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राकेश अरोड़ा हत्याकांड का आधा-अधूरा खुलासा कर चुप हो गई पुलिस
Updated Thu, 11 Jan 2018 12:49 AM IST
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राकेश अरोड़ा हत्याकांड का अधूरा खुलासा कर चुप हो गई पुलिस
सहारनपुर। दूध व्यवसायी राकेश अरोड़ा हत्याकांड का आधा अधूरा खुलासा कर पुलिस चुप बैठ गई। पुलिस ने सिर्फ एक आरोपी को गिरफ्तार कर हत्या की कहानी खत्म कर दी। न तो गिरफ्तार आरोपी को रिमांड पर ही लिया गया और न ही हत्या में शामिल मान रही दो अन्य आरोपियों की ही अभी तक गिरफ्तारी की गई। परिजन अभी भी पुलिस के खुलासे से संतुष्ट नहीं हो सके।
सहारनपुर में वर्ष 2017 का बहुचर्चित राकेश अरोड़ा हत्याकांड के खुलासे को लेकर पुलिस पर पहले दिन पर ही सवाल खड़े हो गए। पुलिस ने बसपा नेता जहांगीर को गिरफ्तार कर दूध व्यवसायी के हत्याकांड का आधा अधूरा खुलासा कर दिया। इस खुलासे की भी सिर्फ जांच अधिकारी और थानाध्यक्ष ने ही पुष्टि की। उच्चाधिकारियों के इस खुलासे पर आज तक मौन रहने से भी इस हत्याकांड के न तो सही कारणों का आज तक पता चल सका और न ही हत्या के मामले में परिजनों को ही संतुष्ट किया जा सका। पुलिस ने इस हत्याकांड में जिस आरोपी जहांगीर को 30 दिसंबर की रात को गिरफ्तार किया था। उसे भी रिमांड पर नहीं लिया गया और न ही हत्या में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी ही की गई। पुलिस के अनुसार इस हत्याकांड को जहांगीर ने अपने दो साथियों नौशाद और सादा के साथ मिलकर अंजाम दिया था, लेकिन उच्चाधिकारियों द्वारा इस चर्चित हत्याकांड के खुलासे पर संदेह बढ़ा दिया है।
माना जा रहा है कि राकेश अरोड़ा हत्याकांड के खुलासे के लिए परिजनों एवं व्यापारियों ने दबाव बनाया। यही नहीं जनवरी में आंदोलन किए जाने की चेतावनी भी दी। शहर भर में पोस्टर लगवा दिए। पोस्टर लगने के दूसरे ही दिन पुलिस ने घटना का खुलासा कर डाला। जबकि पूरे साल पुलिस खुलासे में ही उलझी रही।मामले में नगर पुलिस अधीक्षक प्रबल प्रताप सिंह का कहना है कि अभी अन्य किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। न ही अभी गिरफ्तार हुए आरोपी को रिमांड पर लिया गया है। पुलिस शीघ्र ही आरोपी को पूछताछ के लिए रिमांड पर लेगी। जिससे कुछ अन्य तथ्य सामने आ सके।
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सहारनपुर। दूध व्यवसायी राकेश अरोड़ा हत्याकांड का आधा अधूरा खुलासा कर पुलिस चुप बैठ गई। पुलिस ने सिर्फ एक आरोपी को गिरफ्तार कर हत्या की कहानी खत्म कर दी। न तो गिरफ्तार आरोपी को रिमांड पर ही लिया गया और न ही हत्या में शामिल मान रही दो अन्य आरोपियों की ही अभी तक गिरफ्तारी की गई। परिजन अभी भी पुलिस के खुलासे से संतुष्ट नहीं हो सके।
सहारनपुर में वर्ष 2017 का बहुचर्चित राकेश अरोड़ा हत्याकांड के खुलासे को लेकर पुलिस पर पहले दिन पर ही सवाल खड़े हो गए। पुलिस ने बसपा नेता जहांगीर को गिरफ्तार कर दूध व्यवसायी के हत्याकांड का आधा अधूरा खुलासा कर दिया। इस खुलासे की भी सिर्फ जांच अधिकारी और थानाध्यक्ष ने ही पुष्टि की। उच्चाधिकारियों के इस खुलासे पर आज तक मौन रहने से भी इस हत्याकांड के न तो सही कारणों का आज तक पता चल सका और न ही हत्या के मामले में परिजनों को ही संतुष्ट किया जा सका। पुलिस ने इस हत्याकांड में जिस आरोपी जहांगीर को 30 दिसंबर की रात को गिरफ्तार किया था। उसे भी रिमांड पर नहीं लिया गया और न ही हत्या में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी ही की गई। पुलिस के अनुसार इस हत्याकांड को जहांगीर ने अपने दो साथियों नौशाद और सादा के साथ मिलकर अंजाम दिया था, लेकिन उच्चाधिकारियों द्वारा इस चर्चित हत्याकांड के खुलासे पर संदेह बढ़ा दिया है।
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माना जा रहा है कि राकेश अरोड़ा हत्याकांड के खुलासे के लिए परिजनों एवं व्यापारियों ने दबाव बनाया। यही नहीं जनवरी में आंदोलन किए जाने की चेतावनी भी दी। शहर भर में पोस्टर लगवा दिए। पोस्टर लगने के दूसरे ही दिन पुलिस ने घटना का खुलासा कर डाला। जबकि पूरे साल पुलिस खुलासे में ही उलझी रही।मामले में नगर पुलिस अधीक्षक प्रबल प्रताप सिंह का कहना है कि अभी अन्य किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। न ही अभी गिरफ्तार हुए आरोपी को रिमांड पर लिया गया है। पुलिस शीघ्र ही आरोपी को पूछताछ के लिए रिमांड पर लेगी। जिससे कुछ अन्य तथ्य सामने आ सके।
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