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आधी रात होते ही शुरू हो जाता है जलाभिषेक

Sat, 26 Feb 2022 11:56 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 26 Feb 2022 11:56 PM IST
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Jalabhishek starts as soon as midnight
ऐतिहासिक शिव मन्दिर बरसी की सीढ़ियां - फोटो : SAHARANPUR
सहारनपुर/ तीतरो। फाल्गुन माह की कृष्ण चतुर्दशी को मनाए जाने वाले महाशिवरात्रि पर्व पर प्राचीन महाभारतकालीन शिव मंदिर बरसी में देशभर से श्रद्धालु पहुंच कर अपने आराध्य भगवान आशुतोष का जलाभिषेक करते हैं। कांवड़िये और अन्य श्रद्धालु आधी रात से पहले ही लाइनों में लग जाते हैं। घड़ी द्वारा ठीक 12 का समय बजाते ही बोल बम-बोल बम-बम-बम के जयकारों के बीच मंदिर में जलाभिषेक शुरू हो जाता है। इस बार एक मार्च को महाशिवरात्रि का पर्व पड़ रहा है। महाशिवरात्रि पर्व पर प्रत्येक वर्ष तीन दिवसीय मेला भी मंदिर परिसर में भरता है। जो महाशिवरात्रि से शुरू होकर तीन दिनों तक चलता है। मेले में खेल खिलौनों की दुकानें, बच्चों और महिलाओं के मनोरंजन के लिए झूलों और हिंडालों की भी व्यवस्था होती है। मेले में दंगल भी भरता है, जिसमें दूसरे प्रदेशों से भी पहलवान आ कर अपना दम खम दिखाते हैं। मंदिर कमेटी द्वारा मेले की तैयारी शुरू कर दी गई है। यहां देश भर के विभिन्न हिस्सों से लाखों श्रद्धालु आकर भगवान शिव का जलाभिषेक कर आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।
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अज्ञातवास में महाबली भीम ने किया था निर्माण
इस मंदिर के निर्माण के बारे में किवदंती है कि इसका निर्माण अज्ञातवास के दौरान पांडव पुत्र महाबली भीम ने एक ही रात में अपनी पूजा अर्चना के बल पर किया था। इस मंदिर का मुख्य द्वार दक्षिण दिशा में हो गया जो हिंदू मान्यताओं के अनुसार ठीक नहीं माना जाता। बताया जाता है कि तब भीम ने भगवान श्रीकृष्ण की आराधना कर उनसे ही आशीर्वाद प्राप्त किया था कि यह मंदिर इसी दिशा में होकर भी सभी शिव भक्तों का कल्याण करेगा और जो यहां सच्चे मन से अपनी मनोकामना लेकर आएगा वह पूर्ण होगी।
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मन्नत पूरी होने पर चढ़ाते हैं गुड़ की भेली और कद्दू का प्रसाद
शिव मंदिर बरसी के पुजारी नरेंद्र गिरी ने बताया कि महाशिवरात्रि पर्व के दौरान हरियाणा, उत्तराखंड, दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के दूर दराज क्षेत्र की श्रद्धालु अपने नवजात शिशु, नवविवाहिता जोड़ों के साथ अपनी मन्नतें पूरी हो जाने पर गुड़ की भेली व कद्दू का प्रसाद चढ़ाने के लिए आते हैं। आस पास के गांवों के नवविवाहित जोड़े सफल दांपत्य जीवन की मनोकामना लेकर सर्वप्रथम भगवान आशुतोष के मंदिर में मत्था टेक उनका आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।
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पर्यटन संवर्धन योजना के तहत 50 लाख से हो रहा जीर्णोद्धार
शिव मंदिर बरसी के नाम पर ग्राम सभा ने करीब 65 बीघा भूमि आवंटित की हुई है। मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए एक साल पहले सीएम योगी ने पर्यटन संवर्धन योजना के तहत 49.91 लाख रुपये जारी कर इसका सुंदरीकरण कराने की पहल की थी। मंदिर के सुंदरीकरण का कार्य करीब चार माह पूर्व ही शुरू हो सका था, जो चल रहा है।

बरसी के प्राचीन शिव मन्दिर का ऐतिहासिक शिवलिंग

बरसी के प्राचीन शिव मन्दिर का ऐतिहासिक शिवलिंग- फोटो : SAHARANPUR

शिव मन्दिर का दक्षिणमुखी मुख्यद्वार

शिव मन्दिर का दक्षिणमुखी मुख्यद्वार- फोटो : SAHARANPUR

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