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कम भाव पर कोल्हुओं पर गन्ना डाल रहे किसान
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सुरेन्द्र सिंह
- फोटो : SAHARANPUR
कम भाव पर कोल्हुओं पर गन्ना डाल रहे किसान
सहारनपुर। गन्ना बकाया मूल्य भुगतान नहीं होने, बरसीम के लिए खेत खाली करने और रोजमर्रा के खर्चों को पूरा करने के लिए किसान कोल्हुओं पर औने-पौने दाम में गन्ना डालने को मजबूर हैं। गत सीजन में मिलों पर जहां 310 से 325 रुपये प्रति क्विंटल का रेट था। वहीं, फिलहाल कोल्हुओं पर 225 से 265 रुपये प्रति क्विंटल भाव मिल रहा है।
शुगर मिलों के पेराई सत्र शुरू करने में अभी करीब 20 दिन शेष हैं। किसानों को रोजमर्रा के खर्च के साथ बरसीम आदि की बुआई के लिए भी खेत खाली करने की जल्दी है। जनपद के कोल्हुओं पर गन्ने का भाव 225 से 265 रुपये प्रति क्विंटल तक चल रहा है।
बकाया भुगतान नहीं हुआ
विकास खंड साढ़ौली कदीम के गांव चक खिजरपुर निवासी किसान सुखदेव सिंह का कहना है कि क्षेत्र की चीनी मिल तो वर्षों से बंद पड़ी है। क्रय केन्द्रों के किसानों को पेड़ी गन्ने की पर्ची देरी से मिलती हैं। ऐसे में गेहूं की फसल की बुआई भी प्रभावित होती है। मिल को गत सीजन में सप्लाई किए गए गन्ने का पूरा भुगतान अब तक नहीं मिला है। किसान मजबूरी में हरियाणा के खिजराबाद के कोल्हुओं पर दो सौ रुपये क्विंटल गन्ना डाल रहे हैं।
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आर्थिक मजबूरी में कोल्हू पर डाल रहे गन्ना
गंगोह विकास खंड के गांव गुरु नानक पुरा निवासी किसान तरसेम सिंह का कहना है कि किसान मजबूरी में अपना गन्ना कोल्हू पर दे रहे हैं। बकाया गन्ना मूल्य भुगतान नहीं होने से किसान की आर्थिक स्थिति सही नहीं है। दूसरे धान का रेट भी सही नहीं मिल रहा है। इस कारण किसान अपना गन्ना औने पौने दाम में बेच रहे हैं।
चारे से लेकर रोजमर्रा के खर्चों को पूरा करने का दबाव
गांव दल्हेड़ी के सुरेंद्र सिंह का कहना है वे छोटी जोत के किसान हैं। चारे से लेकर रोजमर्रा के खर्चों को पूरा करने का उनपर दबाव है। छोटी जोत का किसान कब तक शुगर मिल चलने और गन्ना भुगतान होने का इंतजार करें। इसके चलते वे 230 रुपये क्विंटल की दर से गन्ना कोल्हू पर डाल रहे हैं।
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सहारनपुर। गन्ना बकाया मूल्य भुगतान नहीं होने, बरसीम के लिए खेत खाली करने और रोजमर्रा के खर्चों को पूरा करने के लिए किसान कोल्हुओं पर औने-पौने दाम में गन्ना डालने को मजबूर हैं। गत सीजन में मिलों पर जहां 310 से 325 रुपये प्रति क्विंटल का रेट था। वहीं, फिलहाल कोल्हुओं पर 225 से 265 रुपये प्रति क्विंटल भाव मिल रहा है।
शुगर मिलों के पेराई सत्र शुरू करने में अभी करीब 20 दिन शेष हैं। किसानों को रोजमर्रा के खर्च के साथ बरसीम आदि की बुआई के लिए भी खेत खाली करने की जल्दी है। जनपद के कोल्हुओं पर गन्ने का भाव 225 से 265 रुपये प्रति क्विंटल तक चल रहा है।
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बकाया भुगतान नहीं हुआ
विकास खंड साढ़ौली कदीम के गांव चक खिजरपुर निवासी किसान सुखदेव सिंह का कहना है कि क्षेत्र की चीनी मिल तो वर्षों से बंद पड़ी है। क्रय केन्द्रों के किसानों को पेड़ी गन्ने की पर्ची देरी से मिलती हैं। ऐसे में गेहूं की फसल की बुआई भी प्रभावित होती है। मिल को गत सीजन में सप्लाई किए गए गन्ने का पूरा भुगतान अब तक नहीं मिला है। किसान मजबूरी में हरियाणा के खिजराबाद के कोल्हुओं पर दो सौ रुपये क्विंटल गन्ना डाल रहे हैं।
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आर्थिक मजबूरी में कोल्हू पर डाल रहे गन्ना
गंगोह विकास खंड के गांव गुरु नानक पुरा निवासी किसान तरसेम सिंह का कहना है कि किसान मजबूरी में अपना गन्ना कोल्हू पर दे रहे हैं। बकाया गन्ना मूल्य भुगतान नहीं होने से किसान की आर्थिक स्थिति सही नहीं है। दूसरे धान का रेट भी सही नहीं मिल रहा है। इस कारण किसान अपना गन्ना औने पौने दाम में बेच रहे हैं।
चारे से लेकर रोजमर्रा के खर्चों को पूरा करने का दबाव
गांव दल्हेड़ी के सुरेंद्र सिंह का कहना है वे छोटी जोत के किसान हैं। चारे से लेकर रोजमर्रा के खर्चों को पूरा करने का उनपर दबाव है। छोटी जोत का किसान कब तक शुगर मिल चलने और गन्ना भुगतान होने का इंतजार करें। इसके चलते वे 230 रुपये क्विंटल की दर से गन्ना कोल्हू पर डाल रहे हैं।

सेवाराम सैनी- फोटो : SAHARANPUR

गुड़ कोल्हू- फोटो : SAHARANPUR

सुखदेव सिंह- फोटो : SAHARANPUR

तरसेम सिंह- फोटो : SAHARANPUR