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महिलाओं की गिरफ्तारी पर हाईकोर्ट की रोक
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Wed, 08 Mar 2017 12:00 AM IST
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मामले की जानकारी देते सैनी समाज के लोग।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सहारनपुर के गंगोह में छात्र निखिल सैनी आत्महत्या प्रकरण में नया मोड़ आ गया है। आरोपी दो महिलाओं की अपील पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है।
सैनी विकास समिति की पत्रकार वार्ता में समाज के लोगों ने बताया कि आरोपी महिलाओं के पड़ोसी ने एसएसपी को शपथ पत्र देकर बताया गया था कि महिलाओं को रंजिशन फंसाया जा रहा है।
उसने बताया था कि 21 फरवरी को निखिल ने उसकी नाबालिग बेटी को घर में अकेली पाकर छेड़छाड़ शुरू कर दी थी। उसकी पुत्री के शोर मचाने पर पड़ोस की आरोपी महिलाओं ने निखिल को ऐसा न करने के लिए समझाया था।
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उन्होंने उसके चाचा को भी सारी बात बताई थी। शपथपत्र के अनुसार निखिल के चाचा ने उसकी पिटाई करने के साथ ही पिता को भी यह बात बताने की बात कही थी। जिसके डर से ही 22 फरवरी को निखिल ने आत्महत्या कर ली थी।
इसके बाद आरोपी महिलाओं ने हाईकोर्ट में अपील की। जिस पर दो सदस्यीय बेंच ने उनकी गिरफ्तारी पर अग्रिम आदेश तक रोक लगा दी। वार्ता में सभासद पहल सिंह सैनी, श्रवण सैनी सभासद, डॉ. राधे श्याम सैनी, पवन सैनी, डा. जय सिंह सैनी, सुरेंद्र सरपंच, सत्यपाल प्रधान, राकेश आर्य, अनुज प्रताप सैनी, मुल्कीराज, विजेंद्र सैनी, कश्यप कुमार फौजी, प्रेमचंद सैनी, सतीश बारी मौजूद आदि रहे।
यह था मामला
मोहल्ला मखदूम जहां निवासी कक्षा छह के छात्र निखिल सैनी ने अपने घर में ही फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। उसकी जेब से निकले सुसाइड नोट के आधार पर उसके पिता रविंद्र ने दो पड़ोसी महिलाओं को नामजद करते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
सुसाइड नोट और निखिल की स्कूली कापियों को हैंड राइटिंग मिलान के लिए एक्सपर्ट के पास भिजवा दिया था। पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाते हुए परिजनों ने कोतवाली पर धरना-प्रदर्शन तक किया था।
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सैनी विकास समिति की पत्रकार वार्ता में समाज के लोगों ने बताया कि आरोपी महिलाओं के पड़ोसी ने एसएसपी को शपथ पत्र देकर बताया गया था कि महिलाओं को रंजिशन फंसाया जा रहा है।
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उसने बताया था कि 21 फरवरी को निखिल ने उसकी नाबालिग बेटी को घर में अकेली पाकर छेड़छाड़ शुरू कर दी थी। उसकी पुत्री के शोर मचाने पर पड़ोस की आरोपी महिलाओं ने निखिल को ऐसा न करने के लिए समझाया था।
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उन्होंने उसके चाचा को भी सारी बात बताई थी। शपथपत्र के अनुसार निखिल के चाचा ने उसकी पिटाई करने के साथ ही पिता को भी यह बात बताने की बात कही थी। जिसके डर से ही 22 फरवरी को निखिल ने आत्महत्या कर ली थी।
इसके बाद आरोपी महिलाओं ने हाईकोर्ट में अपील की। जिस पर दो सदस्यीय बेंच ने उनकी गिरफ्तारी पर अग्रिम आदेश तक रोक लगा दी। वार्ता में सभासद पहल सिंह सैनी, श्रवण सैनी सभासद, डॉ. राधे श्याम सैनी, पवन सैनी, डा. जय सिंह सैनी, सुरेंद्र सरपंच, सत्यपाल प्रधान, राकेश आर्य, अनुज प्रताप सैनी, मुल्कीराज, विजेंद्र सैनी, कश्यप कुमार फौजी, प्रेमचंद सैनी, सतीश बारी मौजूद आदि रहे।
यह था मामला
मोहल्ला मखदूम जहां निवासी कक्षा छह के छात्र निखिल सैनी ने अपने घर में ही फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। उसकी जेब से निकले सुसाइड नोट के आधार पर उसके पिता रविंद्र ने दो पड़ोसी महिलाओं को नामजद करते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
सुसाइड नोट और निखिल की स्कूली कापियों को हैंड राइटिंग मिलान के लिए एक्सपर्ट के पास भिजवा दिया था। पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाते हुए परिजनों ने कोतवाली पर धरना-प्रदर्शन तक किया था।