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होती रही कार्रवाई, हाजी इकबाल पर कसता गया शिकंजा
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दो साल से कस रहा हाजी इकबाल पर शिकंजा
सहारनपुर। बसपा के पूर्व एमएलसी हाजी इकबाल उर्फ बाल्ला और उनके सहयोगियों व परिवार वालों के खिलाफ बीते दो साल में कई मामले सुर्खियों में रहे। इन दो सालों में उन पर शिकंजा कसता गया। अब प्रवर्तन निदेशालय ने 1097 करोड़ की संपत्ति अटैच करके हाजी इकबाल को तगड़ा झटका दिया है।
मुखौटा कंपनियों के जरिये चीनी मिलें खरीदने से लेकर अवैध खनन से अकूत संपत्ति अर्जित करने को लेकर काफी दिन से जांच एजेंसियां सक्रिय हैं। प्रवर्तन निदेशालय से पहले एसएफआईओ (गंभीर कपट अन्वेषण ब्यूरो) भी जांच कर चुकी हैं। सीबीआई ने कई बार छापा मारकर जांच की। अक्तूबर 2020 में ही प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने हाजी इकबाल और मुखौटा कंपनियों के डायरेक्टर सौरभ मुकुंद के सहारनपुर में साउथ सिटी स्थित मकान पर छापा मारा था। करीब 17 घंटे छानबीन के दौरान कई दस्तावेज कब्जे में लिए थे।
चर्चाओं में रहे ये मामले
- 27 जुलाई 2019 को किरन मनचंदा निवासी गुरुग्राम (हरियाणा) ने मिर्जापुर थाने में वाहिद, रविंद्र, मोहम्मद इकबाल और चार अज्ञात आरोपियों के खिलाफ बंधक बनाने, लूट, गाली-गलौज और धमकी के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कराई।
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- बेहट तहसील के गांव शफीपुर निवासी सविता ने मोहम्मद इकबाल, वाजिद, जावेद और अलीशान के खिलाफ धोखाधड़ी और धमकी देने के आरोप में मिर्जापुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
- अगस्त 2019 में पूर्व एमएलसी मोहम्मद इकबाल, दो पूर्व खान अधिकारी और खनिज विभाग कार्यालय के लिपिक के खिलाफ सदर बाजार कोतवाली में धोखाधड़ी और कूटरचित दस्तावेज तैयार करने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कराई गई।
- 12 जुलाई 2019 में अपर जिला मजिस्ट्रेट (वित्त एवं राजस्व) ने हाजी इकबाल और उनके बेटे मोहम्मद वाजिद द्वारा बेहट तहसील क्षेत्र में भूमि खरीदने में उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता का उल्लंघन मानते हुए करीब 35 हेक्टेयर भूमि राज्य सरकार में निहित करने का आदेश दिया था।
- 28 जुलाई 2019 में हाजी इकबाल के भाई बसपा एमएलसी महमूद के घर पर 50 करोड़ रिकवरी का नोटिस चस्पा हुआ। यह रकम एनजीटी द्वारा 2016 में लगाए जुर्माने के रूप में वसूली जानी है।
यह था शुगर मिलें खरीदने का मामला
वर्ष 2010-11 में उत्तर प्रदेश की बंद पड़ी चीनी मिलों को मुखौटा कंपनियों के जरिये खरीदा गया। इस बाबत 2017 में लखनऊ के गोमतीनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज हुई। मुखौटा कंपनियों में डायरेक्टर राकेश शर्मा निवासी रोहिणी दिल्ली, धर्मेंद्र गुप्ता निवासी इंदिरापुरम गाजियाबाद, सौरभ मुकुंद निवासी साउथ सिटी सहारनपुर, मोहम्मद जावेद निवासी मिर्जापुर, सुमन शर्मा निवासी रोहिणी दिल्ली, मोहम्मद नसीम अहमद निवासी मिर्जापुर, मोहम्मद वाजिद पुत्र मोहम्मद इकबाल निवासी मिर्जापुर को नामजद किया गया था।
शस्त्र लाइसेंस भी हो चुके हैं निरस्त
पूर्व एमएलसी हाजी इकबाल और बसपा एमएलसी महमूद अली सहित परिवार के पांच लोगों के शस्त्र लाइसेंस निरस्त करने के आदेश जिलाधिकारी ने दिए थे। इसको मंडलायुक्त न्यायालय में चुनौती दी गई थी, लेकिन मंडलायुक्त ने भी लाइसेंस निरस्त करने के आदेश को सही ठहराया था।
हाजी इकबाल के अधिवक्ता ने उठाया सवाल
हाईकोर्ट में हाजी इकबाल के मामलों की पैरवी कर रहे अधिवक्ता इंद्रभान यादव ने अपना पक्ष जारी कर कहा है कि हाईकोर्ट में इन मामलों को लेकर दो याचिका दायर हैं, जिनमें न्यायालय ने ईडी को प्रत्यावेदन तय करने को कहा है। न्यायालय के आदेश का पालन हुए बगैर ऐसी कोई कार्रवाई नहीं हो सकती है। उनका दावा है कि संपत्ति अटैच करने की भ्रामक खबरें फैलाई जा रही हैं।
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सहारनपुर। बसपा के पूर्व एमएलसी हाजी इकबाल उर्फ बाल्ला और उनके सहयोगियों व परिवार वालों के खिलाफ बीते दो साल में कई मामले सुर्खियों में रहे। इन दो सालों में उन पर शिकंजा कसता गया। अब प्रवर्तन निदेशालय ने 1097 करोड़ की संपत्ति अटैच करके हाजी इकबाल को तगड़ा झटका दिया है।
मुखौटा कंपनियों के जरिये चीनी मिलें खरीदने से लेकर अवैध खनन से अकूत संपत्ति अर्जित करने को लेकर काफी दिन से जांच एजेंसियां सक्रिय हैं। प्रवर्तन निदेशालय से पहले एसएफआईओ (गंभीर कपट अन्वेषण ब्यूरो) भी जांच कर चुकी हैं। सीबीआई ने कई बार छापा मारकर जांच की। अक्तूबर 2020 में ही प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने हाजी इकबाल और मुखौटा कंपनियों के डायरेक्टर सौरभ मुकुंद के सहारनपुर में साउथ सिटी स्थित मकान पर छापा मारा था। करीब 17 घंटे छानबीन के दौरान कई दस्तावेज कब्जे में लिए थे।
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चर्चाओं में रहे ये मामले
- 27 जुलाई 2019 को किरन मनचंदा निवासी गुरुग्राम (हरियाणा) ने मिर्जापुर थाने में वाहिद, रविंद्र, मोहम्मद इकबाल और चार अज्ञात आरोपियों के खिलाफ बंधक बनाने, लूट, गाली-गलौज और धमकी के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कराई।
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- बेहट तहसील के गांव शफीपुर निवासी सविता ने मोहम्मद इकबाल, वाजिद, जावेद और अलीशान के खिलाफ धोखाधड़ी और धमकी देने के आरोप में मिर्जापुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
- अगस्त 2019 में पूर्व एमएलसी मोहम्मद इकबाल, दो पूर्व खान अधिकारी और खनिज विभाग कार्यालय के लिपिक के खिलाफ सदर बाजार कोतवाली में धोखाधड़ी और कूटरचित दस्तावेज तैयार करने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कराई गई।
- 12 जुलाई 2019 में अपर जिला मजिस्ट्रेट (वित्त एवं राजस्व) ने हाजी इकबाल और उनके बेटे मोहम्मद वाजिद द्वारा बेहट तहसील क्षेत्र में भूमि खरीदने में उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता का उल्लंघन मानते हुए करीब 35 हेक्टेयर भूमि राज्य सरकार में निहित करने का आदेश दिया था।
- 28 जुलाई 2019 में हाजी इकबाल के भाई बसपा एमएलसी महमूद के घर पर 50 करोड़ रिकवरी का नोटिस चस्पा हुआ। यह रकम एनजीटी द्वारा 2016 में लगाए जुर्माने के रूप में वसूली जानी है।
यह था शुगर मिलें खरीदने का मामला
वर्ष 2010-11 में उत्तर प्रदेश की बंद पड़ी चीनी मिलों को मुखौटा कंपनियों के जरिये खरीदा गया। इस बाबत 2017 में लखनऊ के गोमतीनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज हुई। मुखौटा कंपनियों में डायरेक्टर राकेश शर्मा निवासी रोहिणी दिल्ली, धर्मेंद्र गुप्ता निवासी इंदिरापुरम गाजियाबाद, सौरभ मुकुंद निवासी साउथ सिटी सहारनपुर, मोहम्मद जावेद निवासी मिर्जापुर, सुमन शर्मा निवासी रोहिणी दिल्ली, मोहम्मद नसीम अहमद निवासी मिर्जापुर, मोहम्मद वाजिद पुत्र मोहम्मद इकबाल निवासी मिर्जापुर को नामजद किया गया था।
शस्त्र लाइसेंस भी हो चुके हैं निरस्त
पूर्व एमएलसी हाजी इकबाल और बसपा एमएलसी महमूद अली सहित परिवार के पांच लोगों के शस्त्र लाइसेंस निरस्त करने के आदेश जिलाधिकारी ने दिए थे। इसको मंडलायुक्त न्यायालय में चुनौती दी गई थी, लेकिन मंडलायुक्त ने भी लाइसेंस निरस्त करने के आदेश को सही ठहराया था।
हाजी इकबाल के अधिवक्ता ने उठाया सवाल
हाईकोर्ट में हाजी इकबाल के मामलों की पैरवी कर रहे अधिवक्ता इंद्रभान यादव ने अपना पक्ष जारी कर कहा है कि हाईकोर्ट में इन मामलों को लेकर दो याचिका दायर हैं, जिनमें न्यायालय ने ईडी को प्रत्यावेदन तय करने को कहा है। न्यायालय के आदेश का पालन हुए बगैर ऐसी कोई कार्रवाई नहीं हो सकती है। उनका दावा है कि संपत्ति अटैच करने की भ्रामक खबरें फैलाई जा रही हैं।