ट्रेनों में चोरी करने वाले गैंग का भंडाफोड़: रेलवे पुलिस के हत्थे चढ़े चार शातिर बदमाश, आरोपियों ने खोले अब तक के बड़े राज
ट्रेनों में चोरी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। रेलवे पुलिस ने चार शातिर चोरों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए चोरों के पास से 1,320 रुपये की नकदी, 21 मोबाइल फोन, एक पेंडल, चेन, कड़ा व दो अंगूठी आरोपियों के कब्जे से बरामद हुईं हैं।
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सहारनपुर में जीआरपी पुलिस ने ट्रेनों में चोरी की वारदात को अंजाम देने वाला गिरोह दबोच लिया। इसी गिरोह ने ट्रेन में ड्यूटी पर तैनात आरपीएफ के सिपाही के पिस्टल की मैगजीन चोरी कर ली थी। दस कारतूस सहित वह मैगजीन भी पुलिस ने बरामद कर ली है।
शनिवार को जीआरपी थाने पर प्रेसवार्ता में एसपी जीआरपी अपर्णा गुप्ता ने बताया कि थाना प्रभारी ने पुलिस टीम के साथ रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर चार पर रात में चार बजे आरोपियों को दबोच लिया। आरोपियों में जोनी उर्फ शुभम और मोनू कुमार निवासी गांव सुनेहटी खड़खड़ी थाना गागलहेड़ी, जोनी उर्फ ढोला और उपकार निवासी जानखेड़ा थाना रामपुर मनिहारान शामिल हैं। पकड़े गए आरोपी यूपी, हरियाणा व उत्तराखंड को जाने वाली ट्रेनों में सवार होकर वारदात करते थे।
लुधियाना से लौटते समय चोरी हुई थी पिस्टल की मैगजीन
आरपीएफ के सिपाही मोहित कुमार बीते माह जब लुधियाना से सहारनपुर आ रही ट्रेन में ड्यूटी पर थे, तभी उनके पास मौजूद .9 एमएम पिस्टल की मैगजीन चोरी हो गई थी। मैगजीन में 10 कारतूस थे। इसकी रिपोर्ट जीआरपी थाने पर दर्ज कराई थी। इसके अलावा आरोपियों से 1,320 रुपये की नकदी, 21 मोबाइल फोन, एक पेंडल, चेन, कड़ा व दो अंगूठी आरोपियों के कब्जे से बरामद हुईं हैं।
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जोनी पर दर्ज हैं 16 मुकदमे
गिरफ्तार आरोपी जोनी उर्फ शुभम का लंबा आपराधिक रिकॉर्ड है। पुलिस के मुताबिक इसके खिलाफ कोतवाली देहात सहारनपुर, मुजफ्फरनगर के सिविल लाइन, हरियाणा के जगाधरी सहित 16 आपराधिक मामले दर्ज हैं। इसके अलावा जोनी उर्फ ढोला के खिलाफ यमुनानगर और जीआरपी थाना सहारनपुर पर कुल आठ आपराधिक मामले दर्ज हैं।
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खाने का सामान बेचते-बेचते बन गए चोर
पुलिस के मुताबिक पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने यह भी बताया कि पूर्व में वह ट्रेनों में बतौर वेंडर घूमते थे। खाद्य पदार्थ बेचते थे, बाद में यह काम बंद हो गया। वेंडर के रूप में इन्हें चलती ट्रेन में चढ़ने और वारदात को अंजाम देने के बाद ट्रेन की धीमी रफ्तार होने पर कूदने का भी अभ्यास हो गया था। इसी के चलते काफी समय से यह लोग ट्रेनों में यात्रियों के सामान की चोरी करने लग गए।