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सड़कों पर बेसहारा गोवंश, फिर किस काम की गोशालाएं
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कोर्ट रोड पर सडक पर चरता गोवंश
- फोटो : SAHARANPUR
सहारनपुर। महानगर में नगर निगम और 11 विकासखंड क्षेत्रों में सरकार की ओर गोशालाएं बनाई, लेकिन उसके बाद भी गोवंश सड़कों पर घूम रहा है। देहात क्षेत्रों में किसानों की फसलों को भी गोवंश खराब कर चुका है। लोगों का आरोप है कि सूचना देने के बाद भी सरकारी कर्मचारी गोवंश को लेने के लिए नहीं आते हैैं, जबकि बेसहारा घूमने गोवंश को गोशाला में रखने के निर्देश हैं।
महानगर में नवादा रोड स्थित गांव सांवलपुर नवादा में नगर निगम ने गोशाला बनाई, इसमें वर्तमान में 96 गोवंश और गोशाला में 120 गोवंश रखने की क्षमता है, लेकिन गोशाला बनने के बाद भी शहर की सड़कों पर बेसहारा गोवंश घूमते दिखाई दे जाते हैं, इससे लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। शारदानगर निवासी जितेंद्र कश्यप, माधोनगर निवासी संजय कुमार ने कहा बेसहारा घूमने वाले गोवंश को गोशाला में रखा जाए। मगर, नगर निगम में शिकायत करने के बावजूद कर्मचारी गोवंश को गोशाला ले जाने के लिए नहीं आते हैं।
बड़गांव क्षेत्र के गांव बेहड़ा में पिछले दिनों बेसहारा घूमने वाले गोवंश ने टक्कर मारकर एक किसान को मौत के घाट उतार दिया । इसी तरह बड़ी संख्या में बड़गांव में गोवंश बेसहारा घूम रहे हैं। यहां के निवासी राजपाल का कहना है कि सरकारी कर्मचारियों को सूचना दी जाती है, लेकिन वह गोवंश गोशाला पहुंचाने नहीं आते हैं। नानौता क्षेत्र के गांव दीनारपुर निवासी संजय कुमार ने बताया कि उनके क्षेत्र में बेसहारा घूम रहे पशुओं की वजह से फसलें खराब हो रही हैं।
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इसी तरह रामपुर मनिहारान क्षेत्र में भी गोवंश बेसहारा घूमते हुए दिखाई दे जाते हैं। मुजफ्फराबाद ब्लॉक के गांव बेहड़ा संदल सिंह निवासी किसान कुशल पाल ने कहा उसकी पांच बीघा चारे की फसल को बेसहारा गोवंश खा चुका है। शिकायत करने के बावजूद सरकारी कर्मचारी गोशाला को पकड़ने के लिए नहीं आते हैं। नकुड़ क्षेत्र के गांव अंबेहटा निवासी विरेंद्र, योगराज सिंह ने कहा बेसहारा घूमने वाला गोवंश परेशानी का सबब बना है। यह स्थिति तब है, जब जनपद के विकास खंड बलिया खेड़ी, पुवांरका, मुजफ्फराबाद, सढ़ौली कदीम, सरसावा, नकुड़, गंगोह, नानौता, रामपुर मनिहारान, देवबंद, नागल क्षेत्रों में गो आश्रय स्थल बने हैं।
दो दिन सड़क पर तड़पती रही गाय
सहारनपुर। दो दिन पहले महानगर में कोर्ट रोड पर पंजाब बैंड वाली गली के पास एक गाय रात में सड़क पर पड़ी तड़पती रही। गाय घायल अवस्था में थी। क्षेत्र के निवासी राजू, सुखपाल और सोनी ने नगर निगम में सूचना दी, लेकिन कर्मचारी गाय को लेने नहीं आए। इसके बाद लोगों ने वंदे मातरम मिशन के संस्थापक विजय कांत चौहान को सूचना दी, वह भी गोशाला चलाते हैं। विजय कांत चौहान ने मौके पर पहुंचकर गाय का इलाज कर उसकी जान बचाई। चौहान का आरोप है कि नगर निगम गोशाला में काफी जगह है, लेकिन गोशाला को इस हिसाब से बनाया है कि वहां 100 से 150 गोवंश ही रखे जा सकें। सूचना के बाद भी नगर निगम कर्मचारी गाय को लेने के लिए नहीं आते हैं।
300 से अधिक गोवंश रखने की है क्षमता
सहारनपुर। नगर निगम की गांव सांवदलपुर नवादा स्थित गोशाला काफी बड़ी हैं, लेकिन टीनशेड के नीचे बनाए खोर के हिसाब 120 गोवंश रखने की जगह बनी है, जबकि बड़ा हिस्सा खाली पड़ी हैं। विभागीय अनुमान के मुताबिक सभी जगह खोर बनाई जाए तो 300 से अधिक गोवंश रखे जा सकते हैं।
बेसहारा घूमने वाले गोवंश को गो आश्रम स्थल तक पहुंचाया जाता है। सूचना मिलते ही विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर गोवंश को पकड़कर गो आश्रय स्थल लेकर आती हैं। हमारा प्रयास है कि गोवंश को बेसहारा न घूमने दिया जाए। जिले के 11 विकास खंड में गो आश्रय स्थल बने हैं, लेकिन जहां पर क्षमता पूरी चुकी है, वहां परेशानी आती है। - बीसी शर्मा, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी
हमारा प्रयास है कि महानगर में कहीं भी गोवंश केे बेसहारा न घूमने दिया जाए। सूचना पर नगर निगम की टीम मौके पर पहुंचकर गोवंश को सांवलपुर नवादा स्थित कान्हा उपवन में लेकर आते हैं। इस गोशाला की क्षमता लगभग पूरी होने को है, इसलिए जल्द अब नई गोशाला का निर्माण कराया जाएगा, जिसका प्लान तैयार किया जा रहा है। - संजीव वालिया, महापौर
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महानगर में नवादा रोड स्थित गांव सांवलपुर नवादा में नगर निगम ने गोशाला बनाई, इसमें वर्तमान में 96 गोवंश और गोशाला में 120 गोवंश रखने की क्षमता है, लेकिन गोशाला बनने के बाद भी शहर की सड़कों पर बेसहारा गोवंश घूमते दिखाई दे जाते हैं, इससे लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। शारदानगर निवासी जितेंद्र कश्यप, माधोनगर निवासी संजय कुमार ने कहा बेसहारा घूमने वाले गोवंश को गोशाला में रखा जाए। मगर, नगर निगम में शिकायत करने के बावजूद कर्मचारी गोवंश को गोशाला ले जाने के लिए नहीं आते हैं।
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बड़गांव क्षेत्र के गांव बेहड़ा में पिछले दिनों बेसहारा घूमने वाले गोवंश ने टक्कर मारकर एक किसान को मौत के घाट उतार दिया । इसी तरह बड़ी संख्या में बड़गांव में गोवंश बेसहारा घूम रहे हैं। यहां के निवासी राजपाल का कहना है कि सरकारी कर्मचारियों को सूचना दी जाती है, लेकिन वह गोवंश गोशाला पहुंचाने नहीं आते हैं। नानौता क्षेत्र के गांव दीनारपुर निवासी संजय कुमार ने बताया कि उनके क्षेत्र में बेसहारा घूम रहे पशुओं की वजह से फसलें खराब हो रही हैं।
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इसी तरह रामपुर मनिहारान क्षेत्र में भी गोवंश बेसहारा घूमते हुए दिखाई दे जाते हैं। मुजफ्फराबाद ब्लॉक के गांव बेहड़ा संदल सिंह निवासी किसान कुशल पाल ने कहा उसकी पांच बीघा चारे की फसल को बेसहारा गोवंश खा चुका है। शिकायत करने के बावजूद सरकारी कर्मचारी गोशाला को पकड़ने के लिए नहीं आते हैं। नकुड़ क्षेत्र के गांव अंबेहटा निवासी विरेंद्र, योगराज सिंह ने कहा बेसहारा घूमने वाला गोवंश परेशानी का सबब बना है। यह स्थिति तब है, जब जनपद के विकास खंड बलिया खेड़ी, पुवांरका, मुजफ्फराबाद, सढ़ौली कदीम, सरसावा, नकुड़, गंगोह, नानौता, रामपुर मनिहारान, देवबंद, नागल क्षेत्रों में गो आश्रय स्थल बने हैं।
दो दिन सड़क पर तड़पती रही गाय
सहारनपुर। दो दिन पहले महानगर में कोर्ट रोड पर पंजाब बैंड वाली गली के पास एक गाय रात में सड़क पर पड़ी तड़पती रही। गाय घायल अवस्था में थी। क्षेत्र के निवासी राजू, सुखपाल और सोनी ने नगर निगम में सूचना दी, लेकिन कर्मचारी गाय को लेने नहीं आए। इसके बाद लोगों ने वंदे मातरम मिशन के संस्थापक विजय कांत चौहान को सूचना दी, वह भी गोशाला चलाते हैं। विजय कांत चौहान ने मौके पर पहुंचकर गाय का इलाज कर उसकी जान बचाई। चौहान का आरोप है कि नगर निगम गोशाला में काफी जगह है, लेकिन गोशाला को इस हिसाब से बनाया है कि वहां 100 से 150 गोवंश ही रखे जा सकें। सूचना के बाद भी नगर निगम कर्मचारी गाय को लेने के लिए नहीं आते हैं।
300 से अधिक गोवंश रखने की है क्षमता
सहारनपुर। नगर निगम की गांव सांवदलपुर नवादा स्थित गोशाला काफी बड़ी हैं, लेकिन टीनशेड के नीचे बनाए खोर के हिसाब 120 गोवंश रखने की जगह बनी है, जबकि बड़ा हिस्सा खाली पड़ी हैं। विभागीय अनुमान के मुताबिक सभी जगह खोर बनाई जाए तो 300 से अधिक गोवंश रखे जा सकते हैं।
बेसहारा घूमने वाले गोवंश को गो आश्रम स्थल तक पहुंचाया जाता है। सूचना मिलते ही विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर गोवंश को पकड़कर गो आश्रय स्थल लेकर आती हैं। हमारा प्रयास है कि गोवंश को बेसहारा न घूमने दिया जाए। जिले के 11 विकास खंड में गो आश्रय स्थल बने हैं, लेकिन जहां पर क्षमता पूरी चुकी है, वहां परेशानी आती है। - बीसी शर्मा, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी
हमारा प्रयास है कि महानगर में कहीं भी गोवंश केे बेसहारा न घूमने दिया जाए। सूचना पर नगर निगम की टीम मौके पर पहुंचकर गोवंश को सांवलपुर नवादा स्थित कान्हा उपवन में लेकर आते हैं। इस गोशाला की क्षमता लगभग पूरी होने को है, इसलिए जल्द अब नई गोशाला का निर्माण कराया जाएगा, जिसका प्लान तैयार किया जा रहा है। - संजीव वालिया, महापौर

शारदा नगर में रोड पर बैठा गोवंश- फोटो : SAHARANPUR