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पेराई तो शुरू, क्रय केंद्र और पर्ची के झंझट में उलझे किसान

Sun, 01 Nov 2020 11:03 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 01 Nov 2020 11:03 PM IST
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Crushing started, purchasing center and farmers involved in the mess of slip
पेराई शुरू, क्रय केंद्र और पर्ची के झंझट में उलझे किसान
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सहारनपुर। जिले की गागलहेड़ी और गांगनौली चीनी मिलों में काफी इंतजार के बाद पेराई शुरू हो गई है। लेकिन अधिकतर किसान अब तक क्रय केंद्र और पर्ची नहीं मिलने के झंझट से परेशान हैं। वहीं, पेराई सत्र शुरू होने के बावजूद किसानों को गन्ने का पहला बकाया भुगतान तक नहीं मिल पा रहा है। किसानों का कहना है कि पेराई शुरू करने के साथ ही उनकी ये समस्याएं भी तो दूर कराई जाएं। पेराई शुरू होने के बाद किसानों से बातचीत की तो उनकी कई परेशानियां सामने आईं।
क्रय केंद्र 10 किलोमीटर दूर, पर्ची आई नहीं
छुटमलपुर क्षेत्र के गांव जजनेर निवासी किसान सुनील राणा दया शुगर मिल से जुड़े हैं। उन्होंने 25 बीघा गन्ना बो रखा है। बताया कि अभी तक एक भी पर्ची नहीं आई है। इस बार उनका सेंटर भी रेहडी गांव से बदलकर भैंसराव कर दिया गया है। पहला क्रय केंद्र गांव से मात्र तीन किलोमीटर दूर था। अब क्रय केंद्र 10 किलोमीटर दूर है।
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पर्ची जल्दी आ जाए तो समय से हो गेहूं की बुवाई
राम खेड़ी निवासी किसान प्रवीण राणा ने बताया कि आठ दिन पूर्व में पर्ची का मेसेज तो आ गया था, लेकिन इंडेंट अभी तक नहीं कटा है। मिल से हर बार विलंब से पर्चियां मिलती हैं। इससे गेहूं बुवाई में दिक्कत आती है। मजबूरी में किसानों को अपना गन्ना चरखी पर बेचना पड़ता है।
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भुगतान की समस्या नहीं हुई दूर
रसूलपुर कम्बोहमजरा निवासी किसान अरविंद का कहना है कि गत वर्ष 22 जनवरी तक का गन्ना भुगतान बजाज शुगर मिल द्वारा पिछले सप्ताह ही शुरू किया गया है। लेकिन पूरा भुगतान अभी अभी बकाया है।
गागलहेडी क्षेत्र के चौरादेव गांव के किसान नरेश कुमार यादव ने बताया कि दया शुगर मिल ने पिछले वर्ष 12 मार्च तक का ही गन्ना भुगतान किया है, जबकि मिल ने पंचायत में 15 अक्तूबर तक करने का वादा किया था।
चकखीजरपुर निवासी मिसरयान का कहना है कि गत वर्ष उनके क्षेत्र में बजाज शुगर मिल का क्रय केंद्र था। इस वर्ष वे अन्य मिल का गन्ना क्रय केंद्र समिति से मांग रहे थे। लेकिन उनके क्षेत्र में फिर से बजाज शुगर मिल का गन्ना क्रय केन्द्र संचालित कर दिया गया है। अभी तक इस वर्ष उनकी गन्ना पर्ची भी नहीं आई है।

जिले में बकाया गन्ना मूल्य
मिल-----------------बकाया
देवबंद-------------51.17 करोड
गांगनौली--------136.23 करोड
शेरमऊ------------40.88 करोड
गागलहेडी--------- 31.07 करोड
नानौता-------------50.76 करोड
सरसावा-----------28.05 करोड
नोट: गन्ना विभाग के 31 अक्तूबर के आंकड़ों के अनुसार।
जिला गन्ना अधिकारी कृष्ण मोहन मणि त्रिपाठी ने बताया कि बकाया भुगतान जल्द कराने के लिए सभी चीनी मिलों पर दबाव बनाया हुआ है। उम्मीद है कि मिलें शीघ्र ही तमाम बकाए का भुगतान कर देंगी। बकाए में कोताही बरतनी वाली चीनी मिलों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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