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चेन्नई एक्सप्रेस में लूट की कोशिश
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Sun, 14 Aug 2016 01:31 AM IST
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चेन्नई एक्सप्रेस ट्रेन, जिसमें लूट की कोशिश की गई।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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बदमाशों ने शुक्रवार की रात करीब सवा एक बजे नागल और टपरी के बीच चेन्नई एक्सप्रेस की चेन पुलिंग कर यात्रियों को लूटने का प्रयास किया। जीआरपी के ललकारने पर बदमाशों ने उन पर पथराव कर दिया। आत्मरक्षा के लिए जीआरपी को कई राउंड गोलियां चलानी पड़ी। ऐसे में बदमाशों की ओर से भी फायरिंग की गई।
जीआरपी से घिरता देख बदमाश फायरिंग करते हुए खेतों की ओर भाग निकले। गोलियां चलने के दौरान यात्री बचने के लिए सीटों के नीचे दुबक गए और हड़कंप मच गया।
चेन्नई एक्सप्रेस संख्या 12687 शुक्रवार की रात 10:50 बजे गाजियाबाद से चली थी। ट्रेन में जीआरपी मेरठ के एसआई महेंद्र कुमार अपने हमराह कांस्टेबल मनोज पालीवाल और कांस्टेबल रविंद्र सिंह के साथ चेकिंग स्टाफ के साथ थे।
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उनके साथ जीआरपी गाजियाबाद के ओमबीर सिंह और उग्रसेन शर्मा स्कॉर्ट ड्यूटी में थे। ट्रेन रात करीब सवा 12 बजे मुजफ्फरनगर पहुंची। यहां से जीआरपी के धर्मेंद्र शर्मा भी स्कॉर्ट ड्यूटी के लिए ट्रेन में सवार हो लिए। मुजफ्फरनगर से ट्रेन 12:25 बजे चली।
रात करीब सवा एक बजे ट्रेन जैसे ही नागल और टपरी के बीच पहुंची तो किसी ने चेन पुलिंग कर दी जिससे ट्रेन रुक गई। जंगल में ट्रेन की चेन पुलिंग होने से जीआरपी के जवानों को शक हुआ, जिससे वह अलर्ट हो गए। जीआरपी के जवानों ने ट्रेन से उतरकर टॉर्च की लाइट से ट्रेन के दोनों ओर देखा तो दर्जनभर बदमाश खिड़कियों में से हाथ डालकर यात्रियों से लूट का प्रयास कर रहे थे।
इस पर जीआरपी के जवानों ने उन्हें ललकारा तो बदमाशों ने जीआरपी के जवानों पर पथराव शुरू कर दिया। आत्मरक्षा के लिए जीआरपी ने फायरिंग शुरू कर दी। करीब 30 राउंड फायर किए गए। खुद को घिरता देख बदमाशों ने भी फायरिंग की और जंगल में भाग गए। गोलियों की आवाज सुनकर ट्रेन में सवार यात्री सहम गए।
वह बचने के लिए सीटों के नीचे दुबक गए। बदमाशों के चले जाने के बाद पूरी ट्रेन की चेकिंग की गई। इसके बाद ट्रेन को रवाना किया गया। ट्रेन के सहारनपुर पहुंचने पर जीआरपी के जवानों ने स्थानीय थाना जीआरपी को तहरीर के साथ घटना की जानकारी दी। ट्रेन में सवार कई यात्रियों से लूट की सूचना है।
स्टेशन पर भी सुरक्षित नहीं यात्री ः सहारनपुर रेलवे स्टेशन पर भी यात्री सुरक्षित नहीं हैं। स्टेशन पर चोरों के कई गिरोह सक्रिय हैं, जो ट्रेन में चढ़ते और उतरते यात्रियों के जेब से पर्स और बड़े बैग और महिलाओं के पर्स से सामान निकालने में माहिर हैं। महीने में दर्जनों घटनाएं यात्रियों के सामान चोरी की होती हैं।
सूत्रों की मानें तो स्टेशन पर महिला चोरों का गिरोह का सबसे अधिक आतंक है। यह महिलाएं साड़ी पहने होती हैं, जिनके कंधे पर मैला सा थैला और गोद में बच्चे होते हैं, जिनकी वजह से यह बच निकलती हैं।
जहरखुरान गिरोह भी सक्रिय
रेलवे स्टेेशन पर जहरखुरान गिरोह भी सक्रिय है। लगभग प्रत्येक दिन रेलवे स्टेेशन परिसर में यात्री बेहोशी की हालत में पड़े मिलते हैं, जिनको जहरखुरान गिरोह अपना शिकार बनाकर बच निकलते हैं। करीब एक महीना पहले देहरादून की एक युवती भी जहरखुरान गिरोह का शिकार बनी थी, जिसे बेहोशी की हालत में जीआरपी ने जिला अस्पताल में भर्ती कराया था।
यात्रियों ने छुपाया कीमती सामान
ट्रेन में सवार यात्रियों ने बताया कि जब उन्हें ट्रेन में यात्रियों से लूट की कोशिश का पता चला तो उनके साथ ही अनेक यात्रियों ने अपनी सोने की चेन, अंगूठी, घड़ी, और नगदी आदि छुपा ली थी। जीआरपी द्वारा बदमाशों को खदेड़ देने के बाद ही उनकी जान में जान आई।
थाना नागल पुलिस पहुंची
ट्रेन में लूट के प्रयास की सूचना पर थाना नागल इंचार्ज नरेश चौहान मौके पर पहुंचे थे। ट्रेन के रवाना होने के बाद उन्होंने आसपास के खेतों में कांबिंग भी की, लेकिन बदमाशों का पता नहीं चल सका।
20 दिन पहले भी हुआ था प्रयास
करीब 20 दिन पहले भी चेन्नई एक्सप्रेस में रात के समय बदमाशों ने चेन पुलिंग कर यात्रियों से लूट का प्रयास किया था। मगर, तब भी जीआरपी की सतर्कता की वजह से बदमाश भाग निकले थे।
संवेदनशील रहा है नागल-टपरी क्षेत्र
जिस प्रकार नागल और टपरी के बीच पहले से ही ट्रेन में लूट के प्रयास होते रहे हैं। इससे जाहिर है कि यह क्षेत्र लूट के लिए मुफीद है। कुछ वर्ष पहले पैसेंजर ट्रेन में सवार यात्रियों के साथ लूट की गई थी।
घटना के दौरान मैं चेकिंग स्टाफ के साथ ट्रेन में सवार था। नागल और टपरी के बीच बदमाशों ने चेन्नई एक्सप्रेस की चेन पुलिंग कर यात्रियों से लूट का प्रयास किया। जीआरपी के सतर्कता की वजह से बदमाश फायर करते हुए भाग निकले।
- महेंद्र कुमार, एसआई जीआरपी मेरठ।
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जीआरपी से घिरता देख बदमाश फायरिंग करते हुए खेतों की ओर भाग निकले। गोलियां चलने के दौरान यात्री बचने के लिए सीटों के नीचे दुबक गए और हड़कंप मच गया।
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चेन्नई एक्सप्रेस संख्या 12687 शुक्रवार की रात 10:50 बजे गाजियाबाद से चली थी। ट्रेन में जीआरपी मेरठ के एसआई महेंद्र कुमार अपने हमराह कांस्टेबल मनोज पालीवाल और कांस्टेबल रविंद्र सिंह के साथ चेकिंग स्टाफ के साथ थे।
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उनके साथ जीआरपी गाजियाबाद के ओमबीर सिंह और उग्रसेन शर्मा स्कॉर्ट ड्यूटी में थे। ट्रेन रात करीब सवा 12 बजे मुजफ्फरनगर पहुंची। यहां से जीआरपी के धर्मेंद्र शर्मा भी स्कॉर्ट ड्यूटी के लिए ट्रेन में सवार हो लिए। मुजफ्फरनगर से ट्रेन 12:25 बजे चली।
रात करीब सवा एक बजे ट्रेन जैसे ही नागल और टपरी के बीच पहुंची तो किसी ने चेन पुलिंग कर दी जिससे ट्रेन रुक गई। जंगल में ट्रेन की चेन पुलिंग होने से जीआरपी के जवानों को शक हुआ, जिससे वह अलर्ट हो गए। जीआरपी के जवानों ने ट्रेन से उतरकर टॉर्च की लाइट से ट्रेन के दोनों ओर देखा तो दर्जनभर बदमाश खिड़कियों में से हाथ डालकर यात्रियों से लूट का प्रयास कर रहे थे।
इस पर जीआरपी के जवानों ने उन्हें ललकारा तो बदमाशों ने जीआरपी के जवानों पर पथराव शुरू कर दिया। आत्मरक्षा के लिए जीआरपी ने फायरिंग शुरू कर दी। करीब 30 राउंड फायर किए गए। खुद को घिरता देख बदमाशों ने भी फायरिंग की और जंगल में भाग गए। गोलियों की आवाज सुनकर ट्रेन में सवार यात्री सहम गए।
वह बचने के लिए सीटों के नीचे दुबक गए। बदमाशों के चले जाने के बाद पूरी ट्रेन की चेकिंग की गई। इसके बाद ट्रेन को रवाना किया गया। ट्रेन के सहारनपुर पहुंचने पर जीआरपी के जवानों ने स्थानीय थाना जीआरपी को तहरीर के साथ घटना की जानकारी दी। ट्रेन में सवार कई यात्रियों से लूट की सूचना है।
स्टेशन पर भी सुरक्षित नहीं यात्री ः सहारनपुर रेलवे स्टेशन पर भी यात्री सुरक्षित नहीं हैं। स्टेशन पर चोरों के कई गिरोह सक्रिय हैं, जो ट्रेन में चढ़ते और उतरते यात्रियों के जेब से पर्स और बड़े बैग और महिलाओं के पर्स से सामान निकालने में माहिर हैं। महीने में दर्जनों घटनाएं यात्रियों के सामान चोरी की होती हैं।
सूत्रों की मानें तो स्टेशन पर महिला चोरों का गिरोह का सबसे अधिक आतंक है। यह महिलाएं साड़ी पहने होती हैं, जिनके कंधे पर मैला सा थैला और गोद में बच्चे होते हैं, जिनकी वजह से यह बच निकलती हैं।
जहरखुरान गिरोह भी सक्रिय
रेलवे स्टेेशन पर जहरखुरान गिरोह भी सक्रिय है। लगभग प्रत्येक दिन रेलवे स्टेेशन परिसर में यात्री बेहोशी की हालत में पड़े मिलते हैं, जिनको जहरखुरान गिरोह अपना शिकार बनाकर बच निकलते हैं। करीब एक महीना पहले देहरादून की एक युवती भी जहरखुरान गिरोह का शिकार बनी थी, जिसे बेहोशी की हालत में जीआरपी ने जिला अस्पताल में भर्ती कराया था।
यात्रियों ने छुपाया कीमती सामान
ट्रेन में सवार यात्रियों ने बताया कि जब उन्हें ट्रेन में यात्रियों से लूट की कोशिश का पता चला तो उनके साथ ही अनेक यात्रियों ने अपनी सोने की चेन, अंगूठी, घड़ी, और नगदी आदि छुपा ली थी। जीआरपी द्वारा बदमाशों को खदेड़ देने के बाद ही उनकी जान में जान आई।
थाना नागल पुलिस पहुंची
ट्रेन में लूट के प्रयास की सूचना पर थाना नागल इंचार्ज नरेश चौहान मौके पर पहुंचे थे। ट्रेन के रवाना होने के बाद उन्होंने आसपास के खेतों में कांबिंग भी की, लेकिन बदमाशों का पता नहीं चल सका।
20 दिन पहले भी हुआ था प्रयास
करीब 20 दिन पहले भी चेन्नई एक्सप्रेस में रात के समय बदमाशों ने चेन पुलिंग कर यात्रियों से लूट का प्रयास किया था। मगर, तब भी जीआरपी की सतर्कता की वजह से बदमाश भाग निकले थे।
संवेदनशील रहा है नागल-टपरी क्षेत्र
जिस प्रकार नागल और टपरी के बीच पहले से ही ट्रेन में लूट के प्रयास होते रहे हैं। इससे जाहिर है कि यह क्षेत्र लूट के लिए मुफीद है। कुछ वर्ष पहले पैसेंजर ट्रेन में सवार यात्रियों के साथ लूट की गई थी।
घटना के दौरान मैं चेकिंग स्टाफ के साथ ट्रेन में सवार था। नागल और टपरी के बीच बदमाशों ने चेन्नई एक्सप्रेस की चेन पुलिंग कर यात्रियों से लूट का प्रयास किया। जीआरपी के सतर्कता की वजह से बदमाश फायर करते हुए भाग निकले।
- महेंद्र कुमार, एसआई जीआरपी मेरठ।