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Saharanpur News: सभी राज्यों में शहद मंडी स्थापित कराएं

Sun, 08 Oct 2023 11:25 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 08 Oct 2023 11:25 PM IST
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Establish honey markets in all states
सहारनपुर। विभिन्न मांगों को लेकर मधुक्रांति बी फारमर्स वेलफेयर सोसायटी की ओर से एक सम्मेलन का आयोजन किया गया। इसमें मधुमक्खी पालकों ने विभिन्न समस्याओं पर मंथन किया। उन्होंने सभी शहद उत्पादक राज्यों में शहद मंडी स्थापित करने और शहद का लाभकारी मूल्य दिलाने सहित अन्य मांग की।
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रविवार को दिल्ली रोड स्थित एक सभागार में आयोजित सम्मेलन में वक्ताओं ने मधुमक्खी पालकों की विभिन्न समस्याओं और मांगों पर मंथन किया। वक्ताओं ने कहा कि शहद का उचित भाव नहीं मिलने के चलते मधुमक्खी पालकों को लगातार घाटे का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि जमे हुए शहद के बारे में भारत में गलत धारणा है। इसलिए शहद का एनएमआर और टीएमआर टेस्ट को फिर से लागू किया जाए। भारत में होने वाले शहद में 80 प्रतिशत हिस्सा सरसों के शहद का है। जिसे विदेशों में किम हनी के नाम से जाना जाता है। इसके चलते मधुमक्खी पालकों को विदेशी बाजार पर निर्भर रहना पड़ रहा है।
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शहद क्रय केंद्र नहीं होने से उत्पादकोें को शोषण का सामना करना पड़ रहा है। इसलिए नेशनल बी बोर्ड सभी उत्पादक राज्यों में शहद की मंडी स्थापित कराए। जिससे मौनपालकोंं को शहद का लाभकारी मूल्य मिल सके। जिला उद्यान अधिकारी गम पाल सिंह, सोसायटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेश जाखड, राष्ट्रीय महासचिव विशन सिंह गुलेरिया, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रणजीत सिंह गोदारा, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष राजीव कांबोज, हरियाणा के प्रदेश अध्यक्ष आजाद भादू, जम्मू कश्मीर के प्रदेश अध्यक्ष जनकराज, दिल्ली के प्रदेश अध्यक्ष प्रफुल्ल आर्य, पंजाब के प्रदेश अध्यक्ष गुरपाल सिंह, उत्तरी राजस्थान के अध्यक्ष प्रकाश सिंह बादल, पूर्वी राजस्थान के अध्यक्ष बटू मदेरना, दक्षिणी राजस्थान के अध्यक्ष लटूरलाल मीणा, उत्तराखंड के प्रदेश अध्यक्ष प्रवीण सिंह, उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष मनोज कुमार, संजीव पंवार आदि मौजूद रहे।
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- मधुमक्खी पालकों की प्रमुख मांगे
- उत्पादन लागत को देखते हुए मिले शहद का लाभकारी मूल्य
- सरसों, कपास, सूरजमुखी एवं बाजरे के जेनेटिक बीजों से हो परहेज
- मौन पालकों को माइग्रेशन पॉलिनेशन खर्च को आधार बनाकर दिया जाए अनुदान
- सेना, मिड-डे मील एवं आंगनवाडी की पौषण योजना में किया जाए शामिल
- मौन पालकों को दी जाए किसान क्रेडिट कार्ड की सुविधा
- मौनपालकों के उत्थान के लिए लाई जाए कल्याणकारी योजना
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