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सिद्धपीठ शाकंभरी देवी पर उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब
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सिद्वपीठ में माता के दर्शनों को लाइन में लगे श्रद्धालु
- फोटो : SAHARANPUR
सिद्धपीठ शाकंभरी देवी पर उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब
सहारनपुर, शाकंभरी। सिद्धपीठ शाकंभरी देवी में भाद्रपद के शुक्ल पक्ष की अष्टमी को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। रविवार को साप्ताहिक अवकाश के चलते भी श्रद्धालु बड़ी संख्या में पहुंचे।
शनिवार की शाम से ही पदयात्री काफिले के रूप में मां के भवन पर एकत्रित होने शुरू हो गए थे। पदयात्रियों के साथ लेट कर जाने वाले भक्तों की संख्या भी काफी है। भक्त भूरादेव से लेटकर उबड़ खाबड़, पथरीले रास्तों से होकर पहुंच रहे हैं। श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने में पुलिस के पसीने छूट गए। भूरादेव पर तो दोपहर में जाम की स्थिति बन गई थी। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए चौपहिया वाहनों को भूरा देव मंदिर से पूर्व खोल के रास्ते की ओर डायवर्ट किया। वहां से श्रद्धालु पैदल ही सिद्धपीठ तक गए। पदयात्रियों के लिए जगह जगह भंडारों का भी आयोजन किया गया।
इसके अलावा मंदिर परिक्षेत्र में शंकराचार्य आश्रम, संकटमोचन हनुमान मंदिर, बगलामुखी मंदिर, रक्तदंतिका मंदिर, छीन्मस्तिका मंदिर पर श्रद्धालुओं द्वारा भंडारों का आयोजन किया गया था। भूरादेव मंदिर से पांच किमी दूर स्थित शिवालिक पहाड़ियों के मध्य संश्ररा ठाकुर मंदिर में श्रद्धालुओं ने पहुंच विष्णु भगवान की पूजा अर्चना की।
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सहारनपुर, शाकंभरी। सिद्धपीठ शाकंभरी देवी में भाद्रपद के शुक्ल पक्ष की अष्टमी को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। रविवार को साप्ताहिक अवकाश के चलते भी श्रद्धालु बड़ी संख्या में पहुंचे।
शनिवार की शाम से ही पदयात्री काफिले के रूप में मां के भवन पर एकत्रित होने शुरू हो गए थे। पदयात्रियों के साथ लेट कर जाने वाले भक्तों की संख्या भी काफी है। भक्त भूरादेव से लेटकर उबड़ खाबड़, पथरीले रास्तों से होकर पहुंच रहे हैं। श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने में पुलिस के पसीने छूट गए। भूरादेव पर तो दोपहर में जाम की स्थिति बन गई थी। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए चौपहिया वाहनों को भूरा देव मंदिर से पूर्व खोल के रास्ते की ओर डायवर्ट किया। वहां से श्रद्धालु पैदल ही सिद्धपीठ तक गए। पदयात्रियों के लिए जगह जगह भंडारों का भी आयोजन किया गया।
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इसके अलावा मंदिर परिक्षेत्र में शंकराचार्य आश्रम, संकटमोचन हनुमान मंदिर, बगलामुखी मंदिर, रक्तदंतिका मंदिर, छीन्मस्तिका मंदिर पर श्रद्धालुओं द्वारा भंडारों का आयोजन किया गया था। भूरादेव मंदिर से पांच किमी दूर स्थित शिवालिक पहाड़ियों के मध्य संश्ररा ठाकुर मंदिर में श्रद्धालुओं ने पहुंच विष्णु भगवान की पूजा अर्चना की।
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