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अमीर बनने के चक्कर में बन गया सॉल्वर, अब नौकरी पर भी खतरा
Wed, 30 Jan 2019 12:25 AM IST
Prag Gupta
ब्यूरो, सहारनपुर
ब्यूरो, सहारनपुर
Published by: Prag Gupta
Updated Wed, 30 Jan 2019 12:25 AM IST
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पकड़ा गया सॉल्वर गैंग, खुलासा करते एसपी सिटी।
- फोटो : अमर उजाला
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सहारनपुर सीआरपीएफ में उपनिरीक्षक के पद पर चयन हो चुका था, एक माह बाद ज्वानिंग करनी थी, लेकिन अमीर बनने के शार्टकट ने अमित को सॉल्वर बना दिया। वह ना तो अमीर बन सका और हाथ में आई नौकरी भी खतरे में पड़ गई है।
सोमवार को पुलिस भर्ती परीक्षा के दौरान साल्वर गैंग एवं अभ्यर्थियों समेत सात लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया। जिनमें साल्वर गैंग के शिव शंकर निवासी अमरपुर थाना पकरी बरोआ जिला नवादा बिहार को इस्लामिया इंटर कॉलेज से, आकाश कुमार उर्फ कौशल निवासी ग्राम लोडी न्यू सराय नालंदा बिहार तथा अमित निवासी झोझूकला थाना चरखी दादरी हरियाणा को शहीद मेमोरियल इंटर कॉलेज से गिरफ्तार किया गया।
इनके साथ ही अभ्यर्थी विशाल यादव निवासी ग्राम पूठड़ बागपत, आमिर, सलीम और सुहेल निवासी ग्राम तावली शाहपुर मुजफ्फरनगर को भी गिरफ्तार किया। आरोपियों के पास से फर्जी प्रवेश पत्र, फर्जी आधार कार्ड, फर्जी आईडी के अलावा फोटो, मोबाइल फोन, एक कार बरामद की गई है।
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एसपी सिटी प्रबल प्रताप सिंह ने बताया कि पकड़े गए मुन्ना भाई में हरियाणा निवासी अमित को सौरभ यादव निवासी ग्राम लहचोड़ा खेकड़ा बागपत के स्थान पर परीक्षा देते हुए पकड़ा। उन्होंने बताया कि अमित का चयन सीआरपीएफ में उपनिरीक्षक के पद पर हो चुका है और एक माह बाद उसे ज्वाइनिंग करनी थी, लेकिन इस बीच वह पैसा कमाकर अमीर बनने के चक्कर में सॉल्वर बन बैठा।
उसने सौरभ के साथी विशाल से मिलकर उसका पहचान पत्र, आधार कार्ड, आईडी तथा प्रवेश पत्र को फर्जी फोटो लगाकर तैयार किया और परीक्षा देने के लिए बैठ गया, लेकिन पुलिस को धोखा नहीं दे सका। अब उसे कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है। जिससे उसकी नौकरी पर भी खतरा मंडरा गया है।
कद काठी देख हुआ शिवशंकर पर संदेह
एसपी सिटी प्रबल प्रताप सिंह ने बताया कि पुलिस भर्ती परीक्षा के दौरान इस्लामिया इंटर कॉलेज से पकड़ा गया बिहार निवासी शिव शंकर को परीक्षा देते देख परीक्षकों को संदेह हुआ। शिव शंकर की न तो शारीरिक स्थिति ही पुलिस भर्ती लायक लगी और न ही उसका कद इतना था कि पुलिस भर्ती में शामिल हो सके। संदेह होने पर उससे पकड़कर पूछताछ की तो वह सुहेल के स्थान पर परीक्षा देते हुए पाया गया।
रविवार को पकड़े गए थे चार आरोपी
पुलिस ने रविवार को भी गागलहेड़ी से साल्वर गैंग के दो सदस्यों समेत चार लोगों को पकड़ा था। जिनमें बागपत के बिनौली निवासी रवि और बिहार निवासी बिजेंद्र साल्वर गैंग के सदस्य थे। बिजेंद्र ने सुबह की पाली में बिनौली निवासी दीपक के स्थान पर परीक्षा दी थी, जबकि शाम की पाली में बिजेंद्र ने ही राकेश निवासी परतापुर मेरठ के स्थान पर परीक्षा दी थी।
परीक्षा केंद्र के बाहर ही करते थे संपर्क
एसपी सिटी प्रबल प्रताप सिंह ने बताया कि सॉल्वर गैंग में अधिकांश बिहार के रहने वाले हें। ये युवक दिल्ली में रहकर एसएसबी एवं अन्य परीक्षाओं की तैयारी कर रहे थे। बिहार के रहने वाले इन लोगों ने भी पैसा कमाने के लिए परीक्षा केंद्रों पर पहुंचे और अभ्यर्थियों से संपर्क कर उनके सॉल्वर बन गए। इनके गैंग में और भी लोग शामिल हैं। जिनके बारे में पूछताछ की जा रही है।
ठेका पांच लाख तक, पेशगी 25 हजार
एसपी सिटी प्रबल प्रताप सिंह ने बताया कि सॉल्वर गैंग के सदस्य एक लाख रुपये से पांच लाख रुपये में पास कराने का ठेका लेते थे। पेशगी के तौर पर दस हजार से 25 हजार रुपये लेकर परीक्षा में बैठते थे और पास होने पर शेष रुपये दिया जाना तय करते थे।
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सोमवार को पुलिस भर्ती परीक्षा के दौरान साल्वर गैंग एवं अभ्यर्थियों समेत सात लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया। जिनमें साल्वर गैंग के शिव शंकर निवासी अमरपुर थाना पकरी बरोआ जिला नवादा बिहार को इस्लामिया इंटर कॉलेज से, आकाश कुमार उर्फ कौशल निवासी ग्राम लोडी न्यू सराय नालंदा बिहार तथा अमित निवासी झोझूकला थाना चरखी दादरी हरियाणा को शहीद मेमोरियल इंटर कॉलेज से गिरफ्तार किया गया।
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इनके साथ ही अभ्यर्थी विशाल यादव निवासी ग्राम पूठड़ बागपत, आमिर, सलीम और सुहेल निवासी ग्राम तावली शाहपुर मुजफ्फरनगर को भी गिरफ्तार किया। आरोपियों के पास से फर्जी प्रवेश पत्र, फर्जी आधार कार्ड, फर्जी आईडी के अलावा फोटो, मोबाइल फोन, एक कार बरामद की गई है।
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एसपी सिटी प्रबल प्रताप सिंह ने बताया कि पकड़े गए मुन्ना भाई में हरियाणा निवासी अमित को सौरभ यादव निवासी ग्राम लहचोड़ा खेकड़ा बागपत के स्थान पर परीक्षा देते हुए पकड़ा। उन्होंने बताया कि अमित का चयन सीआरपीएफ में उपनिरीक्षक के पद पर हो चुका है और एक माह बाद उसे ज्वाइनिंग करनी थी, लेकिन इस बीच वह पैसा कमाकर अमीर बनने के चक्कर में सॉल्वर बन बैठा।
उसने सौरभ के साथी विशाल से मिलकर उसका पहचान पत्र, आधार कार्ड, आईडी तथा प्रवेश पत्र को फर्जी फोटो लगाकर तैयार किया और परीक्षा देने के लिए बैठ गया, लेकिन पुलिस को धोखा नहीं दे सका। अब उसे कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है। जिससे उसकी नौकरी पर भी खतरा मंडरा गया है।
कद काठी देख हुआ शिवशंकर पर संदेह
एसपी सिटी प्रबल प्रताप सिंह ने बताया कि पुलिस भर्ती परीक्षा के दौरान इस्लामिया इंटर कॉलेज से पकड़ा गया बिहार निवासी शिव शंकर को परीक्षा देते देख परीक्षकों को संदेह हुआ। शिव शंकर की न तो शारीरिक स्थिति ही पुलिस भर्ती लायक लगी और न ही उसका कद इतना था कि पुलिस भर्ती में शामिल हो सके। संदेह होने पर उससे पकड़कर पूछताछ की तो वह सुहेल के स्थान पर परीक्षा देते हुए पाया गया।
रविवार को पकड़े गए थे चार आरोपी
पुलिस ने रविवार को भी गागलहेड़ी से साल्वर गैंग के दो सदस्यों समेत चार लोगों को पकड़ा था। जिनमें बागपत के बिनौली निवासी रवि और बिहार निवासी बिजेंद्र साल्वर गैंग के सदस्य थे। बिजेंद्र ने सुबह की पाली में बिनौली निवासी दीपक के स्थान पर परीक्षा दी थी, जबकि शाम की पाली में बिजेंद्र ने ही राकेश निवासी परतापुर मेरठ के स्थान पर परीक्षा दी थी।
परीक्षा केंद्र के बाहर ही करते थे संपर्क
एसपी सिटी प्रबल प्रताप सिंह ने बताया कि सॉल्वर गैंग में अधिकांश बिहार के रहने वाले हें। ये युवक दिल्ली में रहकर एसएसबी एवं अन्य परीक्षाओं की तैयारी कर रहे थे। बिहार के रहने वाले इन लोगों ने भी पैसा कमाने के लिए परीक्षा केंद्रों पर पहुंचे और अभ्यर्थियों से संपर्क कर उनके सॉल्वर बन गए। इनके गैंग में और भी लोग शामिल हैं। जिनके बारे में पूछताछ की जा रही है।
ठेका पांच लाख तक, पेशगी 25 हजार
एसपी सिटी प्रबल प्रताप सिंह ने बताया कि सॉल्वर गैंग के सदस्य एक लाख रुपये से पांच लाख रुपये में पास कराने का ठेका लेते थे। पेशगी के तौर पर दस हजार से 25 हजार रुपये लेकर परीक्षा में बैठते थे और पास होने पर शेष रुपये दिया जाना तय करते थे।