देवबंद (सहारनपुर)। नागरिकता संशोधन कानून और एनआरसी के विरोध में मंगलवार को जमीयत उलमा-ए-हिंद ईदगाह मैदान में धरना प्रदर्शन किया और 350 गिरफ्तारियां दीं। जिन्हें मौके पर ही छोड़ दिया गया। इस दौरान सीएए के विरोध प्रदर्शन के दौरान मारे गए लोगों को खिराज-ए-अकीदत (श्रद्धांजलि) देने के लिए धरना स्थल पर कुरआन ख्वानी का आयोजन भी किया गया।
मंगलवार को हुए जमीयत उलमा-ए-हिंद (मौलाना महमूद मदनी गुट) के धरना प्रदर्शन में जिलाध्यक्ष मौलाना जहूर अहमद ने कहा कि भारत संवैधानिक मुल्क है और संविधान किसी मजहब के आधार पर नहीं है। वर्ग विशेष को परेशान करने के लिए केंद्र सरकार ने नागरिकता कानून को लागू किया है। उन्होंने कहा कि जमीयत तब तक इसका विरोध करेगी जब तक सरकार इस काले कानून को वापस नहीं ले लेती। जिला सचिव जहीन अहमद ने सीएए और एनआरसी को काला कानून बताते हुए कहा कि इस कानून को मानने का सवाल ही पैदा नहीं होता, विरोध प्रदर्शन और गिरफ्तारियों का सिलसिला तब तक जारी रहेगा जब तक इसे वापस नहीं ले लिया जाता। जमीयत यूथ क्लब के अध्यक्ष इस्माईल कुरैशी ने कहा कि संविधान ने सबको बराबरी का हक दिया हुआ है। मगर कुछ लोग संख्या बल के आधार पर अपना एजेंडा चलाना चाहते हैं जिसे किसी भी सूरत में कबूल नहीं किया जाएगा। इससे उपरांत विरोध प्रदर्शन के दौरान मारे गए लोगों को खिराज-ए-अकीदत पेश करने के लिए कुरआन ख्वानी की गई तथा मुल्क में अमनो अमान व कानून वापसी के लिए दुआ की गई। इस दौरान अंबहेटा शेखां, शेखपुरा कदीम, रामपुर मनिहारान के अंबहेटा चांद, अंबहेटा मोहन के लोगों ने मौलाना सरताज के नेतृत्व में गिरफ्तारी दी। जिन्हें एसडीएम राकेश कुमार ने मौके पर ही छोड़ दिया। अध्यक्षता मौलाना जहूर कासमी व संचालन मौलवी महमूद ने किया। इस मौके पर नगर अध्यक्ष मौलाना इब्राहीम कासमी, उमैर उस्मानी, मो. जीशान, मौलाना असलम, मौलवी फरहान, हाफिज रिजवान आदि मौजूद रहे। उधर, जमीयत के विरोध प्रदर्शन के चलते धरनास्थल के आसपास भारी पुलिस बल तैनात किया गया था।

जमीयत के कार्यक्रम स्थल पर तैनात पुलिस बल- फोटो : DEVBAND