{"_id":"b316f08ae75119bacf058b4aebc6b7c9","slug":"highways-crumble-in-ten-months-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"दस महीने में ही उखड़ गया हाईवे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दस महीने में ही उखड़ गया हाईवे
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Sat, 20 Feb 2016 01:00 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
देहरादून नेशनल हाइवे बनने से दस महीने के भीतर ही जवाब दे गया है। हाइवे में जगह-जबह हुए गड्ढे हादसों को दावत दे रहे हैं। इतना ही नहीं, एसडीए की ओर से हाइवे पर बनाया गया डिवाइडर भी कई जगहों पर अधूरा पड़ा है, जिसकी वजह से राहगीरों को परेशानी हो रही है। बावजूद इसके प्रशासन और संबंधित विभाग को कोई टेंशन नहीं है।
एनएचएआई (नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया) ने करीब दस महीने पहले देहरादून रोड का पुर्ननिर्माण कराया था। उसके कुछ ही महीने बाद एसडीए (सहारनपुर डवलपमेंट अथॉरिटी) ने हाइवे पर डिवाइडर कर निर्माण कराया था।
डिवाइडर बनाने के दौरान तोड़ी गई सड़क से निकली बजरी हाइवे पर जगह-जगह बिखरी पड़ी है, जिसे आज तक नहीं हटाया गया है। इतना ही नहीं, डिवाइडर के बीच में स्ट्रीट लाइट के लिए लगाए गए पोल का बेस भी कई जगहों पर डिवाइडर से करीब छह इंच से अधिक बाहर आ रहा है, जो हादसे की वजह बन सकता है।
विज्ञापन
कुछ दिन पहले उद्यमियों ने प्रशासन के साथ हुई बैठक में भी इसकी शिकायत की थी, जिसके बाद इन्हें ढकने की कोशिश तो की कई, मगर उसके बाद भी अनेक बेस ऐसे ही छोड़ दिए गए।
सड़क दूधली के पास हाइवे को क्रॉस कर रही पुलिस की ऊपरी सतह टूटकर ध्वस्त हो चुकी है, जिसमें करीब एक फुट गहरा गड्ढा बन चुका है। तेज गति से आने वाले वाहन अचानक से इस गड्ढे में गिरने से झटका खा रहे हैं। कई बार छोटे हादसे भी राहगीरों के साथ हो चुके हैं।
इन सबके बावजूद प्रशासन और संबंधित विभाग के अधिकारी आंख बंद किए हुए हैं। जेल चुंगी के बाद डिवाइडर के दोनों ओर रेत जमी हुई है। जगह-जगह यू टर्न पर बजरी के ढेर लगे हैं, जिनकी वजह से वाहनों को घूमने में परेशानी हो रही है। स्थानीय लोगों ने बताया कि रेत और बजरी की वजह से रोजाना वाहन फिसल जाते हैं। कई बार हादसे भी हो चुके हैं।
विज्ञापन
एनएचएआई (नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया) ने करीब दस महीने पहले देहरादून रोड का पुर्ननिर्माण कराया था। उसके कुछ ही महीने बाद एसडीए (सहारनपुर डवलपमेंट अथॉरिटी) ने हाइवे पर डिवाइडर कर निर्माण कराया था।
विज्ञापन
डिवाइडर बनाने के दौरान तोड़ी गई सड़क से निकली बजरी हाइवे पर जगह-जगह बिखरी पड़ी है, जिसे आज तक नहीं हटाया गया है। इतना ही नहीं, डिवाइडर के बीच में स्ट्रीट लाइट के लिए लगाए गए पोल का बेस भी कई जगहों पर डिवाइडर से करीब छह इंच से अधिक बाहर आ रहा है, जो हादसे की वजह बन सकता है।
विज्ञापन
कुछ दिन पहले उद्यमियों ने प्रशासन के साथ हुई बैठक में भी इसकी शिकायत की थी, जिसके बाद इन्हें ढकने की कोशिश तो की कई, मगर उसके बाद भी अनेक बेस ऐसे ही छोड़ दिए गए।
सड़क दूधली के पास हाइवे को क्रॉस कर रही पुलिस की ऊपरी सतह टूटकर ध्वस्त हो चुकी है, जिसमें करीब एक फुट गहरा गड्ढा बन चुका है। तेज गति से आने वाले वाहन अचानक से इस गड्ढे में गिरने से झटका खा रहे हैं। कई बार छोटे हादसे भी राहगीरों के साथ हो चुके हैं।
इन सबके बावजूद प्रशासन और संबंधित विभाग के अधिकारी आंख बंद किए हुए हैं। जेल चुंगी के बाद डिवाइडर के दोनों ओर रेत जमी हुई है। जगह-जगह यू टर्न पर बजरी के ढेर लगे हैं, जिनकी वजह से वाहनों को घूमने में परेशानी हो रही है। स्थानीय लोगों ने बताया कि रेत और बजरी की वजह से रोजाना वाहन फिसल जाते हैं। कई बार हादसे भी हो चुके हैं।