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Saharanpur News: पोर्टल की हो जानकारी तो हो समस्याओं का समाधान
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पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों की दिक्कतों के निस्तारण को शुरू किए पोर्टल की नहीं है जानकारी
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। पूर्व सैनिकों और उनके परिजनों की पेंशन व अन्य समस्याओं के निस्तारण के लिए शुरू किए पोर्टल डीईएसडब्ल्यू की जानकारी तक उन्हें नहीं है। ऐसे में पूर्व सैनिक और उनके परिवार कैसे दिक्कत का समाधान कराएं।
साढ़ौली कदीम निवासी पूर्व सूबेदार कंवरपाल सिंह का कहना है कि पेंशन संबंधी उन्हें कोई समस्या नहीं आ रही है। यदि कोई समस्या आती है तो सोल्जर बोर्ड से सहायता मिल जाती है। ज्यादातर पारिवारिक पेंशन के बारे में शिकायतें मिलती हैं। पात्रों को लंबे समय तक कार्यालय के चक्कर काटने पड़ते हैं। सहायता के लिए दिया टोल फ्री नंबर भी नहीं मिलता और शुरू किए पोर्टल की जानकारी पूर्व सैनिकों के परिजनों को नहीं है।
देवबंद के गांव रणखंडी निवासी पूर्व सैनिक दिनेश का कहना है कि भारतीय सेना ने भूतपूर्व सैनिकों की समस्याओं के समाधान के लिए चलाए पोर्टल की जानकारी ज्यादातर पूर्व सैनिकों और उनके परिजनों को नहीं है। उन्होंने केंद्र सरकार से इस पोर्टल का सभी सैनिकों को लाभ पहुंचाने को प्रचार करने की मांग की। पूर्व सैनिक गांव दल्हेड़ी निवासी सतपाल सिंह का कहना है कि उन्हें पोर्टल के बारे में जानकारी नहीं है। वे तो कोई भी समस्या होने पर सोल्जर बोर्ड में ही शिकायत दर्ज कराते हैं।
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सहारनपुर। पूर्व सैनिकों और उनके परिजनों की पेंशन व अन्य समस्याओं के निस्तारण के लिए शुरू किए पोर्टल डीईएसडब्ल्यू की जानकारी तक उन्हें नहीं है। ऐसे में पूर्व सैनिक और उनके परिवार कैसे दिक्कत का समाधान कराएं।
साढ़ौली कदीम निवासी पूर्व सूबेदार कंवरपाल सिंह का कहना है कि पेंशन संबंधी उन्हें कोई समस्या नहीं आ रही है। यदि कोई समस्या आती है तो सोल्जर बोर्ड से सहायता मिल जाती है। ज्यादातर पारिवारिक पेंशन के बारे में शिकायतें मिलती हैं। पात्रों को लंबे समय तक कार्यालय के चक्कर काटने पड़ते हैं। सहायता के लिए दिया टोल फ्री नंबर भी नहीं मिलता और शुरू किए पोर्टल की जानकारी पूर्व सैनिकों के परिजनों को नहीं है।
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देवबंद के गांव रणखंडी निवासी पूर्व सैनिक दिनेश का कहना है कि भारतीय सेना ने भूतपूर्व सैनिकों की समस्याओं के समाधान के लिए चलाए पोर्टल की जानकारी ज्यादातर पूर्व सैनिकों और उनके परिजनों को नहीं है। उन्होंने केंद्र सरकार से इस पोर्टल का सभी सैनिकों को लाभ पहुंचाने को प्रचार करने की मांग की। पूर्व सैनिक गांव दल्हेड़ी निवासी सतपाल सिंह का कहना है कि उन्हें पोर्टल के बारे में जानकारी नहीं है। वे तो कोई भी समस्या होने पर सोल्जर बोर्ड में ही शिकायत दर्ज कराते हैं।
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