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बारिश में कच्चे मकान ढहे, पिता पुत्र सहित 11 दबे
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Fri, 30 Jun 2017 12:06 AM IST
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खेतों में भरा पानी।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सहारनपुर के लखनौती में दो दिन से लगातार हो रही मानसून की पहली जबरदस्त बारिश से जहां किसानों के चेहरे खिल उठे वहीं पांच ग्रामीणों के कच्चे मकान गिर गए।
गांव बुड्ढाखेड़ा में पिता-पुत्र के परिवार के 11 लोग दब गए। समय रहते ग्रामीणों ने मलबे में दबे सभी लोगों को सकुशल बाहर निकाल लिया। ग्रामीणों ने हादसे के पीडि़तों के लिए मुआवजे की मांग की है।
बुधवार से शुरू हुई बारिश ने किसानों के लिए धान रोपाई में सोने पर सुहागा का काम किया है। वहीं यह बारिश कच्चे मकान वालों के लिए आफत भी साथ लेकर आई है।
गांव बुड्ढाखेड़ा निवासी जानी का कच्चा मकान बारिश में भरभरा कर गिर गया, जिसके मलबे के नीचे जानी सहित उसकी दो पुत्रियां रिजवाना (8), आलिया (4), दो पुत्र रिजवान (6) एवं खुुर्शाीद (35) के अलावा खुर्शीद की पत्नी करीना (30) एवं उसकी दो पुत्रियां रिहाना (3), सोफिया (1) तथा खुर्शी का पुत्र जोएफ (2) दब गए।
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मकान गिरने की आवाज के साथ ही सैकड़ों ग्रामीणों ने वहां पहुंच कर आनन-फानन में मकान का मलबा हटाकर परिवार के सभी सदस्यों को सकुशल बाहर निकाल लिया। मलबे के नीचे दबने से सभी को मामूली चोटें आई हैं।
इसके अलावा लखनौती के मोहल्ला कुरैशियान निवासी लिल्ला, बहादुर नगर निवासी जीत सिंह का मकान भी बारिश के दौरान गिर गए। यहां गनीमत ये रही कि इन मकानों में उस समय कोई मौजूद नहीं था।
हालांकि ग्रामीणों ने बेघर हुए परिवारों को अस्थाई रूप से रहने के लिए आश्रय दे दिया है, मकान गिरने से बेघर हुए परिवारों के लिए स्थाई आश्रय का प्रश्न खड़ा हो गया है। अब्बास चौधरी ने राजबीर सिंह, संदीप, पूर्ण सिंह, अख्तर खान, जनेश्वर प्रसाद इरसाद आदि ग्रामीणों ने शासन प्रशासन से मुआवजे की मांग की है।
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गांव बुड्ढाखेड़ा में पिता-पुत्र के परिवार के 11 लोग दब गए। समय रहते ग्रामीणों ने मलबे में दबे सभी लोगों को सकुशल बाहर निकाल लिया। ग्रामीणों ने हादसे के पीडि़तों के लिए मुआवजे की मांग की है।
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बुधवार से शुरू हुई बारिश ने किसानों के लिए धान रोपाई में सोने पर सुहागा का काम किया है। वहीं यह बारिश कच्चे मकान वालों के लिए आफत भी साथ लेकर आई है।
गांव बुड्ढाखेड़ा निवासी जानी का कच्चा मकान बारिश में भरभरा कर गिर गया, जिसके मलबे के नीचे जानी सहित उसकी दो पुत्रियां रिजवाना (8), आलिया (4), दो पुत्र रिजवान (6) एवं खुुर्शाीद (35) के अलावा खुर्शीद की पत्नी करीना (30) एवं उसकी दो पुत्रियां रिहाना (3), सोफिया (1) तथा खुर्शी का पुत्र जोएफ (2) दब गए।
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मकान गिरने की आवाज के साथ ही सैकड़ों ग्रामीणों ने वहां पहुंच कर आनन-फानन में मकान का मलबा हटाकर परिवार के सभी सदस्यों को सकुशल बाहर निकाल लिया। मलबे के नीचे दबने से सभी को मामूली चोटें आई हैं।
इसके अलावा लखनौती के मोहल्ला कुरैशियान निवासी लिल्ला, बहादुर नगर निवासी जीत सिंह का मकान भी बारिश के दौरान गिर गए। यहां गनीमत ये रही कि इन मकानों में उस समय कोई मौजूद नहीं था।
हालांकि ग्रामीणों ने बेघर हुए परिवारों को अस्थाई रूप से रहने के लिए आश्रय दे दिया है, मकान गिरने से बेघर हुए परिवारों के लिए स्थाई आश्रय का प्रश्न खड़ा हो गया है। अब्बास चौधरी ने राजबीर सिंह, संदीप, पूर्ण सिंह, अख्तर खान, जनेश्वर प्रसाद इरसाद आदि ग्रामीणों ने शासन प्रशासन से मुआवजे की मांग की है।