{"_id":"59b2e3b14f1c1bee7f8b523e","slug":"21504895921-saharanpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्टेशन को उड़ाने की धमकी को लेकर गंभीर नहीं जीआरपी","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
स्टेशन को उड़ाने की धमकी को लेकर गंभीर नहीं जीआरपी
Updated Sat, 09 Sep 2017 12:08 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सहारनपुर। रेलवे स्टेशन को उड़ाने और खतौली जैसे हादसे को अंजाम दिए जाने की धमकी भरे पत्र ने जहां रेलवे अधिकारियों के होश उड़ा दिए हैं, वहीं जीआरपी ने इस धमकी को सिर्फ किसी की शरारत मानते हुए हवा में उड़ा दिया है। अधिकारियों का कहना है कि यह फर्जी है, इससे कुछ नहीं होगा।
सहारनपुर रेलवे स्टेशन के वरिष्ठ स्टेशन अधीक्षक शिवपाल सिंह को रजिस्टर्ड डाक से मिले एक पत्र के माध्यम से एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी। दो पेज के खत में धमकी दी गई कि रंगदारी न दिए जाने पर रेलवे स्टेशन को उड़ा दिया जाएगा। साथ ही खतौली जैसी घटना को सहारनपुर हरिद्वार रेलवे लाइन पर अंजाम दे दिया जाएगा। हाथ से लिखे इस पत्र के साथ एक खाता संख्या एवं आधार संख्या भी दे रखी है। रेलवे अधिकारियों को 30 दिन का समय दिया गया है। चेतावनी भी दी गई है कि इस पत्र को हल्के में न लिया जाए। लेकिन इस चेतावनी और धमकी को जीआपी ने कतई गंभीरता से नहीं लिया। जिस व्यक्ति के खाता और आधार संख्या पत्र में दिए गए। उसका नाम तासीन निवासी कोलकी रांगड़ बताया गया है। बताया जा रहा है कि सुरक्षा एजेंसियों ने इस व्यक्ति से पूछताछ की, लेकिन उसका अकाउंट नंबर और आधार नंबर होने के चलते उसे फर्जी मान लिया। कह दिया कि कोई अपना खाता संख्या और अकाउंट नंबर क्यों देगा। किसी ने उसको फंसाने के लिए शरारत की है।
लापरवाही पड़ न जाए भारी
धमकी भरा पत्र भी आया, एक करोड़ की रंगदारी मांगी गई, रेलवे स्टेशन को उड़ाने की धमकी भी दी गई और खतौली जैसे हादसे को इस बार हरिद्वार ट्रैक पर अंजाम दिए जाने की भी धमकी दी गई। शातिराना अंदाज इतना अधिक कि रजिस्टर्ड डाक से खत भेजा गया। खत भी रेलवे स्टेशन के आसपास के डाकघर से ही भेजा गया। इतना सब होने के बावजूद जीआरपी ने इसे मात्र किसी का मजाक अथवा शरारत ही मान लिया। किसी जांच से बचने के लिए तासीन के नाम एफआईआर दर्ज कर ली गई। लेकिन न तो उसे जीआरपी थाना पर ही बुलाया गया और न ही उसे गिरफ्तार किया गया। यह भी जांच करने का प्रयास नहीं किया गया कि खत तासीन ने नहीं भेजा तो आखिर किस ने भेजा है। किसी ने तो आखिर धमकी दी ही है। फिर जीआरपी ने इसे गंभीरता से क्यों नहीं लिया है। मामले को फर्जी बताकर पल्ला झाड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
विज्ञापन
फर्जी है पूरा मामला
राजकीय रेलवे पुलिस थाना प्रभारी अशोक कुमार का कहना है कि ऐसा कोई बड़ा मामला नहीं है। सिर्फ एक पत्र है, जो फर्जी नजर आ रहा है। किसी ने तासीन के नाम से पत्र भेजकर उसे परेशान करने के लिए शरारत की है। फिर भी एहतियातन मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
लाइन पर पेट्रोलिंग बढ़ा दी गई है
वरिष्ठ स्टेशन अधीक्षक शिवपाल सिंह का कहना है हरिद्वार वाले ट्रैक की चेकिंग के लिए पेट्रोलिंग बढ़ा दी गई है। लगातार नजर रखी जा रही है। जीआरपी मामले की जांच कर रही है। धमकी का मामला गंभीर है। इससे रेलवे अधिकारियों में ही नहीं यात्रियों में भी दहशत बन सकती है।
विज्ञापन
सहारनपुर रेलवे स्टेशन के वरिष्ठ स्टेशन अधीक्षक शिवपाल सिंह को रजिस्टर्ड डाक से मिले एक पत्र के माध्यम से एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी। दो पेज के खत में धमकी दी गई कि रंगदारी न दिए जाने पर रेलवे स्टेशन को उड़ा दिया जाएगा। साथ ही खतौली जैसी घटना को सहारनपुर हरिद्वार रेलवे लाइन पर अंजाम दे दिया जाएगा। हाथ से लिखे इस पत्र के साथ एक खाता संख्या एवं आधार संख्या भी दे रखी है। रेलवे अधिकारियों को 30 दिन का समय दिया गया है। चेतावनी भी दी गई है कि इस पत्र को हल्के में न लिया जाए। लेकिन इस चेतावनी और धमकी को जीआपी ने कतई गंभीरता से नहीं लिया। जिस व्यक्ति के खाता और आधार संख्या पत्र में दिए गए। उसका नाम तासीन निवासी कोलकी रांगड़ बताया गया है। बताया जा रहा है कि सुरक्षा एजेंसियों ने इस व्यक्ति से पूछताछ की, लेकिन उसका अकाउंट नंबर और आधार नंबर होने के चलते उसे फर्जी मान लिया। कह दिया कि कोई अपना खाता संख्या और अकाउंट नंबर क्यों देगा। किसी ने उसको फंसाने के लिए शरारत की है।
विज्ञापन
लापरवाही पड़ न जाए भारी
धमकी भरा पत्र भी आया, एक करोड़ की रंगदारी मांगी गई, रेलवे स्टेशन को उड़ाने की धमकी भी दी गई और खतौली जैसे हादसे को इस बार हरिद्वार ट्रैक पर अंजाम दिए जाने की भी धमकी दी गई। शातिराना अंदाज इतना अधिक कि रजिस्टर्ड डाक से खत भेजा गया। खत भी रेलवे स्टेशन के आसपास के डाकघर से ही भेजा गया। इतना सब होने के बावजूद जीआरपी ने इसे मात्र किसी का मजाक अथवा शरारत ही मान लिया। किसी जांच से बचने के लिए तासीन के नाम एफआईआर दर्ज कर ली गई। लेकिन न तो उसे जीआरपी थाना पर ही बुलाया गया और न ही उसे गिरफ्तार किया गया। यह भी जांच करने का प्रयास नहीं किया गया कि खत तासीन ने नहीं भेजा तो आखिर किस ने भेजा है। किसी ने तो आखिर धमकी दी ही है। फिर जीआरपी ने इसे गंभीरता से क्यों नहीं लिया है। मामले को फर्जी बताकर पल्ला झाड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
विज्ञापन
फर्जी है पूरा मामला
राजकीय रेलवे पुलिस थाना प्रभारी अशोक कुमार का कहना है कि ऐसा कोई बड़ा मामला नहीं है। सिर्फ एक पत्र है, जो फर्जी नजर आ रहा है। किसी ने तासीन के नाम से पत्र भेजकर उसे परेशान करने के लिए शरारत की है। फिर भी एहतियातन मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
लाइन पर पेट्रोलिंग बढ़ा दी गई है
वरिष्ठ स्टेशन अधीक्षक शिवपाल सिंह का कहना है हरिद्वार वाले ट्रैक की चेकिंग के लिए पेट्रोलिंग बढ़ा दी गई है। लगातार नजर रखी जा रही है। जीआरपी मामले की जांच कर रही है। धमकी का मामला गंभीर है। इससे रेलवे अधिकारियों में ही नहीं यात्रियों में भी दहशत बन सकती है।