{"_id":"65d8f90666eeceed840b771d","slug":"haji-iqbals-relief-in-gang-rape-case-case-will-not-run-saharanpur-news-c-30-1-sha1002-118836-2024-02-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Saharanpur News: सामूहिक दुष्कर्म के केस में हाजी इकबाल को राहत, नहीं चलेगा केस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Saharanpur News: सामूहिक दुष्कर्म के केस में हाजी इकबाल को राहत, नहीं चलेगा केस
Sat, 24 Feb 2024 01:29 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Sat, 24 Feb 2024 01:29 AM IST
विज्ञापन
सहारनपुर। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर हाजी इकबाल समेत पांच अन्य आरोपियों के खिलाफ मामला खत्म किए जाने का एमपीएमएलए कोर्ट के आदेश को विशेष न्यायाधीश की अदालत ने निरस्त कर दिया। शुक्रवार को मामले पर सुनवाई हुई। इसमें सामूहिक दुष्कर्म के मामले में हाजी इकबाल पर केस नहीं चलेगा, जबकि पांच अन्य आरोपियों पर केस चलेगा। जिन्हें 28 फरवरी में अदालत में पेश होना होगा।
विशेष लोक अभियोजक गुलाब सिंह और सहायक शासकीय अधिवक्ता सोनवीर सिंह ने बताया की पूर्व एमएलसी हाजी इकबाल उनके भाई महमूद अली, हाजी इकबाल के तीन बेटे अफजल, जावेद, अलीशान और अधिवक्ता जीशान के खिलाफ थाना मिर्जापुर में दुष्कर्म का मामला दर्ज हुआ था। केस दर्ज होने के बाद पांचों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया गया। रिपोर्ट निरस्त कराने के लिए हाजी इकबाल ने हाईकोर्ट में अपील दाखिल की थी, जो खारिज हो गई थी। उसके खिलाफ हाजी इकबाल ने सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की थी, जिसकी सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने रिपोर्ट को निरस्त करने के आदेश पारित कर दिए थे। सुप्रीम कोर्ट के आदेश को अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम के न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई समाप्त करने की प्रार्थना की। जिसकी सुनवाई के उपरांत अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम ने संबंधित मुकदमे की कार्रवाई समाप्त करने के आदेश दे दिए थे।
इसके बाद अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम के आदेश के खिलाफ प्रदेश सरकार की तरफ से वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी ने अपर सत्र न्यायाधीश (एमपीएमलए) के न्यायालय में निगरानी दाखिल करते हुए उच्चतम न्यायालय के आदेश को केवल हाजी इकबाल के पक्ष में बताया। बाकी आरोपियों के पक्ष में उच्चतम न्यायालय का कोई भी आदेश न होने की बात कही। इस मामले में शुक्रवार को अपर सत्र न्यायाधीश कक्ष संख्या एक ललित नारायण झा की अदालत में सुनवाई हुई। अदालत ने निचली अदालत के आदेश को त्रुटिपूर्ण मानते हुए उसे खारिज कर दिया। साथ बाकी पांच आरोपियों को 28 फरवरी को अदालत में पेश होना होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
विशेष लोक अभियोजक गुलाब सिंह और सहायक शासकीय अधिवक्ता सोनवीर सिंह ने बताया की पूर्व एमएलसी हाजी इकबाल उनके भाई महमूद अली, हाजी इकबाल के तीन बेटे अफजल, जावेद, अलीशान और अधिवक्ता जीशान के खिलाफ थाना मिर्जापुर में दुष्कर्म का मामला दर्ज हुआ था। केस दर्ज होने के बाद पांचों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया गया। रिपोर्ट निरस्त कराने के लिए हाजी इकबाल ने हाईकोर्ट में अपील दाखिल की थी, जो खारिज हो गई थी। उसके खिलाफ हाजी इकबाल ने सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की थी, जिसकी सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने रिपोर्ट को निरस्त करने के आदेश पारित कर दिए थे। सुप्रीम कोर्ट के आदेश को अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम के न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई समाप्त करने की प्रार्थना की। जिसकी सुनवाई के उपरांत अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम ने संबंधित मुकदमे की कार्रवाई समाप्त करने के आदेश दे दिए थे।
विज्ञापन
इसके बाद अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम के आदेश के खिलाफ प्रदेश सरकार की तरफ से वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी ने अपर सत्र न्यायाधीश (एमपीएमलए) के न्यायालय में निगरानी दाखिल करते हुए उच्चतम न्यायालय के आदेश को केवल हाजी इकबाल के पक्ष में बताया। बाकी आरोपियों के पक्ष में उच्चतम न्यायालय का कोई भी आदेश न होने की बात कही। इस मामले में शुक्रवार को अपर सत्र न्यायाधीश कक्ष संख्या एक ललित नारायण झा की अदालत में सुनवाई हुई। अदालत ने निचली अदालत के आदेश को त्रुटिपूर्ण मानते हुए उसे खारिज कर दिया। साथ बाकी पांच आरोपियों को 28 फरवरी को अदालत में पेश होना होगा।
विज्ञापन