जिन तालाबों पर अब भी कब्जा है, उन्हें जल्द कब्जा मुक्त कराया जाएगा। -- ज्ञानेंद्र सिंह, नगरायुक्त।
जिले भर में तालाबों की स्थिति
तहसील कुल तालाब अवैध कब्जे हटवाए कब्जे
सदर 1835 353 259
नकुड़ 1190 252 95
देवबंद 1241 328 152
बेहट 545 90 48
रामपुर मनिहारान 1231 457 233
योग 6042 1480 787
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