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Saharanpur News: स्वच्छकारों की बस्तियों में प्राथमिकता से कराए जाएं विकास कार्य
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सर्किट हाउस में मैनुअल स्कैवेंजर्स अधिनियम संबंध में अधिकारियों की समीक्षा बैठक लेते सदस्य सेन्
- फोटो : टूंडला के गांव िाानी गढ़ी में आग लगने के बाद जला सामान
सहारनपुर। भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की सेंट्रल मॉनिटरिंग कमेटी के सदस्य भगवत प्रसाद मकवाना ने कहा कि स्वच्छकारों की बस्तियों में प्राथमिकता के विकास कार्य कराए जाएं। उन्होंने समाज कल्याण वित्त एवं विकास निगम के अधिकारी कमलेश कुमार की कार्यशैली पर नाराजगी जताई।
सर्किट हाउस सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा सफाई कार्य में लगे हुए स्वच्छकारों के लिए लाभकारी योजनाएं संचालित कर पुनर्वासित किया जा रहा है। स्वच्छकारों की बस्तियों में समय-समय पर स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएं। उच्चतम न्यायालय के निर्देशानुसार सीवर में कार्य करते हुए मृतक स्वच्छकारों के आश्रितों को 30 लाख मुआवजा दिए जाने का प्रावधान किया गया है।
स्वच्छकारों की समस्याओं के निस्तारण के लिए जिला स्तरीय निगरानी समिति का गठन कराया गया है, जिससे उनकी समस्याओं को स्थानीय स्तर पर ही निस्तारित किया जा सके। उन्होंने सभी निकायों को निर्देश दिए कि नमस्ते योजना में शामिल लाभार्थियों की सूची जिला समाज कल्याण अधिकारी को उपलब्ध कराएं। उन्होंने जनपद में आउटसोर्सिंग, ठेका एवं अन्य माध्यमों से नगर निकायों में तैनात सफाई कार्मिकों के वेतन भुगतान, ईपीएफ, ईएसआई एवं साप्ताहिक अवकाश की जानकारी ली।
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अपर जिलाधिकारी प्रशासन डॉ. अर्चना द्विवेदी ने आश्वस्त करते हुए कहा कि उनके दिये गए निर्देशों का अक्षरशः अनुपालन किया जाएगा। इस दौरान एसपी सिटी व्योम बिंदल, जनपद स्तरीय निगरानी समिति के सदस्य भारत भूषण, सिटी मजिस्ट्रेट गजेंद्र कुमार, अपर नगर आयुक्त मृत्युंजय कुमार, डीपीआरओ आलोक शर्मा आदि मौजूद रहे।
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सर्किट हाउस सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा सफाई कार्य में लगे हुए स्वच्छकारों के लिए लाभकारी योजनाएं संचालित कर पुनर्वासित किया जा रहा है। स्वच्छकारों की बस्तियों में समय-समय पर स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएं। उच्चतम न्यायालय के निर्देशानुसार सीवर में कार्य करते हुए मृतक स्वच्छकारों के आश्रितों को 30 लाख मुआवजा दिए जाने का प्रावधान किया गया है।
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स्वच्छकारों की समस्याओं के निस्तारण के लिए जिला स्तरीय निगरानी समिति का गठन कराया गया है, जिससे उनकी समस्याओं को स्थानीय स्तर पर ही निस्तारित किया जा सके। उन्होंने सभी निकायों को निर्देश दिए कि नमस्ते योजना में शामिल लाभार्थियों की सूची जिला समाज कल्याण अधिकारी को उपलब्ध कराएं। उन्होंने जनपद में आउटसोर्सिंग, ठेका एवं अन्य माध्यमों से नगर निकायों में तैनात सफाई कार्मिकों के वेतन भुगतान, ईपीएफ, ईएसआई एवं साप्ताहिक अवकाश की जानकारी ली।
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अपर जिलाधिकारी प्रशासन डॉ. अर्चना द्विवेदी ने आश्वस्त करते हुए कहा कि उनके दिये गए निर्देशों का अक्षरशः अनुपालन किया जाएगा। इस दौरान एसपी सिटी व्योम बिंदल, जनपद स्तरीय निगरानी समिति के सदस्य भारत भूषण, सिटी मजिस्ट्रेट गजेंद्र कुमार, अपर नगर आयुक्त मृत्युंजय कुमार, डीपीआरओ आलोक शर्मा आदि मौजूद रहे।