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बैंकों में एनपीए की गुपचुप तरीके से शुरू की जांच
Updated Thu, 01 Mar 2018 12:17 AM IST
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सहारनपुर। एक के बाद एक करके बैंकों के अरबों रुपये डकारने वाली कंपनियों के सामने आने के बाद बैंकों ने एनपीए हुए बड़े खातों की जांच गुपचुप तरीके से शुरू कर दी। साथ ही वसूली की प्रक्रिया के लिए भी शिकंजा कसना शुरू कर दिया है।
सहारनपुर की बैंकों ने भी कई बड़ी कंपनियों एवं फर्मों को भारी मात्रा में कर्ज दे रखा है। इनमें से कई बड़े बकाएदारों ने भुगतान भी काफी समय से नहीं किया है। बताया जा रहा है कि आधा दर्जन से अधिक कंपनियों का एनपीए अधिक होने के चलते बैंकों के भी होश उड़े हुए हैं। कर्जे की रकम फंसने की आशंका के चलते बैंकों ने गुपचुप तरीके से एनपीए हुए खाता धारकों की जांच शुरू कर दी है। बैंकों को आशंका है कि बड़ा लोन लेने वाले कुछ और खाता धारक भी कहीं फ्रॉड न कर दें, ऐसे में उनकी भी सूची तैयार कर उन पर नजर रखी जा रही है और प्रयास किया जा रहा है कि बैंक अपना दिया गया कर्जा वसूल कर लें। यह भी जांच की जा रही है कि कहीं किसी खाता धारक द्वारा फ्रॉड तो नहीं कर दिया गया है जिससे बैंक का कर्ज फंस जाए। हालांकि जांच और खातों की सूची को बैंकों द्वारा अभी तक सार्वजनिक नहीं किया जा रहा। बैंक अधिकारियों को भी अपने फंसने का डर सता रहा है। यहां तक कि पूर्व में रहे बैंक अधिकारी भी अपने समय में दिए गए लोन के अभिलेखों को दुरुस्त करते नजर आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि सभी बैंकों द्वारा इसकी रिपोर्ट मुख्य शाखा को भेजी जा रही है। वहां से ही कंपनियों के खाता एवं वसूली के संबंध में निर्णय लिया जाना है। अग्रणी जिला मुख्य प्रबंधक राजेश चौधरी का कहना है कि मामले की जांच चल रही है। लेकिन यह मामला पूरी तरह से गोपनीय है। कितने खाता धारक एनपीए हैं और किस पर कार्रवाई चल रही है इसकी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों के पास है। यहां इस मामले में गोपनीयता बरती जा रही है।
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सहारनपुर की बैंकों ने भी कई बड़ी कंपनियों एवं फर्मों को भारी मात्रा में कर्ज दे रखा है। इनमें से कई बड़े बकाएदारों ने भुगतान भी काफी समय से नहीं किया है। बताया जा रहा है कि आधा दर्जन से अधिक कंपनियों का एनपीए अधिक होने के चलते बैंकों के भी होश उड़े हुए हैं। कर्जे की रकम फंसने की आशंका के चलते बैंकों ने गुपचुप तरीके से एनपीए हुए खाता धारकों की जांच शुरू कर दी है। बैंकों को आशंका है कि बड़ा लोन लेने वाले कुछ और खाता धारक भी कहीं फ्रॉड न कर दें, ऐसे में उनकी भी सूची तैयार कर उन पर नजर रखी जा रही है और प्रयास किया जा रहा है कि बैंक अपना दिया गया कर्जा वसूल कर लें। यह भी जांच की जा रही है कि कहीं किसी खाता धारक द्वारा फ्रॉड तो नहीं कर दिया गया है जिससे बैंक का कर्ज फंस जाए। हालांकि जांच और खातों की सूची को बैंकों द्वारा अभी तक सार्वजनिक नहीं किया जा रहा। बैंक अधिकारियों को भी अपने फंसने का डर सता रहा है। यहां तक कि पूर्व में रहे बैंक अधिकारी भी अपने समय में दिए गए लोन के अभिलेखों को दुरुस्त करते नजर आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि सभी बैंकों द्वारा इसकी रिपोर्ट मुख्य शाखा को भेजी जा रही है। वहां से ही कंपनियों के खाता एवं वसूली के संबंध में निर्णय लिया जाना है। अग्रणी जिला मुख्य प्रबंधक राजेश चौधरी का कहना है कि मामले की जांच चल रही है। लेकिन यह मामला पूरी तरह से गोपनीय है। कितने खाता धारक एनपीए हैं और किस पर कार्रवाई चल रही है इसकी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों के पास है। यहां इस मामले में गोपनीयता बरती जा रही है।
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