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Saharanpur News: दिसंबर से फ्रेट कॉरिडोर पर नॉन स्टाॅप होगा माल गाड़ियों का संचालन
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संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (ईडीएफसी) ट्रैक पर अगले महीने से मालगाड़ियों का नॉन स्टॉप संचालन शुरू हो जाएगा। खतौली से पिलखनी के बीच कुछ कमी रह गई है, जिसे पूरा करने में कार्यदायी संस्था एलएंडटी जुटी है।
उम्मीद जताई जा रही है कि दिसंबर के अंतिम सप्ताह तक ट्रैक डीएफसीसी के हैंडओवर हो जाएगा। इसके बाद डीएफसीसी ही माल की बुकिंग करेगी। मालगाड़ियों के अलग संचालन के लिए ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर बनाया गया है। ट्रैक तैयार हो गया है, लेकिन खतौली से पिलखनी तक के बीच ट्रैक से मिट्टी हटने के कारण काम चल रहा है, इसलिए अभी तक नियमित संचालन की हरी झंडी नहीं मिली है। कुछ मालगाड़ियों का ही संचालन किया जा रहा है।
खतौली से पिलखनी के बीच की दूरी करीब 95 किलोमीटर की है। इनके बीच करीब दस स्टेशन हैं। सभी स्टेशनों पर स्टेशन अधीक्षकों की नियुक्ति कर दी गई। खुर्जा से खतौली के बीच का ट्रैक डीएफसीसी को हैंडओवर हो गया है। एलएंडटी के प्रोजेक्ट हेड रमन चौधरी ने बताया कि दिसंबर महीने में खतौली से पिलखनी तक का ट्रैक डीएफसीसी को हैंडओवर कर दिया जाएगा।
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अभी तक रेलवे बुकिंग कर रही है। हैंडओवर होने के बाद डीएफसीसी ही माल की बुकिंग करेगी।
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सहारनपुर। ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (ईडीएफसी) ट्रैक पर अगले महीने से मालगाड़ियों का नॉन स्टॉप संचालन शुरू हो जाएगा। खतौली से पिलखनी के बीच कुछ कमी रह गई है, जिसे पूरा करने में कार्यदायी संस्था एलएंडटी जुटी है।
उम्मीद जताई जा रही है कि दिसंबर के अंतिम सप्ताह तक ट्रैक डीएफसीसी के हैंडओवर हो जाएगा। इसके बाद डीएफसीसी ही माल की बुकिंग करेगी। मालगाड़ियों के अलग संचालन के लिए ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर बनाया गया है। ट्रैक तैयार हो गया है, लेकिन खतौली से पिलखनी तक के बीच ट्रैक से मिट्टी हटने के कारण काम चल रहा है, इसलिए अभी तक नियमित संचालन की हरी झंडी नहीं मिली है। कुछ मालगाड़ियों का ही संचालन किया जा रहा है।
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खतौली से पिलखनी के बीच की दूरी करीब 95 किलोमीटर की है। इनके बीच करीब दस स्टेशन हैं। सभी स्टेशनों पर स्टेशन अधीक्षकों की नियुक्ति कर दी गई। खुर्जा से खतौली के बीच का ट्रैक डीएफसीसी को हैंडओवर हो गया है। एलएंडटी के प्रोजेक्ट हेड रमन चौधरी ने बताया कि दिसंबर महीने में खतौली से पिलखनी तक का ट्रैक डीएफसीसी को हैंडओवर कर दिया जाएगा।
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अभी तक रेलवे बुकिंग कर रही है। हैंडओवर होने के बाद डीएफसीसी ही माल की बुकिंग करेगी।