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लूट, हत्या, अपहरण के दो दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं पचास हजारी ओमपाल पर
Updated Sun, 02 Sep 2018 01:09 AM IST
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लूट, हत्या, अपहरण के दो दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं ओमपाल पर
सहारनपुर। शामली के थानाभवन के ग्राम हसनपुर लुहारी निवासी पचास हजार के इनामी ओमपाल पर शामली, थानाभवन, बेहट, बड़गांव समेत विभिन्न थाने में अब तक 29 मामले दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार 2002 से ही ओमपाल अपराधिक गतिविधियों को अंजाम देता आ रहा है। उसने लूट की घटना को अंतजाम दिया। 2008 में लूट और जान से मारने के प्रयास में ओमपाल और उसके गैंग में शामिल पांच लोगों को कोर्ट से दस-दस साल की सजा हुई थी, जबकि ओमपाल हाईकोर्ट से जमानत लेकर बाहर आ गया। बाहर आते ही उसने फिर घटनाओं को अंजाम देना शुरू कर दिया। पुलिस के अनुसार विक्की उर्फ सुमित के साथ मिलकर उसने दो नए लोगों को अपने गैंग में शामिल किया और कई घटनाएं कीं। सुभाष हत्याकांड में उसके दो साथियों की गिरफ्तारी के बाद ओमपाल ने रुड़की और अंबाला से अपने साथ इंद्रजीत और गोलू को जोड़ा और फिर सरसावा में उस्मान एवं अरशद का अपहरण कर फिरौती मांगने और फिर उस्मान की हत्या की घटना को अंजाम दिया। ओमपाल पर पांच मामले मिर्जापुर, सहारनपुर में, दस थानाभवन में, तीन चिलकाना में, नानौता में दो, दो गढ़ीपुख्ता में, दो बेहट में, तीन नकुड़ में एक बड़गांव और एक सरसावा में दर्ज है। ओमपाल के साथी पचास हजार के इनामी विक्की का भी काफी लंबा इतिहास है। उस पर थाना भवन में 2008 में मुकदमा पर भी थानाभवन, गढ़ी पुख्ता, बेहट, बड़गांव और सरसावा मिलाकर कुल 14 मामले दर्ज हैं। जिनमें से 8 मामले थानाभवन में दो मामले गढ़ीपुख्ता में और दो मामले बेहट में दर्ज हैं। इसमें गुंडा एक्ट, गैंगस्टर, हत्या के प्रयास, लूट, राहजनी के अलावा बड़गांव के सुभाष की हत्या का मामला भी दर्ज है।
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सहारनपुर। शामली के थानाभवन के ग्राम हसनपुर लुहारी निवासी पचास हजार के इनामी ओमपाल पर शामली, थानाभवन, बेहट, बड़गांव समेत विभिन्न थाने में अब तक 29 मामले दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार 2002 से ही ओमपाल अपराधिक गतिविधियों को अंजाम देता आ रहा है। उसने लूट की घटना को अंतजाम दिया। 2008 में लूट और जान से मारने के प्रयास में ओमपाल और उसके गैंग में शामिल पांच लोगों को कोर्ट से दस-दस साल की सजा हुई थी, जबकि ओमपाल हाईकोर्ट से जमानत लेकर बाहर आ गया। बाहर आते ही उसने फिर घटनाओं को अंजाम देना शुरू कर दिया। पुलिस के अनुसार विक्की उर्फ सुमित के साथ मिलकर उसने दो नए लोगों को अपने गैंग में शामिल किया और कई घटनाएं कीं। सुभाष हत्याकांड में उसके दो साथियों की गिरफ्तारी के बाद ओमपाल ने रुड़की और अंबाला से अपने साथ इंद्रजीत और गोलू को जोड़ा और फिर सरसावा में उस्मान एवं अरशद का अपहरण कर फिरौती मांगने और फिर उस्मान की हत्या की घटना को अंजाम दिया। ओमपाल पर पांच मामले मिर्जापुर, सहारनपुर में, दस थानाभवन में, तीन चिलकाना में, नानौता में दो, दो गढ़ीपुख्ता में, दो बेहट में, तीन नकुड़ में एक बड़गांव और एक सरसावा में दर्ज है। ओमपाल के साथी पचास हजार के इनामी विक्की का भी काफी लंबा इतिहास है। उस पर थाना भवन में 2008 में मुकदमा पर भी थानाभवन, गढ़ी पुख्ता, बेहट, बड़गांव और सरसावा मिलाकर कुल 14 मामले दर्ज हैं। जिनमें से 8 मामले थानाभवन में दो मामले गढ़ीपुख्ता में और दो मामले बेहट में दर्ज हैं। इसमें गुंडा एक्ट, गैंगस्टर, हत्या के प्रयास, लूट, राहजनी के अलावा बड़गांव के सुभाष की हत्या का मामला भी दर्ज है।