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Saharanpur News: पीएम आवास योजना शहरी 2.0 में फर्जीवाड़ा

Tue, 23 Sep 2025 12:33 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर Updated Tue, 23 Sep 2025 12:33 AM IST
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Fraud detected in PM Awas Yojana Urban 2.0 scheme
सहारनपुर। जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 में फर्जीवाड़े का मामला आया है। आवेदकों की सूची की पड़ताल में बड़ा खुलासा हुआ है। 26 फार्मों पर एक ही मोबाइल नंबर दर्ज है। हैरानी की बात यह है कि जांच के बाद इन सभी को पात्रता की श्रेणी में भी डाल दिया गया।
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दरअसल, जिले में पीएम आवास योजना शहरी में इस वर्ष करीब 48 हजार लोगों ने आवेदन किए हैं। इनका सत्यापन चल रहा है। सत्यापन के बाद कुछ फार्मों की डीपीआर बनाकर जिला नगरीय विकास अभिकरण डूडा द्वारा स्वीकृति के लिए शासन को भेजी गई है। पड़ताल में सामने आया कि जांच में सही पाए गए 26 पात्र आवेदकों के फार्म पर एक ही मोबाइल नंबर 9548954895 दर्ज है। यह आवेदक शहर के विभिन्न हिस्सों सिराज काॅलोनी, खाताखेड़ी, हयात काॅलोनी, पुराना कलसिया रोड, 62 फुटा रोड आदि के रहने वाले दर्शाए गए हैं। इस नंबर पर बात की गई तो यह दिल्ली के जतिन सेठ का निकला। फोन रिसीव करने वाले ने बताया कि उनका इस योजना से कोई मतलब नहीं है। दिल्ली में उनका खुद का काम है। ऐसे ही 8755968574 मोबाइल नंबर 22 आवेदकों ने अपने फार्म पर अंकित किया हुआ है।
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इस तरह होता है खेल
एक ही नंबर डाले जाने के पीछे बड़ा खेल है। योजना में आवास के लिए ढाई लाख रुपये तीन किस्तों में मिलते हैं। ऐसे में बिचौलिए आर्थिक तौर पर कमजोर लोगों को लालच देकर शामिल करते हैं। उनके नाम पर आवेदन कराते हैं और फार्म में उनके सभी दस्तावेज ठीक लगाए जाते हैं, लेकिन मोबाइल नंबर उल्टा-सीधा कुछ भी डाल दिया जाता है। जिससे विभागीय अधिकारी उनसे सीधे संपर्क न कर सके। आवेदन करते समय ओटीपी आता है, जो आधार से लिंक नंबर पर यानी आवेदनकर्ता के सही नंबर पर ही आएगा। बिचौलिए उनसे ओटीपी ले लेते हैं और प्रक्रिया आगे बढ़ जाती है।
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पीएम आवास योजना के लिए यह है पात्रता
- नगर निगम क्षेत्र का मूल निवासी होना चाहिए
- लाभार्थी के पास नगर निकाय क्षेत्र में अपना प्लाट या कच्चा मकान हो
- पति-पत्नी दोनों में से कोई एक ही योजना का लाभ ले सकता है
- आवास स्वीकृत होने पर तीन किस्तों में ढाई लाख की सहायता राशि खाते में आती है
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केस : 1
रविना निवासी पंत विहार का आवेदन संख्या यूपी 031770325239101133 है। इसमें मोबाइल नंबर 8755968231 दर्ज किया है, जबकि इस नंबर पर बात करने पर पता चला कि यह नंबर मेरठ के मवाना निवासी विशाल का है।
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केस : 2
कुसुम निवासी पंत नगर का आवेदन संख्या यूपी 031770325190361700 है। इसमें मोबाइल नंबर 8755968245 दर्ज किया है। इस नंबर पर बात करने पर पता चला कि यह नंबर मुजफ्फरनगर के खतौली निवासी अलबक्श का है। यही मोबाइल नंबर जानकी विहार के सुभाष सिंह राठौर के आवेदन संख्या यूपी 031770325178408602 पर दर्ज है।
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केस : 3
अमित कुमार ने उत्तम विहार के पते से आवेदन संख्या यूपी 031770325093703024 भरा है। इसमें मोबाइल नंबर 8755968256 दर्ज किया है। इस नंबर की इनकमिंग बंद है। खास बात यह है कि उपरोक्त तीनों केस में आवेदन में दिए गए मोबाइल नंबरों की पहली आठ डिजिट सेम हैं। केवल बाद के दो अंक अलग है।

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कई आवेदन फार्मों पर एक ही मोबाइल नंबर दर्ज होने का मामला जानकारी में नहीं है। यदि ऐसा है तो इसकी गहनता से जांच कराई जाएगी। पात्र लोगों को ही योजना का लाभ मिलेगा।
- विकास पांडे, परियोजना अधिकारी डूडा
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