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स्वच्छता के लिए अस्पतालों, होटलों और स्कूलों को मिलेगी रैंक
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सहारनपुर। स्वच्छ सर्वेक्षण-2021 चल रहा है। शहर की रैंक बढ़ाने के लिए नगर निगम केवल शहर के बाहरी हिस्से को ही नहीं, बल्कि सरकारी व गैर सरकारी अस्पतालों, होटलों, विद्यालयों, सरकारी कार्यालयों आदि की भीतरी सफाई पर भी जोर दे रहा है। इसके लिए तीन सदस्यीय टीम गठित की है, जो संबंधित स्थलों का सर्वे कर रही है। बाद में नगर निगम संबंधित को रैंक देगा।
नगरायुक्त ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि एक जनवरी से शहर के होटलों, स्कूलों, अस्पतालों, सरकारी कार्यालयों, बाजारों, मोहल्लों और कॉलोनियों में सफाई व्यवस्था को परखने के लिए सर्वे कराया जा रहा है। इसके लिए सहायक नगरायुक्त अशोक प्रिय गौतम के नेतृत्व में निगम अधिकारियों की तीन सदस्यीय टीम बनाई गई है, जो संबंधित स्थलों पर जाकर सर्वे कर रही है। एक जनवरी से शुरू हुआ यह सर्वे पांच फरवरी तक चलेगा। फरवरी माह में ही रैंक की घोषणा की जाएगी। नगरायुक्त ने बताया कि शहर के केवल बाहरी हिस्से को साफ रखकर हम शहर को साफ नहीं कह सकते। जरूरी है कि ऐसे संस्थानों या कार्यालयों की भीतरी सफाई भी हो, जहां आम लोगों का आवाजाही अधिक रहती है। सफाई होगी तो निश्चित रूप से लोगों की मानसिकता बदलेगी। साथ ही बीमारियां कम होंगी।
इन चीजों को बनाया आधार
सर्वे में समिति होटलों, विद्यालयों, अस्पतालों, सरकारी कार्यालयों, बाजारों, मोहल्लों और कॉलोनियों में साफ-सफाई के साथ ही सैनिटाइजेशन, शौचालयों की सफाई, होम कंपोस्टर, कम्यूनिटी कंपोस्टर, डस्टबिन का रख रखाव व उपलब्धता, गीले व सूखे कूड़े का अलग-अलग एकत्रीकरण और निस्तारण, पथ प्रकाश व ग्रीनरी आदि को भी देख रही है। इन्हीं के आधार पर रैंक तय की जाएगी।
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नगरायुक्त ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि एक जनवरी से शहर के होटलों, स्कूलों, अस्पतालों, सरकारी कार्यालयों, बाजारों, मोहल्लों और कॉलोनियों में सफाई व्यवस्था को परखने के लिए सर्वे कराया जा रहा है। इसके लिए सहायक नगरायुक्त अशोक प्रिय गौतम के नेतृत्व में निगम अधिकारियों की तीन सदस्यीय टीम बनाई गई है, जो संबंधित स्थलों पर जाकर सर्वे कर रही है। एक जनवरी से शुरू हुआ यह सर्वे पांच फरवरी तक चलेगा। फरवरी माह में ही रैंक की घोषणा की जाएगी। नगरायुक्त ने बताया कि शहर के केवल बाहरी हिस्से को साफ रखकर हम शहर को साफ नहीं कह सकते। जरूरी है कि ऐसे संस्थानों या कार्यालयों की भीतरी सफाई भी हो, जहां आम लोगों का आवाजाही अधिक रहती है। सफाई होगी तो निश्चित रूप से लोगों की मानसिकता बदलेगी। साथ ही बीमारियां कम होंगी।
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इन चीजों को बनाया आधार
सर्वे में समिति होटलों, विद्यालयों, अस्पतालों, सरकारी कार्यालयों, बाजारों, मोहल्लों और कॉलोनियों में साफ-सफाई के साथ ही सैनिटाइजेशन, शौचालयों की सफाई, होम कंपोस्टर, कम्यूनिटी कंपोस्टर, डस्टबिन का रख रखाव व उपलब्धता, गीले व सूखे कूड़े का अलग-अलग एकत्रीकरण और निस्तारण, पथ प्रकाश व ग्रीनरी आदि को भी देख रही है। इन्हीं के आधार पर रैंक तय की जाएगी।
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