{"_id":"577429464f1c1b881579a8d7","slug":"firing-on-police-team-soldier-wounded","type":"story","status":"publish","title_hn":"पुलिस टीम पर फायरिंग","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
पुलिस टीम पर फायरिंग
ब्यूरो/अमर उजाला, नागल
Updated Thu, 30 Jun 2016 01:32 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गोतस्करों की तलाश में तासीपुर के जंगल में पहुंची नागल पुलिस पर बेखौफ तस्करों ने पथराव और फायरिंग कर दी। इसमें एक पुलिसकर्मी घायल हो गया। अचानक हमले से पुलिस टीम के पैर उखड़ गए। इसका फायदा उठाते हुए तस्कर गौवंश से भरे वाहन सहित फरार होने में सफल रहे। बाद में पुलिस ने थाने पर दो को नामजद करते हुए पांच तस्करों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की।
जानकारी के अनुसार कई दिन से पुलिस को सूचना मिल रही थी कि तासीपुर के रास्ते सुबह के समय गोतस्करी की जा रही है। बुधवार सुबह करीब छह बजे सब इंस्पेक्टर गोविंद वल्लभ शर्मा, सिपाही उपेन्द्र, विजय व सुमित जीप लेकर तासीपुर के जंगल में पहुंच गए। पुलिस टीम के सदस्य जीप को आड़ी तिरछी कर छिप कर बैठ गए। तस्करों की पिकअप को रोकने के लिए एक मोटी रस्सी को रास्ते दोनों सिरों पर बांधकर मार्ग अवरुद्ध कर दिया।
करीब सात बजे गोवंश से भरी हुई पिकअप गाड़ी आती हुई दिखाई दी और पुलिस ने जैसे ही उसे रोकना चाहा तो गोतस्करों हमलावर होते हुए वाहन से रस्से को तोड़ कर भागने लगे। पुलिस टीम ने तस्करों का पीछा किया तो उन्होंने तासीपुर बिजली घर के पास अचानक अपनी पिक अप का बैक गियर लगा कर पुलिस जीप को टकराने की कोशिश की। पुलिसकर्मी जब तक कुछ समझ पाते पिकअप सवार तस्करों ने उन पर फायरिंग करते हुए पथराव कर दिया।
विज्ञापन
हमले में सिपाही विजय घायल हो गया। उसका उपचार निजी चिकित्सक से कराया गया। इस पर पुलिस टीम के पैर उखड़ गए और इसका फायदा उठाते हुए तस्कर गौवंश से भरे वाहन सहित फरार हो गए। हैरत की बात यह रही कि असलहा होने के बावजूद पुलिसकर्मी गोतस्करों पर फायरिंग तक नहीं कर सके।
पहले भी हो चुका है हमला
नागल। करीब तीन वर्ष पूर्व गांव नन्हेडा में गोकशी की सूचना पर पहुंची पुलिस के साथ गोकशों ने मारपीट करते हुए एक दरोगा को बंधक बना लिया था। जिसे पुलिस फोर्स बमुश्किल छुड़ा पाई थी।
विज्ञापन
जानकारी के अनुसार कई दिन से पुलिस को सूचना मिल रही थी कि तासीपुर के रास्ते सुबह के समय गोतस्करी की जा रही है। बुधवार सुबह करीब छह बजे सब इंस्पेक्टर गोविंद वल्लभ शर्मा, सिपाही उपेन्द्र, विजय व सुमित जीप लेकर तासीपुर के जंगल में पहुंच गए। पुलिस टीम के सदस्य जीप को आड़ी तिरछी कर छिप कर बैठ गए। तस्करों की पिकअप को रोकने के लिए एक मोटी रस्सी को रास्ते दोनों सिरों पर बांधकर मार्ग अवरुद्ध कर दिया।
विज्ञापन
करीब सात बजे गोवंश से भरी हुई पिकअप गाड़ी आती हुई दिखाई दी और पुलिस ने जैसे ही उसे रोकना चाहा तो गोतस्करों हमलावर होते हुए वाहन से रस्से को तोड़ कर भागने लगे। पुलिस टीम ने तस्करों का पीछा किया तो उन्होंने तासीपुर बिजली घर के पास अचानक अपनी पिक अप का बैक गियर लगा कर पुलिस जीप को टकराने की कोशिश की। पुलिसकर्मी जब तक कुछ समझ पाते पिकअप सवार तस्करों ने उन पर फायरिंग करते हुए पथराव कर दिया।
विज्ञापन
हमले में सिपाही विजय घायल हो गया। उसका उपचार निजी चिकित्सक से कराया गया। इस पर पुलिस टीम के पैर उखड़ गए और इसका फायदा उठाते हुए तस्कर गौवंश से भरे वाहन सहित फरार हो गए। हैरत की बात यह रही कि असलहा होने के बावजूद पुलिसकर्मी गोतस्करों पर फायरिंग तक नहीं कर सके।
पहले भी हो चुका है हमला
नागल। करीब तीन वर्ष पूर्व गांव नन्हेडा में गोकशी की सूचना पर पहुंची पुलिस के साथ गोकशों ने मारपीट करते हुए एक दरोगा को बंधक बना लिया था। जिसे पुलिस फोर्स बमुश्किल छुड़ा पाई थी।