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Saharanpur News: 4.30 लाख रुपयों की जांच, तब खुला 17 करोड़ का गबन
Tue, 01 Sep 2026 12:44 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Tue, 01 Sep 2026 12:44 AM IST
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सहारनपुर। पंजाब नेशनल बैंक की करेंसी चेस्ट में करीब 17 करोड़ रुपये के गबन का मामला 4.30 लाख रुपये से खुला है। चेस्ट से 11.50 करोड़ रुपये जयपुर ऑफिस भेजे गए थे। इसमें साढ़े चार लाख रुपये कम निकले। इसके बाद ही बैंक मुख्यालय से टीम सहारनपुर पहुंची।
पंजाब नेशनल बैंक की जिलेभर में तकरीबन 72 शाखाएं हैं। बैंक की दो करेंसी चेस्ट है। इनमें से एक घंटाघर के नजदीक सोफिया मार्केट में हैं। दूसरी करेंसी चेस्ट गंगोह में हैं। इन्हीं दोनों करेंसी चेस्ट में रुपये जमा और निकासी होती है। घंटाघर स्थित करेंसी चेस्ट में ही फर्जी नोट पकड़े गए हैं। मामला तब पकड़ में आया जब पांच अगस्त से करेंसी चेस्ट से 11.50 करोड़ रुपये आरबीआई की जयपुर स्थित ऑफिस में भेजे गए। इसमें सड़े, गले, कटे-फटे आदि नोट थे। बैंक की ओर से नोट तो जमा कर दिए गए। इसके बाद जयपुर में अधिकारियों ने जमा हुए नोटों में 4,30,900 रुपये कम होने के जानकारी मेरठ ऑफिस को दी गई। इसके बाद मेरठ से टीम ने आकर करेंसी चेस्ट में जांच-पड़ताल की। जांच-पड़ताल के दौरान ही फर्जी नोट पकड़ में आए। फर्जी नोट के मिलने के बाद बैंक के स्थानीय अधिकारियों से लेकर दिल्ली स्थित मुख्यालय तक उच्चाधिकारी अलर्ट हो गए। करेंसी चेस्ट में जाली नोट मिलने के बाद मेरठ और दिल्ली मुख्यालय से टीम ने करेंसी चेस्ट में ऑडिट जारी है।
- पहले 7.40 करोड़ रुपये गये पकड़े
सोफिया मार्केट स्थित पीएनबी की करेंसी चेस्ट में जांच टीम ने डेरा डाल रखा है। करेंसी चेस्ट में जमा एक-एक नोट को टीम द्वारा जांचा जा रहा है। शुरुआती जांच में 7.40 करोड रुपये मूल्य के जाली नोट पकड़े गए। टीम ने जैसे-जैसे जांच को आगे बढ़ाया यह संख्या बढ़ती चली गई। सोमवार देर रात तक टीम को जांच के दौरान करीब 17 करोड रुपए मूल्य के जाली नोट मिले हैं। माना जा रहा है कि चेस्ट में जमा किए गए फर्जी नोटों की संख्या और धनराशि बढ़ सकती है। करेंसी चेस्ट से फरवरी में राशि को भेजा गया था। इसके बाद अगस्त में राशि भेजी गई। टीम पिछले चार-पांच दिनों से करेंसी चेस्ट में जांच पड़ताल कर रही है।
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- फर्जी नोटों की कहां हुई छपाई, पता लगाने में जुटे बैंक-पुलिस
करेंसी चेस्ट में इतनी बड़ी संख्या में जाली नोट मिलना गंभीर मामला है। बैंकों में हर नोट के जमा होने से पहले उसकी जांच-पड़ताल की जाती है। चेस्ट में जमा हुए जाली नोट कहां से आए और उनकी छपाई कहां हुई। यह जाली करेंसी आखिर कैसे चेस्ट के अंदर तक पहुंच गई। इन सभी सवालों का जवाब पुलिस और बैंक अधिकारियों को तलाशने होंगे।
- कहीं बड़ा नेटवर्क तो नहीं कर रहा काम
करेंसी चेस्ट से हर दिन लाखों-करोड़ो रुपये का लेनदेन होता है। कैश जमा भी होता है और बैंकों की शाखाओं को भेजा भी जाता है। ऐसे में इन जाली नोटों को किस स्तर पर असली नोटों के बंडल में डाला गया। इसकी भी जांच की जा रही है। इतनी बड़ी संख्या में जाली नोट की छपाई स्थानीय स्तर पर संभव नहीं लगती। ऐसे में इस पूरे खेल के पीछे कोई बड़ा नेटवर्क तो काम नहीं कर रहा। इसकी भी जांच की जा रही है। फर्जी नोट छापने के लिए कागज, स्याही समेत अन्य संसाधनों की आवश्यकता है। इस खेल में और कौन शामिल है। इस पहलू पर भी जांच जारी है।
-वर्जन
चेस्ट में जाली नोट मिलने के बाद मुख्यालय से टीम आई है। टीम की जांच जारी है। प्रथम दृष्टया दोषी अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज कराई गई है। इसके साथ ही तीन अधिकारी निलंबित कर दिए गए। पार्ट टाइम हाउस कीपर को हटा दिया गया।
- निशा सिंह, मुख्य बैंक प्रबंधक, पीएनबी।
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पंजाब नेशनल बैंक की जिलेभर में तकरीबन 72 शाखाएं हैं। बैंक की दो करेंसी चेस्ट है। इनमें से एक घंटाघर के नजदीक सोफिया मार्केट में हैं। दूसरी करेंसी चेस्ट गंगोह में हैं। इन्हीं दोनों करेंसी चेस्ट में रुपये जमा और निकासी होती है। घंटाघर स्थित करेंसी चेस्ट में ही फर्जी नोट पकड़े गए हैं। मामला तब पकड़ में आया जब पांच अगस्त से करेंसी चेस्ट से 11.50 करोड़ रुपये आरबीआई की जयपुर स्थित ऑफिस में भेजे गए। इसमें सड़े, गले, कटे-फटे आदि नोट थे। बैंक की ओर से नोट तो जमा कर दिए गए। इसके बाद जयपुर में अधिकारियों ने जमा हुए नोटों में 4,30,900 रुपये कम होने के जानकारी मेरठ ऑफिस को दी गई। इसके बाद मेरठ से टीम ने आकर करेंसी चेस्ट में जांच-पड़ताल की। जांच-पड़ताल के दौरान ही फर्जी नोट पकड़ में आए। फर्जी नोट के मिलने के बाद बैंक के स्थानीय अधिकारियों से लेकर दिल्ली स्थित मुख्यालय तक उच्चाधिकारी अलर्ट हो गए। करेंसी चेस्ट में जाली नोट मिलने के बाद मेरठ और दिल्ली मुख्यालय से टीम ने करेंसी चेस्ट में ऑडिट जारी है।
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- पहले 7.40 करोड़ रुपये गये पकड़े
सोफिया मार्केट स्थित पीएनबी की करेंसी चेस्ट में जांच टीम ने डेरा डाल रखा है। करेंसी चेस्ट में जमा एक-एक नोट को टीम द्वारा जांचा जा रहा है। शुरुआती जांच में 7.40 करोड रुपये मूल्य के जाली नोट पकड़े गए। टीम ने जैसे-जैसे जांच को आगे बढ़ाया यह संख्या बढ़ती चली गई। सोमवार देर रात तक टीम को जांच के दौरान करीब 17 करोड रुपए मूल्य के जाली नोट मिले हैं। माना जा रहा है कि चेस्ट में जमा किए गए फर्जी नोटों की संख्या और धनराशि बढ़ सकती है। करेंसी चेस्ट से फरवरी में राशि को भेजा गया था। इसके बाद अगस्त में राशि भेजी गई। टीम पिछले चार-पांच दिनों से करेंसी चेस्ट में जांच पड़ताल कर रही है।
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- फर्जी नोटों की कहां हुई छपाई, पता लगाने में जुटे बैंक-पुलिस
करेंसी चेस्ट में इतनी बड़ी संख्या में जाली नोट मिलना गंभीर मामला है। बैंकों में हर नोट के जमा होने से पहले उसकी जांच-पड़ताल की जाती है। चेस्ट में जमा हुए जाली नोट कहां से आए और उनकी छपाई कहां हुई। यह जाली करेंसी आखिर कैसे चेस्ट के अंदर तक पहुंच गई। इन सभी सवालों का जवाब पुलिस और बैंक अधिकारियों को तलाशने होंगे।
- कहीं बड़ा नेटवर्क तो नहीं कर रहा काम
करेंसी चेस्ट से हर दिन लाखों-करोड़ो रुपये का लेनदेन होता है। कैश जमा भी होता है और बैंकों की शाखाओं को भेजा भी जाता है। ऐसे में इन जाली नोटों को किस स्तर पर असली नोटों के बंडल में डाला गया। इसकी भी जांच की जा रही है। इतनी बड़ी संख्या में जाली नोट की छपाई स्थानीय स्तर पर संभव नहीं लगती। ऐसे में इस पूरे खेल के पीछे कोई बड़ा नेटवर्क तो काम नहीं कर रहा। इसकी भी जांच की जा रही है। फर्जी नोट छापने के लिए कागज, स्याही समेत अन्य संसाधनों की आवश्यकता है। इस खेल में और कौन शामिल है। इस पहलू पर भी जांच जारी है।
-वर्जन
चेस्ट में जाली नोट मिलने के बाद मुख्यालय से टीम आई है। टीम की जांच जारी है। प्रथम दृष्टया दोषी अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज कराई गई है। इसके साथ ही तीन अधिकारी निलंबित कर दिए गए। पार्ट टाइम हाउस कीपर को हटा दिया गया।
- निशा सिंह, मुख्य बैंक प्रबंधक, पीएनबी।