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फर्जी फर्म के बिल पर हुआ करोड़ों का माल इधर से उधर 

Thu, 29 Mar 2018 11:27 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ सहारनपुर
अमर उजाला ब्यूरो/ सहारनपुर Updated Thu, 29 Mar 2018 11:27 PM IST
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Hundreds of crores of rupees on bogie firm's bill
वाणिज्य कर विभाग द्वारा पकड़ा गया ट्रक। - फोटो : अमर उजाला
सहारनपुर में फर्जी फर्म के बिल पर करोड़ों रुपये का माल इधर से उधर करने का एक मामला सामने आया है। वाणिज्यकर विभाग के सचल दल द्वारा पकडे़ गए एक ट्रक के बिल की जांच करने पर इसका खुलासा हुआ है।
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गाजियाबाद से सहारनपुर के लिए बना ई वे बिल-2 फर्जी फर्म का पाया गया। इस गाड़ी में आयरन शीट लदी हुई है। जिसमें कीमत 6 लाख 12 हजार रुपये आंकी गई है। जांच में सबसे बड़ा खुलासा यह हुआ कि गाजियाबाद की इस फर्जी फर्म ने जनवरी से मार्च तक करीब 50 करोड़ रुपये के ई वे बिल-2 डाउनलोड किए हैं।
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इसमें माल को गाजियाबाद से बनारस और बनारस से गाजियाबाद लाना दर्शा रखा है। मामला पकड़ में आते ही वाणिज्यकर विभाग के आला अधिकारी मामले की जांच में जुट गए हैं। इस माल पर 118 प्रतिशत पेनाल्टी लगाई जाएगी।
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वाणिज्यकर विभाग के सचल दल के असिस्टेंट कमिश्नर प्रशांत कुमार सिंह और शैलेंद्र कुमार सिंह द्वारा कर अपवंचन की जांच के लिए रोके गए एक ट्रक में लदे आयरन शीट के बिल की जांच में यह खुलासा हुआ है।

ट्रक में लदे माल का बिल गाजियाबाद से सहारनपुर का बना हुआ था। बिल की जांच में पता चला कि जिस फर्म के नाम का बिल लगा हुआ है वह फर्जी है। इस ट्रक पर 6 लाख 12 हजार रुपये कीमत की आयरन शीट लदा हुआ है।

मामले की जांच के दौरान हुए एक और खुलासे ने वाणिज्यकर विभाग के आला अधिकारियों को चौंका दिया। जांच में सामने आया कि इस फर्जी फर्म के नाम पर गाजियाबाद से बनारस और बनारस से गाजियाबाद के लिए जनवरी, फरवरी और मार्च महीने में 50 करोड़ रुपये के ई वे बिल को लोड किया गया है।

खास बात यह है कि इसमें उन्होंने गाजियाबाद से बनारस और बनारस से गाजियाबाद जो माल परिवहन करना दर्शाया उसकी कीमत को बराबर में दर्ज कर रखा है। विभाग के आला अधिकारी इस मामले की जांच में जुट गए हैं। इसके अलावा जिस फर्म के लिए यह माल आ रहा था उसकी भी जांच शुरू कर दी गई है।  


 जांच में पकड़ी गई फर्जी फर्म ने गाजियाबाद से बनारस और बनारस से गाजियाबाद के लिए 50 करोड़ रुपये के ई वे बिल-2 को डाउनलोड किया हुआ है। यह एक चौंकाने वाला खुलासा है। ई वे बिल-2 को आयरन के परिवहन के लिए जनरेट किया जाता है। पूरे मामले पर विभाग के आला अधिकारी नजर रखे हुए हैं। प्रकरण में आगे की जांच कराई जा रही है।
- विनय अस्थाना, एडिशनल कमिश्नर ग्रेड-2 वाणिज्यकर विभाग।
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