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50 हजार में किया किशोरी का सौदा
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Mon, 01 Feb 2016 01:03 AM IST
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घुमाने के बहाने साथ ले जाकर किशोरी की आबरू और उसकी जिंदगी का सौदा 50 हजार रुपये में कर दिया गया। उसका सौदा करने वाला कोई और नहीं बल्कि उसकी ही सहेली का जीजा था।
खुद को बेचने और गुलामी में उत्पीड़न से तंग आकर यह किशोरी किसी तरह खरीदार के चंगुल से भाग निकली। शनिवार रात जीआरपी के जवानों ने उसे रेलवे स्टेशन पर भटकते हुए पाया। शुरुआती पूछताछ के बाद उसे चाइल्ड लाइन संस्था के हवाले कर दिया गया।
इस संस्था के निदेशक मंसूर हुसैन सहित अन्य सदस्यों ने किशोरी की काउंसलिंग की तो उसकी बातें सुनकर वे दंग रह गए। किशोरी ने बताया कि मूलरूप से वह झारखंड राज्य के जिला रांची के घासी टोली क्षेत्र की रहने वाली है। उसके माता-पिता नहीं हैं।
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किशोरी ने बताया कि उसकी एक सहेली के घर उसका आना जाना था। यहां सहेली का जीजा भगवान दास उससे मिला। एक दिन वह उसे घूमाने ले जाने के बहाने साथ लेकर गया और फिर एक जगह बादल नाम के एक शख्स के पास छोड़ दिया। किशोरी के मुताबिक यहां उससे कहा गया कि अब वह बादल के साथ ही रहेगी।
उसकी शादी उसके साथ की जा रही है। इसके बाद जीजा यहां छोड़कर चला गया। उसे यहां रहने का विरोध किया तो उसे मारा पीटा गया।
उत्पीड़न से परेशान होकर उसने बादल की भाभी के सामने यहां से जाने की इच्छा जताई तो उसने खुलासा किया कि शादी के नाम पर उसे 50000 रुपये में खरीदा गया है। इसलिए अब वह कहीं नहीं जा सकती है। यह सच सामने आने के बाद घबराई किशोरी किसी तरह वहां से भाग निकली।
खरीदार का घर नहीं बता पाई किशोरी
संस्था निदेशक मंसूर हुसैन ने बताया कि स्टेशन पर भटकती मिली किशोरी से घंटों की काउंसलिंग के बावजूद यह पता नहीं लग पाया है कि जिस शख्स ने उसे खरीदा था।
उसका घर किस जगह पर है। उन्होंने बताया कि चिकित्सीय परीक्षण कराने के बाद झारखंड के रांची में किशोरी के जीजा संतोष से संपर्क करने का प्रयास किया जा रहा है। यदि परिजनों या अन्य करीबी रिश्तेदारों की लोकेशन सही मिली और किशोरी जाने को तैयार हुई तो उसे यहां से भेज दिया जाएगा। अन्यथा नारी निकेतन भेजा जाएगा।
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खुद को बेचने और गुलामी में उत्पीड़न से तंग आकर यह किशोरी किसी तरह खरीदार के चंगुल से भाग निकली। शनिवार रात जीआरपी के जवानों ने उसे रेलवे स्टेशन पर भटकते हुए पाया। शुरुआती पूछताछ के बाद उसे चाइल्ड लाइन संस्था के हवाले कर दिया गया।
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इस संस्था के निदेशक मंसूर हुसैन सहित अन्य सदस्यों ने किशोरी की काउंसलिंग की तो उसकी बातें सुनकर वे दंग रह गए। किशोरी ने बताया कि मूलरूप से वह झारखंड राज्य के जिला रांची के घासी टोली क्षेत्र की रहने वाली है। उसके माता-पिता नहीं हैं।
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किशोरी ने बताया कि उसकी एक सहेली के घर उसका आना जाना था। यहां सहेली का जीजा भगवान दास उससे मिला। एक दिन वह उसे घूमाने ले जाने के बहाने साथ लेकर गया और फिर एक जगह बादल नाम के एक शख्स के पास छोड़ दिया। किशोरी के मुताबिक यहां उससे कहा गया कि अब वह बादल के साथ ही रहेगी।
उसकी शादी उसके साथ की जा रही है। इसके बाद जीजा यहां छोड़कर चला गया। उसे यहां रहने का विरोध किया तो उसे मारा पीटा गया।
उत्पीड़न से परेशान होकर उसने बादल की भाभी के सामने यहां से जाने की इच्छा जताई तो उसने खुलासा किया कि शादी के नाम पर उसे 50000 रुपये में खरीदा गया है। इसलिए अब वह कहीं नहीं जा सकती है। यह सच सामने आने के बाद घबराई किशोरी किसी तरह वहां से भाग निकली।
खरीदार का घर नहीं बता पाई किशोरी
संस्था निदेशक मंसूर हुसैन ने बताया कि स्टेशन पर भटकती मिली किशोरी से घंटों की काउंसलिंग के बावजूद यह पता नहीं लग पाया है कि जिस शख्स ने उसे खरीदा था।
उसका घर किस जगह पर है। उन्होंने बताया कि चिकित्सीय परीक्षण कराने के बाद झारखंड के रांची में किशोरी के जीजा संतोष से संपर्क करने का प्रयास किया जा रहा है। यदि परिजनों या अन्य करीबी रिश्तेदारों की लोकेशन सही मिली और किशोरी जाने को तैयार हुई तो उसे यहां से भेज दिया जाएगा। अन्यथा नारी निकेतन भेजा जाएगा।