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खराब पड़े अग्निशमन यंत्र, मौन साधे सरकारी तंत्र

Wed, 11 May 2022 11:15 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 11 May 2022 11:15 PM IST
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Damaged fire extinguishers, silent government machinery
सहारनपुर। गरमी की प्रचंडता बढ़ने के साथ ही आग लगने की घटनाओं में तेजी आ गई है। शासन की गाइडलाइन के अनुसार परिषदीय स्कूलों में पर्याप्त संख्या में अग्निशमन यंत्र होने चाहिए, लेकिन जिले के अधिकांश स्कूलों में ये यंत्र स्टोर रूम में पड़े कबाड़ में तब्दील हो रहे हैं। इनकी वैधता भी समाप्त हुए अरसा बीत चुका है। ज्यादातर चालू हालत में नहीं हैं। केवल दिखावे के लिए इन्हें रखा गया है। इन्हें कब रिफिल कराया गया था यह भी संबंधित अध्यापकों को पता नहीं है, जबकि सभी स्कूलों में मिड-डे मील भी बनता है। ऐसे में यदि आग लगने की घटना होती है तो आग बुझाने के लिए केवल फायर ब्रिगेड ही एकमात्र विकल्प है, लेकिन पिछली घटनाओं से साफ है कि जब तक फायर ब्रिगेड की गाड़ी पहुंचती है तब तक सब कुछ राख हो चुका होता है।
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स्टोर रूम में रखे कबाड़ में तब्दील हो रहे अग्निशमन यंत्र
तीतरो क्षेत्र के ज्यादातर परिषदीय स्कूलों में सालों पहले खरीदे गए अग्निशमन यंत्र स्टोर रूम में पड़े कबाड़ में तब्दील हो गए हैं। महंगी के प्राथमिक स्कूल नंबर दो की प्रधानाध्यापिका सुमन पंवार ने बताया कि उन्होंने पांच हजार रुपये में अग्निशमन यंत्र खरीदे थे जो स्कूल की जर्जर इमारत के ध्वस्तीकरण के दौरान स्टोर में कहीं रखे हैं। बालू के प्राथमिक स्कूल में भी अग्निशमन यंत्र स्टोर रूम में रखे रखे खराब हो रहे हैं। यहां 195 बच्चों का मिड-डे मील बनता है जिससे कभी भी आग लगने की घटना हो सकती है, लेकिन अग्निशमन यंत्र इस्तेमाल लायक ही नहीं हैं।
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एक्सपायर सिलिंडर के पाइप तक हो चुके गायब
साढ़ौली कदीम ब्लॉक के गांव रसूलपुर के प्राथमिक स्कूल में दो अग्निशमन यंत्र रखे मिले, लेकिन उनमें से एक पर भी पाइप नहीं था। यही स्थिति गांव कंबोहमजरा के प्राथमिक स्कूल में रखे मिले अग्निशमन यंत्रों की थी। इन दोनों स्कूलों के अग्निशमन यंत्र चालू हालत में नहीं थे। इन्हें कब रिफिल कराया गया था यह भी संबधित अध्यापक नहीं बता सके। यदि स्कूल में आग लगने की घटना होती है तो इनका कोई फायदा नहीं मिल सकेगा।
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दो हजार छात्र-छात्राओं वाले इंटर कॉलेज में महज एक अग्निशमन यंत्र
बेहट के जनता इंटर कॉलेज में करीब दो हजार छात्र-छात्राएं अध्य्यनरत हैं। यहां मात्र एक अग्निशमन यंत्र है जो प्रधानाचार्य के कक्ष की दीवार पर लगा है, जबकि यहां लैब भी संचालित है। आग लगने की दशा में इस एक यंत्र के सहारे किस तरह आग पर काबू पाया जाएगा इसका जवाब कॉलेज प्रबंधन के पास नहीं है।

ताले के अंदर बंद अग्निशमन यंत्र, चाबी स्कूल में नहीं
गागलहेड़ी के प्राथमिक विद्यालय में अग्निशमन यंत्र के बारे में जब स्टाफ से जानकारी ली गई तो वे उसे उपलब्ध नहीं करा सके। वहां तैनात शिक्षक का कहना था कि प्रधानाचार्य को ही इसकी जानकारी है। प्रधानाचार्य से फोन पर संपर्क कर उन्होंने बताया कि अग्निशमन यंत्र स्टोर रूम में रखे हैं और उस पर ताला लगा है जिसकी चाबी प्रधानाचार्य के पास है। प्रधानाचार्य किसी काम से बाहर हैं। अब सवाल है कि यदि ऐसे में आग लगने की घटना हो जाए तो ताले के अंदर बंद अग्निशमन यंत्रों का इस्तेमाल कैसे होगा।

बेहट के जनता इंटर कॉलेज में दीवार पर लगा अग्निशमन सिलिंडर

बेहट के जनता इंटर कॉलेज में दीवार पर लगा अग्निशमन सिलिंडर- फोटो : SAHARANPUR

गांव बालू के प्राथमिक स्कूल के स्टोर रूम में पड़े कबाड़ में तब्दील हुए अग्निशमन यन्त्र

गांव बालू के प्राथमिक स्कूल के स्टोर रूम में पड़े कबाड़ में तब्दील हुए अग्निशमन यन्त्र- फोटो : SAHARANPUR

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