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Durga Ashtami 2022: शांकभरी देवी भवन में लगी लंंबी कतार, श्रद्धालुओं में उत्साह
Mon, 03 Oct 2022 10:57 AM IST
Dimple Sirohi
अमर उजाला नेटवर्क, सहारनपुर
अमर उजाला नेटवर्क, सहारनपुर
Published by: Dimple Sirohi
Updated Mon, 03 Oct 2022 10:57 AM IST
सार
शिवालिक पर्वत श्रंखलाओ के मध्य स्तिथ सिद्धपीठ शांकभरी देवी भवन में रविवार को साप्ताहिक अवकाश होने के कारण श्रद्धालुओं की सुबह से ही माता के दर्शन के लिए लंबी लाइन लगनी शुरू हो गई थी। श्रद्धालुओं में उत्साह ऐसा था कि धूप और गर्मी की परवाह किए बगैर अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए।
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शांकभरी देवी भवन
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
शांकभरी, शिवालिक पर्वत श्रंखलाओ के मध्य स्तिथ सिद्धपीठ शांकभरी देवी भवन शारदीय नवरात्र की सप्तमी पर मां के गगनभेदी जयकारों से गुंजायमान हो उठा। रविवार को साप्ताहिक अवकाश होने के कारण श्रद्धालुओं की सुबह से ही माता के दर्शन के लिए लंबी लाइन लगनी शुरू हो गई थी। श्रद्धालुओं में उत्साह ऐसा था कि धूप और गर्मी की परवाह किए बगैर अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए।
बुजुर्ग,महिला एवंम बच्चे श्रद्धालु हाथों में नारियल व चुनरी लिए हुए मां के जयकारे लगाते हुए लाइन में अटूट श्रद्धा के साथ आगे बढ़ रहे थे।साप्ताहिक अवकाश के कारण भीड़ ज्यादा रही। मुख्य मंदिर के कपाट खुलने से लेकर बंद होने तक मां के जयकारे गूंजते रहे। वहीं सिद्धपीठ परिक्षेत्र में रात को ठहरने वाले श्रद्धालु सुबह होते ही दर्शनों हेतु लाइन में लग गए थे। भूरादेव पर भी भीड़ की लगभग यही स्थिति रही।
यह भी पढ़ें: Saharanpur: त्योहारों के लिए रोडवेज चलाएगा 150 अतिरिक्त बसें, दशहरे के बाद शुरू होगा संचालन
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सहारनपुर से लेकर बेहट-शाकंभरी सहित सभी मार्गो पर मां का कीर्तन एवम जयकारे करते हुए भक्तो की टोलिया सिद्धपीठ की और जा रही थी।हालांकि पुलिस प्रशासन ने पहले ही श्रद्धालुओ के वाहनों को गांव नागलमाफी में ही रोक दिया गया था।वहा से श्रद्धालु पैदल ही आगे जा रहे थे।
लाइनों में चल रहे दर्शनार्थी श्रद्धालुओं के लिए जिला पंचायत द्वारा श्रद्धालुओ के लिए पेयजल के टैंकर भी लगाए गए हैं।वहीं मेले का बाजार शांकभरी खोल में लगकर अब भुरादेव में सड़क किनारे लग गया है।मेले में एसडीएम दीपक कुमार ने मेले में पहुंचकर वयवस्थाओ का जायजा लिया।मेला इंचार्ज प्रमोद गौतम भी घूम घूम कर सुरक्षा वयवस्था देख रहे थे।
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बुजुर्ग,महिला एवंम बच्चे श्रद्धालु हाथों में नारियल व चुनरी लिए हुए मां के जयकारे लगाते हुए लाइन में अटूट श्रद्धा के साथ आगे बढ़ रहे थे।साप्ताहिक अवकाश के कारण भीड़ ज्यादा रही। मुख्य मंदिर के कपाट खुलने से लेकर बंद होने तक मां के जयकारे गूंजते रहे। वहीं सिद्धपीठ परिक्षेत्र में रात को ठहरने वाले श्रद्धालु सुबह होते ही दर्शनों हेतु लाइन में लग गए थे। भूरादेव पर भी भीड़ की लगभग यही स्थिति रही।
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सहारनपुर से लेकर बेहट-शाकंभरी सहित सभी मार्गो पर मां का कीर्तन एवम जयकारे करते हुए भक्तो की टोलिया सिद्धपीठ की और जा रही थी।हालांकि पुलिस प्रशासन ने पहले ही श्रद्धालुओ के वाहनों को गांव नागलमाफी में ही रोक दिया गया था।वहा से श्रद्धालु पैदल ही आगे जा रहे थे।
लाइनों में चल रहे दर्शनार्थी श्रद्धालुओं के लिए जिला पंचायत द्वारा श्रद्धालुओ के लिए पेयजल के टैंकर भी लगाए गए हैं।वहीं मेले का बाजार शांकभरी खोल में लगकर अब भुरादेव में सड़क किनारे लग गया है।मेले में एसडीएम दीपक कुमार ने मेले में पहुंचकर वयवस्थाओ का जायजा लिया।मेला इंचार्ज प्रमोद गौतम भी घूम घूम कर सुरक्षा वयवस्था देख रहे थे।