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Chitrakoot News: करही नाले में डूबने से दो मासूमों की मौत

Mon, 24 Aug 2026 12:24 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट Updated Mon, 24 Aug 2026 12:24 AM IST
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Two young children drown in Karhi Nala.
फोटो-27- घटना के बाद रोते-बिलखते परिजन। संंवाद
पहाड़ी (चित्रकूट)। बारिश से उफनाए नाले मौत का सबब बन रहे हैं। थाना क्षेत्र के बाबूपुर गांव में रविवार शाम करही नाले में नहाते समय दो मासूम बच्चों की डूबने से मौत हो गई।
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बताया जा रहा है कि एक बच्चे को डूबते देखकर दूसरे ने बचाने की कोशिश की लेकिन दोनों ही गहरे पानी में समा गए। मृतकों की पहचान गिरधर पुरवा मजरा बाबूपुर निवासी मनदीप (6) पुत्र राममिलन यादव और उसकी चचेरी बहन पायल (10) पुत्री कौशलेंद्र यादव के रूप में हुई है।
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परिजन राममिलन ने बताया कि वह रविवार दोपहर करीब दो बजे अपने कागजात ऑनलाइन कराने पहाड़ी कस्बा गया था। इसी दौरान दोनों बच्चे घर के पास नाले में नहाने चले गए। नहाते समय अचानक एक बच्चा गहरे गड्ढे में चला गया। उसे बचाने के प्रयास में दूसरा भी डूब गया।
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ग्रामीणों ने बच्चों को डूबते देखा तो शोर मचाया और बचाने का प्रयास किया लेकिन तब तक दोनों पानी में डूब चुके थे। ग्रामीणों ने नाले में तलाश शुरू की। मशक्कत के बाद पहले मनदीप को बाहर निकाला गया। परिजन उसे सीएचसी पहाड़ी लेकर पहुंचे जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
कुछ देर बाद पायल भी मिली, उसे भी सीएचसी ले जाया गया। डॉक्टरों ने उसे भी मृत घोषित कर दिया। जानकारी मिलते ही एसडीएम अजय यादव, सीओ यामीन अहमद और थाना प्रभारी निशिकांत राय सीएचसी में घटना की जानकारी ली। एक ही परिवार के दो बच्चों की एक साथ मौत से पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है।
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जहां रोज खेलते थे वहीं मौत घात लगाए बैठी थी
पहाड़ी (चित्रकूट)। थाना क्षेत्र के बाबूपुर गांव में रविवार की शाम उस वक्त चीख-पुकार मच गई जब नहाने गए दो फूल जैसे बच्चे नाले में समा गए।
10 फीट गहरे नाले ने 6 साल के मनदीप और 10 साल की पायल को छीन लिया। कुछ दिन पहले ही चकबंदी के दौरान किसान ने खेत का पानी निकालने के लिए सरकारी नाले को मिलाकर गहरा नाला खोदवा दिया था। बच्चों को क्या पता था कि जहां वो रोज खेलते थे वहीं मौत गहराई में घात लगाए बैठी है।
सीएचसी में पिता राममिलन का रो-रोकर बुरा हाल था। वो बार-बार बस एक ही बात कह रहे थे कि मेरा बेटा अभी सुबह मेरे साथ था... अगर नाला इतना गहरा न होता तो मेरे बच्चे बच जाते। उनकी गोद में मनदीप का भीगा शरीर था बगल में पायल की निष्प्राण देह।

दोपहर दो बजे तक राममिलन अपने कागज बनवाने पहाड़ी गए थे। लौटे तो घर में मातम पसरा था। एक साथ दो चिताओं की तैयारी देख पूरे गांव की आंखें नम हो गईं।
एसडीएम अजय यादव ने भी परिवार को ढांढस बंधाया और लोगों से अपील की कि बारिश में बच्चों को नदी-नालों के पास अकेले न भेजें, जरा सी चूक जिंदगी भर का गम दे जाती है।

फोटो-27- घटना के बाद रोते-बिलखते परिजन। संंवाद

फोटो-27- घटना के बाद रोते-बिलखते परिजन। संंवाद

फोटो-27- घटना के बाद रोते-बिलखते परिजन। संंवाद

फोटो-27- घटना के बाद रोते-बिलखते परिजन। संंवाद

फोटो-27- घटना के बाद रोते-बिलखते परिजन। संंवाद

फोटो-27- घटना के बाद रोते-बिलखते परिजन। संंवाद

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