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अधूरा सफर, भूख और प्यास से बिलबिला रहे बच्चे

Sun, 27 Aug 2017 12:45 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर Updated Sun, 27 Aug 2017 12:45 AM IST
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Incomplete travel, hungry and thirsty babies
ट्रेनंे रद्द होने पर रेलवे स्टेशन पर भूखे आैर परेशान यात्री। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
सफर पर निकले थे, डेरा सच्चा सौदा समर्थकों की हिंसा से भड़ी चिंगारी और सफर अधर में ही रह गया। सहारनपुर में यात्री प्लेटफार्म पर उतार दिए गए। बिना किसी इंतजाम के स्टेशन पर उतारे गए तीन ट्रेनों के यात्रियों से अव्यवस्था फैल गई। न खाने का, न पेयजल का और न ठहरने का इंतजाम हुआ। बच्चे ही नहीं बड़े भी बेहाल हो गए। भूख, प्यास और गर्मी से बच्चे बिलख उठे। शहर के कुछ लोगों ने मदद की और उन्हें भोजन कराया। 
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बृहस्पतिवार को पंचकूला से भड़की हिंसा के बाद सहारनपुर में तीन ट्रेनों को खाली करा दिया गया। तीनों ट्रेनों के यात्रियों को जब रेलवे स्टेशन पर उतारा गया तो अव्यवस्था फैल गई। स्टेशन पर न तो ठहरने, न खाने और न ही पेयजल की ही कोई व्यवस्था की गई। जिससे यात्रियों का बुरा हाल हो गया।
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दो दिन से स्टेशन पर ही रहने के चलते बच्चे भूख और प्यास से तड़प उठे। जमीन पर सो कर रात तो किसी तरह से गुजार ली। लेकिन रात में छोटे-छोटे बच्चे दूध और खाने के लिए बिलखते रहे। कुछ गरीब यात्रियों के पास दो दिन से स्टेशन पर ही रहने के चलते पैसे खत्म हो गए। जिससे उनकी हालत और भी खराब हो गई। बच्चों को बिलखते देख उनके माता-पिता भी बेहाल हो गए। दुकानदार से गुहार की। सुबह कुछ समाजिक लोगों ने हाथ बढ़ाए और उनके लिए खाने की व्यवस्था की। यात्रियों आस है कि ट्रेन आए और उन्हें ले जाए। 
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फिरोजपुर जा रहे सुरजा ने बताया कि वह तो पैसे इतने लेकर चले ही नहीं थे। बच्चों के लिए दूध का इंतजाम भी नहीं कर पाए। रात भर रोते रहे। दोपहर में एक चाय वाले से दूध लेकर पिलाया है। 

बिहार से हरियाणा जा रहे रामविलास का कहना है कि दो दिन हो गए स्टेशन पर पड़े हुए। यहां तो खाने, पीने के लिए भी परेशान होना पड़ रहा है। जौनपुर से जालंधर जा रहे गोपाल ने बताया कि वह अपने बुजुर्ग पिता और बच्चों के साथ यहां दो दिन से पड़ा हुआ है। तीन बच्चे भी साथ हैं। 

उनके लिए खाने का इंतजाम करना मुश्किल हो रहा है। पता होता तो अधिक पैसे लेकर चलते। आज कुछ लोगों ने खाना बंटवाया है। सहरसा से जालंधर जा रहे अनिल का कहना है कि अब कहां जाएं, पैसे भी खत्म हो गए हैं।  व्यवस्था कराई जा रही है


स्टेशन अधीक्षक शिवपाल सिंह का कहना है कि अधिकांश यात्रियों को तो वापस ही भेजा जा रहा है। जबकि अन्य की सुरक्षा व्यवस्था कराई जा रही है। रेलवे स्टेशन पर पेयजल और भोजन की पूरी सुविधा उपलब्ध है।  
 
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