फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Saharanpur News ›   First Navratri today, Maa Durga will shower grace

पहला नवरात्र आज, मां दुर्गा बरसाएंगी कृपा

Wed, 06 Oct 2021 11:51 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 06 Oct 2021 11:51 PM IST
विज्ञापन
First Navratri today, Maa Durga will shower grace
सहारनपुर। शारदीय नवरात्र आज से शुरू हो गए हैं। नवरात्र में मां भगवती कृपा बरसाएंगी। मंदिरों में अनुष्ठान होंगे और लोग घरों पर कलश स्थापना के साथ अखंड ज्योत प्रज्ज्वलित कर उपवास रखेंगे। इसको लेकर तैयारियां पूरी कर ली गईं हैं।
विज्ञापन

नवरात्र की पूर्व संध्या पर कलश स्थापना के लिए लोग कोर्ट रोड, हकीकतनगर, दिल्ली रोड, खलासी लाइन, नुमाइश कैंप, चौकी सराय समेत अन्य इलाकों में जौ, मिट्टी के पात्र, चुनरी, शृंगार का सामान, पूजन सामग्री खरीदते नजर आए। वहीं, मंदिरों में अखंड़ ज्योत प्रज्ज्वलित करने की तैयारियां की गईं। आचार्य पंडित रोहित वशिष्ठ और स्वामी कालेंद्रानंद महाराज ने बताया कि अश्विन मास में शारदीय नवरात्र आते हैं। इस बार तृतीया और चतुर्थी एक ही दिन पड़ रही है। दशहरा 15 अक्तूबर को होगा। नवरात्र में हर दिन की जाने वाली उपासना से मां भगवती का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
विज्ञापन

-------
नौ रूपों की आराधना करने से दूर होते हैं कष्ट
प्रथम नवरात्र देवी शैलपुत्री, दूसरे नवरात्र देवी ब्रह्मचारिणी हैं। तीसरे देवी चंद्रघंटा, चौथे देवी कुष्मांडा, पांचवें पर देवी स्कंदमाता हैं। छठे पर देवी कात्यायनी हैं। सातवें पर देवी कालरात्रि, आठवें पर देवी महागौरी और नौंवे पर देवी सिद्धिदात्री की अराधना की जाती है। भगवती के नाम और रूप अलग-अलग हैं, लेकिन इनका संबंध वास्तव में माता पार्वती से है। माता पार्वती ने अपने भक्तों के कल्याण के लिए अलग-अलग रूप धारण कर संसार में प्रकट होकर लीला की।
विज्ञापन
विज्ञापन

----
ऐसे करें पूजा-अर्चना
सर्वप्रथम पूजा के लिए उपयुक्त स्थान का चयन करें। पूरब दिशा को पूजा के लिए शुभ माना जाता है। शुभ स्थान, शुद्ध भाव से पवित्र वस्तुओं के साथ विधिपूर्वक पूजा मनोवांछित फल प्रदान करती है। देवी भागवत में कहा कि भगवती का आह्वान और विसर्जन प्रात: काल करना चाहिए। कलश और ज्योत स्थापना के लिए सुबह का समय उपयुक्त है। पूजा घर में पूरब और उत्तर के कोने में रेत या मिट्टी में जौं बोएं। उसके ऊपर जल से भरा हुआ कलश रखें, जिसमें एक सुपारी, दो लोंग, दो इलायची, दूर्वा, एक जायफल, पान का पत्ता, आम की टहनी, पिसी हुई थोड़ी हल्दी, रोली व गंगाजल डालें। आम के पत्ते कलश के ऊपर रखें। पत्तों की संख्या पांच, सात, नौ या 11 होनी चाहिए। एक पात्र में चावल भरकर कलश के ऊपर रखें। नारियल के ऊपर लाल चुनरी लपेटकर उसमें कुछ दक्षिणा रखें। कलश को ऊपर इस प्रकार रखें कि नुकीला भाग पूरब की ओर होना चाहिए। लाल पुष्प कलश पर चढ़ाकर प्रणाम करें। चौकी पर लाल वस्त्र बिछाकर उसके ऊपर मां भगवती की मूर्ति या फोटो स्थापित करें। संभव हो तो अखंड ज्योत जगाएं। घर में मां जगदंबा की ज्योत स्थापित करने के बाद घर को खाली नहीं छोड़ना चाहिए।

----------
इस मंत्र से प्रसन्न होती हैं मां भगवती
या देवी सर्वभूतेषु, विद्या रुपेण संस्थिता:। नमस्तस्यै-नमस्तस्यै, नमस्तस्यै नमो नम:। यदि संभव हो तो 108 बार मां के प्रिय मंत्र ऊं ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे का जप करें।
---------
कलश स्थापित करने का शुभ मुर्हूत
प्रात: 6:18 से 7:45 बजे तक, इसके पश्चात 10:40 से 01:35 बजे तक है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed