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मजूदरों ने सस्ते गल्ले विक्रेता की पिटाई की
Updated Sat, 30 Dec 2017 12:01 AM IST
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बेहट (सहारनपुर)। गंदेवड़ स्थित ईएफसी केंद्र पर खाद्यान का उठान कराने गए विक्रेता के साथ मजदूरों ने ट्राली में फटे हुए बोरे डालने का विरोध करने पर मारपीट की। पीड़ित विक्रेता अन्य विक्रेताओं के साथ कोतवाली पहुंचा और तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने इस मामले में दो लोगों को हिरासत में लिया है।
कोतवाली में दी गई तहरीर में मोहल्ला माजरी निवासी सहकारी सस्ते गल्ले के विक्रेता रामपाल ने बताया कि उसकी मोहल्ला सड़क पार में सरकारी उचित दर की दुकान है। शुक्रवार को वह गंदेवड़ स्थित आईएफसी केंद्र पर ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर खाद्यान का उठान कराने के लिए गया था। आरोप है कि ट्राली में मजदूरों ने गेहूं और चावल के कुछ फटे हुए बोरे डाल दिए। उसने विरोध किया तो आरोप है कि मजदूरों ने उसके साथ मारपीट की। पीड़ित ने बताया कि पिछले 6 माह से यह मजदूर विक्रेताओं को तंग कर रहे हैं और फटे हुए खाद्यान के बोरे ट्राली में डालते हैं जिनमें खाद्यान कम होता है। जबकि विक्रेता उन्हें एक बोरा बदलने के लिए ढाई रुपये भी देते हैं। साथ में कोतवाली पहुंचे अन्य विक्रेताओं ने बताया कि केंद्र पर बोरे का ढुलान करने वाले मजदूर तानाशाही दिखाते है। इस बारे में वह केंद्र अधिकारी से शिकायत कर चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई भी नहीं हो रही है और मजदूर अधिकारी के सामने ही विक्रेताओं से अभद्रता करते हैं। पीड़ित विक्रेता ने सात लोगों को नामजद करते हुए तहरीर दी है। पुलिस ने इस मामले में दो लोगों को हिरासत में ले लिया है।
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कोतवाली में दी गई तहरीर में मोहल्ला माजरी निवासी सहकारी सस्ते गल्ले के विक्रेता रामपाल ने बताया कि उसकी मोहल्ला सड़क पार में सरकारी उचित दर की दुकान है। शुक्रवार को वह गंदेवड़ स्थित आईएफसी केंद्र पर ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर खाद्यान का उठान कराने के लिए गया था। आरोप है कि ट्राली में मजदूरों ने गेहूं और चावल के कुछ फटे हुए बोरे डाल दिए। उसने विरोध किया तो आरोप है कि मजदूरों ने उसके साथ मारपीट की। पीड़ित ने बताया कि पिछले 6 माह से यह मजदूर विक्रेताओं को तंग कर रहे हैं और फटे हुए खाद्यान के बोरे ट्राली में डालते हैं जिनमें खाद्यान कम होता है। जबकि विक्रेता उन्हें एक बोरा बदलने के लिए ढाई रुपये भी देते हैं। साथ में कोतवाली पहुंचे अन्य विक्रेताओं ने बताया कि केंद्र पर बोरे का ढुलान करने वाले मजदूर तानाशाही दिखाते है। इस बारे में वह केंद्र अधिकारी से शिकायत कर चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई भी नहीं हो रही है और मजदूर अधिकारी के सामने ही विक्रेताओं से अभद्रता करते हैं। पीड़ित विक्रेता ने सात लोगों को नामजद करते हुए तहरीर दी है। पुलिस ने इस मामले में दो लोगों को हिरासत में ले लिया है।
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