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Haridwar News: छतों के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन से ग्रामीणों में डर
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- धनपुरा और घिस्सुपुरा गांव में गुजर रही 11 हजार की लाइन
संवाद न्यूज एजेंसी
पथरी। धनपुरा और घिस्सुपुरा गांव में सैकड़ों घरों की छतों के ऊपर से गुजर रही 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन बिजली लाइन ग्रामीणों के लिए खतरा बनी हुई है। हादसे की आशंका को देखते हुए ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर लाइन को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट कराने की मांग की है।
ग्रामीणों ने बताया कि करीब एक साल पहले विधायक निधि से लाइन को दूसरी जगह शिफ्ट करने का काम शुरू हुआ था। इससे ग्रामीणों को राहत की उम्मीद जगी थी लेकिन गांव के एक किसान की आपत्ति के बाद काम बीच में ही रोक दिया गया। इसके बाद से लाइन शिफ्टिंग का काम दोबारा शुरू नहीं हो सका।
ग्रामीणों का कहना है कि घरों की छतों के ऊपर से हाईटेंशन लाइन गुजरने के कारण बच्चों के छत पर खेलने और महिलाओं के रोजमर्रा के काम करने के दौरान हादसे का खतरा बना रहता है। कई बार बिजली विभाग और प्रशासन से शिकायत के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ।
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ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि वे किसी किसान की निजी भूमि से जबरन लाइन गुजारने के पक्ष में नहीं हैं। उनका कहना है कि सार्वजनिक रास्ते की पैमाइश कराकर उसी मार्ग से लाइन शिफ्ट की जाए। ग्रामीणों के मुताबिक, विधायक अनुपमा रावत की निधि से लाइन शिफ्टिंग के लिए बजट उपलब्ध कराया गया था।
प्रार्थना पत्र देने वालों में सामाजिक कार्यकर्ता मौ. सलीम, मौ. मुस्तफा अंसारी, उपप्रधान सदस्य सलीम अहमद, तिलक राम, नाथीराम, नन्दराम, भोपाल सिंह, रमेश सिंह, विक्रम सिंह और सुखबीर सिंह शामिल रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
पथरी। धनपुरा और घिस्सुपुरा गांव में सैकड़ों घरों की छतों के ऊपर से गुजर रही 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन बिजली लाइन ग्रामीणों के लिए खतरा बनी हुई है। हादसे की आशंका को देखते हुए ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर लाइन को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट कराने की मांग की है।
ग्रामीणों ने बताया कि करीब एक साल पहले विधायक निधि से लाइन को दूसरी जगह शिफ्ट करने का काम शुरू हुआ था। इससे ग्रामीणों को राहत की उम्मीद जगी थी लेकिन गांव के एक किसान की आपत्ति के बाद काम बीच में ही रोक दिया गया। इसके बाद से लाइन शिफ्टिंग का काम दोबारा शुरू नहीं हो सका।
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ग्रामीणों का कहना है कि घरों की छतों के ऊपर से हाईटेंशन लाइन गुजरने के कारण बच्चों के छत पर खेलने और महिलाओं के रोजमर्रा के काम करने के दौरान हादसे का खतरा बना रहता है। कई बार बिजली विभाग और प्रशासन से शिकायत के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ।
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ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि वे किसी किसान की निजी भूमि से जबरन लाइन गुजारने के पक्ष में नहीं हैं। उनका कहना है कि सार्वजनिक रास्ते की पैमाइश कराकर उसी मार्ग से लाइन शिफ्ट की जाए। ग्रामीणों के मुताबिक, विधायक अनुपमा रावत की निधि से लाइन शिफ्टिंग के लिए बजट उपलब्ध कराया गया था।
प्रार्थना पत्र देने वालों में सामाजिक कार्यकर्ता मौ. सलीम, मौ. मुस्तफा अंसारी, उपप्रधान सदस्य सलीम अहमद, तिलक राम, नाथीराम, नन्दराम, भोपाल सिंह, रमेश सिंह, विक्रम सिंह और सुखबीर सिंह शामिल रहे।