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Saharanpur News: गलत ऑपरेशन पर चिकित्सक पर लगाया दो लाख का जुर्माना
Thu, 27 Apr 2023 11:35 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Thu, 27 Apr 2023 11:35 PM IST
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सहारनपुर। जिला उपभोक्ता प्रतितोष आयोग ने शहर के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. प्रभात वर्मा को चिकित्सीय लापरवाही में दो लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। इसके अलावा पीड़िता के इलाज में खर्च हुए 1.64 लाख रुपये भी मय ब्याज लौटाने के आयोग ने आदेश दिए हैं।
मुजफ्फरनगर के जानसठ क्षेत्र के गांव सालारपुर निवासी दीप्ति ने वर्ष 2007 में शिकायत की थी। उसने बताया था कि उसे पेट पर दर्द की शिकायत थी। सहारनपुर में प्रांकुर अस्पताल के डॉ. प्रभात वर्मा से इलाज शुरू कराया। डॉक्टर ने किडनी में पथरी होने की बात बताई और लिथोट्रिप्सी विधि से इसे निकलवाने की सलाह दी। लिथोट्रिप्सी से ऑपरेशन किया, जो गलत हो गया था। जिससे महिला की हालत गंभीर हो गई थी। इसके बाद महिला ने कहीं अन्य डॉक्टर के पास उपचार कराया था।
वहीं, महिला के ठीक होने पर पीड़ित पक्ष ने जिला उपभोक्ता प्रतितोष आयोग में वाद दायर किया। सुनवाई के दौरान डॉक्टर ने अपना पक्ष रखते हुए महिला मरीज पर झूठा आरोप लगाकर पैसा रखने का आरोप लगाया था। आयोग ने इसे उचित नहीं माना और महिला के पक्ष में फैसला सुनाया। जिस पर आयोग अध्यक्ष ने डॉक्टर को दोषी मानते हुए जिम्मेदार ठहराया और दो लाख रुपये का जुर्माना लगाया। इसके साथ ही इलाज के दौरान खर्च हुए 1.64 लाख रुपये सात प्रतिशत साधारण वार्षिक ब्याज की दर से अदा करेंगे।
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मुजफ्फरनगर के जानसठ क्षेत्र के गांव सालारपुर निवासी दीप्ति ने वर्ष 2007 में शिकायत की थी। उसने बताया था कि उसे पेट पर दर्द की शिकायत थी। सहारनपुर में प्रांकुर अस्पताल के डॉ. प्रभात वर्मा से इलाज शुरू कराया। डॉक्टर ने किडनी में पथरी होने की बात बताई और लिथोट्रिप्सी विधि से इसे निकलवाने की सलाह दी। लिथोट्रिप्सी से ऑपरेशन किया, जो गलत हो गया था। जिससे महिला की हालत गंभीर हो गई थी। इसके बाद महिला ने कहीं अन्य डॉक्टर के पास उपचार कराया था।
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वहीं, महिला के ठीक होने पर पीड़ित पक्ष ने जिला उपभोक्ता प्रतितोष आयोग में वाद दायर किया। सुनवाई के दौरान डॉक्टर ने अपना पक्ष रखते हुए महिला मरीज पर झूठा आरोप लगाकर पैसा रखने का आरोप लगाया था। आयोग ने इसे उचित नहीं माना और महिला के पक्ष में फैसला सुनाया। जिस पर आयोग अध्यक्ष ने डॉक्टर को दोषी मानते हुए जिम्मेदार ठहराया और दो लाख रुपये का जुर्माना लगाया। इसके साथ ही इलाज के दौरान खर्च हुए 1.64 लाख रुपये सात प्रतिशत साधारण वार्षिक ब्याज की दर से अदा करेंगे।
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