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कैसे देहदान कर पाएगा कुंदन ?
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Sat, 24 Oct 2015 11:47 PM IST
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मेडिकल कॉलेजों में मानव शरीर से जुड़ी बीमारियों की जटिलताओं और उपचार की नई तकनीकों के अध्ययन के लिए किसी मृत देह को प्राप्त करना अब आसान नहीं रह गया है। ऐसे हालात में भी एक शख्स ऐसा है जो मरणोपरांत अपनी देह को इसलिए दान करना चाहता है ताकि चिकित्सा विज्ञानी उसके शरीर पर शोध कर मानव कल्याण के लिए कोई कार्य कर सकें। हैरानी की बात यह है कि चार महीने में स्वास्थ्य विभाग से लेकर राजकीय मेडिकल कॉलेज के अफसर देहदान की अनुमति तो दूर अभी इस स्वीकृति के लिए नियमों की जानकारी तक उपलब्ध नहीं करा पाए हैं।
जून में रेलवे पेंशनर्स समाज के समारोह में रेलवे से सेवानिवृत्त कर्मचारी कुंदन सिंह नेगी ने अपनी देहदान करने की घोषणा कर इस इच्छा से जुड़ा पत्र जिलाधिकारी कार्यालय में दिया था। इसके साथ ही मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय से यह जानकारी मांगी गई थी कि देहदान करने के लिए कुंदन सिंह नेगी को क्या प्रक्रिया अपनानी पड़ेगी।
इस बारे में कोई जानकारी न मिलने पर इस कर्मचारी और रेलवे पेंशनर्स समाज की ओर से अंबाला रोड स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज से भी इस बारे में जरूरी नियम कायदों के बारे में जानकारी मांगी गई लेकिन यहां से भी कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिल पाया।
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शासन से मांगी जाएगी गाइडलाइंस
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. सईद मोहम्मद और राजकीय मेडिकल कॉलेज की प्राचार्या डा. संगीता अनेजा की ओर से कहा गया है कि देहदान की इच्छा पर विभागीय स्तर पर कोई स्वीकृति देने से पहले इससे जुड़े नियमों की पूरी जानकारी होना जरूरी है। इसलिए स्वास्थ्य महानिदेशालय या स्वास्थ्य विभाग से जुड़े प्रमुख सचिव स्तर के आला अफसरों से मार्गदर्शन लेकर इस बारे में जवाब दिया जाएगा।
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जून में रेलवे पेंशनर्स समाज के समारोह में रेलवे से सेवानिवृत्त कर्मचारी कुंदन सिंह नेगी ने अपनी देहदान करने की घोषणा कर इस इच्छा से जुड़ा पत्र जिलाधिकारी कार्यालय में दिया था। इसके साथ ही मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय से यह जानकारी मांगी गई थी कि देहदान करने के लिए कुंदन सिंह नेगी को क्या प्रक्रिया अपनानी पड़ेगी।
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इस बारे में कोई जानकारी न मिलने पर इस कर्मचारी और रेलवे पेंशनर्स समाज की ओर से अंबाला रोड स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज से भी इस बारे में जरूरी नियम कायदों के बारे में जानकारी मांगी गई लेकिन यहां से भी कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिल पाया।
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शासन से मांगी जाएगी गाइडलाइंस
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. सईद मोहम्मद और राजकीय मेडिकल कॉलेज की प्राचार्या डा. संगीता अनेजा की ओर से कहा गया है कि देहदान की इच्छा पर विभागीय स्तर पर कोई स्वीकृति देने से पहले इससे जुड़े नियमों की पूरी जानकारी होना जरूरी है। इसलिए स्वास्थ्य महानिदेशालय या स्वास्थ्य विभाग से जुड़े प्रमुख सचिव स्तर के आला अफसरों से मार्गदर्शन लेकर इस बारे में जवाब दिया जाएगा।