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गजब है!: रिश्वत लेने के लिए नायब तहसीलदार ने नियुक्त कर रखा था प्राइवेट बाबू, लोकायुक्त के जाल में फंसे दोनों
Thu, 17 Sep 2026 07:39 PM IST
जबलपुर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
Published by: जबलपुर ब्यूरो
Updated Thu, 17 Sep 2026 07:39 PM IST
सार
मंडला के बम्हनी बंजर उप तहसील कार्यालय में लोकायुक्त ने नायब तहसीलदार अजय श्रीवास्तव और उसके प्राइवेट बाबू हरीश सिंगौर को रिश्वत लेते पकड़ा। नामांतरण आदेश के लिए 10 हजार रुपये मांगे गए थे, आठ हजार में सौदा तय हुआ। शिकायत सत्यापन के बाद टीम ने कार्रवाई कर रिश्वत की रकम जब्त की।
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रिश्वत लेने के लिए नायब तहसीलदार ने नियुक्त कर रखा था प्राइवेट बाबू
विस्तार
उप तहसील कार्यालय बम्हनी बंजर जिला मंडला में पदस्थ नायब तहसीलदार ने रिश्वत लेने के लिए प्राइवेट बाबू नियुक्त कर रखा था। लोकायुक्त की टीम ने नामांतरण कार्य के लिए रिश्वत लेते हुए नायब तहसीलदार व उसके प्राइवेट बाबू को रंगे हाथ पकड़ा। लोकायुक्त ने आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई की।
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लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक अंजूलता पटले से प्राप्त जानकारी के अनुसार पीड़ित रोहणी प्रसाद चंद्रौल उम्र 55 वर्ष निवासी ग्राम सिल्गी जिला मंडला ने शिकायत में बताया था कि पिताजी झनक लाल के नाम से गांव में कृषि भूमि थी। पिता द्वारा वसीयतनामा कर उक्त जमीन उसके बेटे आलोक चंद्रौल के नाम कर दी गई थी। भूमि के नामांतरण के लिए ऑनलाइन आवेदन करने के उपरांत शिकायतकर्ता कार्यालय उप तहसील कार्यालय बम्हनी बंजर गया था।
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कार्यालय में पदस्थ नायब तहसीलदार अजय श्रीवास्तव तथा उसके बाबू के रूप में काम कर रहे प्राइवेट व्यक्ति हरीश सिंगौर द्वारा नामांकन आदेश जारी करने के एवज शिकायतकर्ता से दस हजार रुपये रिश्वत के रूप में मांगे गए थे। उनके बीच आठ हजार रुपए में सौदा तय हुआ था। पीडित द्वारा की गई शिकायत का सत्यापन करने पर सही पाई गई थी।
आरोपियों द्वारा पीड़ित को रिश्वत की रकम लेकर उप तहसील कार्यालय बम्हनी बंजर बुलाया गया था। शिकायतकर्ता ने कार्यालय पहुंचकर नायब तहसीलदार के निर्देश पर प्राइवेट बाबू को रिश्वत की रकम दी, तभी लोकायुक्त की टीम ने दबिश देकर उसे रंगेहाथ पकड़ लिया। लोकायुक्त की टीम ने रिश्वत की रकम जब्त करते हुए दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधन)2018 की धारा-7,13(1)ठ, 13(2) एवं 61 ( 2) बी एन एस के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया है।
