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Saharanpur News: 1.20 करोड़ का बजट मिले तो बनें नई गोशालाएं
Mon, 23 Jan 2023 11:55 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Mon, 23 Jan 2023 11:55 PM IST
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सहारनपुर। जिले में दो सरकारी गोशालाएं बनाए जाने की तैयारी है, जिनको शासन से हरी झंडी मिल गई है। नानौता और गंगोह में गोशालाएं बननी हैं, लेकिन छह माह बाद भी 1.20 करोड़ का बजट जारी नहीं हुआ है।
दरअसल, बेसहारा पशुओं द्वारा खेतों को नुकसान पहुंचाए जाने के कई मामले सामने आ चुके हैं। वर्तमान में जिले के 11 ब्लॉक स्तर पर गोशालाएं बनी हैं। इसके अलावा एक नगर निगम की एक गोशाला है। इन गोशालओं में गो-वंश की संख्या पूरी हो चुकी है। इसी वजह से अन्य गोवंश को रखने की व्यवस्था नहीं है। ऐसे में गो-वंश आवारा घूमते हैं।
वहीं, किसानों की समस्या को देखते हुए पशुपालन विभाग ने 1.20 करोड़ की लागत से गंगोह और नानौता में बड़ी गोशालाएं बनाने का प्रस्ताव छह माह पहले शासन को भेजा था, जिसको हरी झंडी मिल गई, लेकिन बजट जारी न होने की वजह से कार्य शुरू नहीं हो सका है।
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देबवंद और चिलकाना में भी बननी हैं गोशालाएं
इन गोशालाओं के अलावा देवबंद और चिलकाना में भी नई गोशालाएं बनेंगी। देवबंद नगर पालिका और चिलकाना नगर पंचायत द्वारा शासन को प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है, जिसको अभी शासन स्तर पर स्वीकार नहीं किया गया है।
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बोले किसान, होता है नुकसान
बलियाखेड़ी ब्लॉक के गांव नंदी निवासी किसान प्रदीप और रामपुर मनिहारान विकासखंड के गांव बुड्ढाखेड़ा निवासी कल्याण ने बताया बेसहारा पशुओं की वजह से किसानों की फसलों को नुकसान होता है। इन पशुओं को गोशाला में भिजवाने की मांग काफी समय से कर रहे हैं। नई गोशालाएं बनने से किसानों को राहत मिलेगी।
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वर्जन:-
गंगोह और नानौता में गोशालाएं बनाई जानी हैं, जिसको लेकर शासन की ओर से अनुमति मिल गई है, लेकिन अभी बजट जारी नहीं हुआ है। बजट मिलते ही कार्य शुरू कर दिया जाएगा। इसके अलावा देवबंद और चिलकाना भी में गोशालाएं बनाने का प्रस्ताव है।-- -- राजीव सक्सेना, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी
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दरअसल, बेसहारा पशुओं द्वारा खेतों को नुकसान पहुंचाए जाने के कई मामले सामने आ चुके हैं। वर्तमान में जिले के 11 ब्लॉक स्तर पर गोशालाएं बनी हैं। इसके अलावा एक नगर निगम की एक गोशाला है। इन गोशालओं में गो-वंश की संख्या पूरी हो चुकी है। इसी वजह से अन्य गोवंश को रखने की व्यवस्था नहीं है। ऐसे में गो-वंश आवारा घूमते हैं।
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वहीं, किसानों की समस्या को देखते हुए पशुपालन विभाग ने 1.20 करोड़ की लागत से गंगोह और नानौता में बड़ी गोशालाएं बनाने का प्रस्ताव छह माह पहले शासन को भेजा था, जिसको हरी झंडी मिल गई, लेकिन बजट जारी न होने की वजह से कार्य शुरू नहीं हो सका है।
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देबवंद और चिलकाना में भी बननी हैं गोशालाएं
इन गोशालाओं के अलावा देवबंद और चिलकाना में भी नई गोशालाएं बनेंगी। देवबंद नगर पालिका और चिलकाना नगर पंचायत द्वारा शासन को प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है, जिसको अभी शासन स्तर पर स्वीकार नहीं किया गया है।
बोले किसान, होता है नुकसान
बलियाखेड़ी ब्लॉक के गांव नंदी निवासी किसान प्रदीप और रामपुर मनिहारान विकासखंड के गांव बुड्ढाखेड़ा निवासी कल्याण ने बताया बेसहारा पशुओं की वजह से किसानों की फसलों को नुकसान होता है। इन पशुओं को गोशाला में भिजवाने की मांग काफी समय से कर रहे हैं। नई गोशालाएं बनने से किसानों को राहत मिलेगी।
वर्जन:-
गंगोह और नानौता में गोशालाएं बनाई जानी हैं, जिसको लेकर शासन की ओर से अनुमति मिल गई है, लेकिन अभी बजट जारी नहीं हुआ है। बजट मिलते ही कार्य शुरू कर दिया जाएगा। इसके अलावा देवबंद और चिलकाना भी में गोशालाएं बनाने का प्रस्ताव है।