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Saharanpur News: अंधेर नगरी की आस... 800 घरों को उजाले की तलाश
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महानगर के वार्ड 67 स्थित जैनब कॉलोनी में बिना बिजली कनेक्शन के मकान।
सहारनपुर। कहने को सहारनपुर शहर स्मार्ट सिटी है, लेकिन इसका एक चेहरा ऐसा भी है, जहां 800 घरों में बिजली कनेक्शन ही नहीं है। इसकी वजह से हजारों लोग अंधेरे में जिंदगी गुजार रहे हैं।
महानगर के वार्ड 66 की एकता कॉलोनी बीते करीब 15 साल से बसी है। इसकी ज्यादातर आबादी के पास बिजली कनेक्शन हैं, लेकिन करीब 300 घर ऐसे हैं, जिनके घरों में बिजली कनेक्शन नहीं हैं। इसी से सटी वार्ड 67 की जैनब कॉलोनी में करीब 500 परिवारों के पास बिजली कनेक्शन नहीं हैं। ऐसा नहीं है कि इन लोगों ने प्रयास नहीं किया। ये लोग लगातार कनेक्शन के लिए भागदौड़ कर रहे हैं, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है। वर्तमान में दोनों कॉलोनियों में 60 फीसदी से अधिक पक्के मकान हैं, लेकिन बिजली की लाइन आज तक नहीं खींची गई है। ऐसे में इन घरों में कूलर, पंखा, फ्रिज, बल्ब, टीवी आदि भी नहीं है। मोबाइल भी चार्ज करने के लिए पास की कॉलोनियों में जाना पड़ता है।
चार महीने पहले जमा करा चुके पैसा : स्थानीय लोगों ने बताया कि लाइन खींचने के लिए विद्युत निगम के एक अधिकारी ने 1.80 लाख रुपये शुल्क जमा कराने की बात कही थी। लोगों ने 1.50 लाख रुपये इकट्ठा कर इस उम्मीद से जमा करा दिए कि बिजली मिलेगी, लेकिन अभी तक कार्यवाही आगे नहीं बढ़ी है। आरोप है कि 30 हजार रुपये की और मांग की जा रही है। (संवाद)
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महानगर के वार्ड 66 की एकता कॉलोनी बीते करीब 15 साल से बसी है। इसकी ज्यादातर आबादी के पास बिजली कनेक्शन हैं, लेकिन करीब 300 घर ऐसे हैं, जिनके घरों में बिजली कनेक्शन नहीं हैं। इसी से सटी वार्ड 67 की जैनब कॉलोनी में करीब 500 परिवारों के पास बिजली कनेक्शन नहीं हैं। ऐसा नहीं है कि इन लोगों ने प्रयास नहीं किया। ये लोग लगातार कनेक्शन के लिए भागदौड़ कर रहे हैं, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है। वर्तमान में दोनों कॉलोनियों में 60 फीसदी से अधिक पक्के मकान हैं, लेकिन बिजली की लाइन आज तक नहीं खींची गई है। ऐसे में इन घरों में कूलर, पंखा, फ्रिज, बल्ब, टीवी आदि भी नहीं है। मोबाइल भी चार्ज करने के लिए पास की कॉलोनियों में जाना पड़ता है।
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चार महीने पहले जमा करा चुके पैसा : स्थानीय लोगों ने बताया कि लाइन खींचने के लिए विद्युत निगम के एक अधिकारी ने 1.80 लाख रुपये शुल्क जमा कराने की बात कही थी। लोगों ने 1.50 लाख रुपये इकट्ठा कर इस उम्मीद से जमा करा दिए कि बिजली मिलेगी, लेकिन अभी तक कार्यवाही आगे नहीं बढ़ी है। आरोप है कि 30 हजार रुपये की और मांग की जा रही है। (संवाद)
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