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Mahoba News: लापरवाही का गड्ढा बना तीन बच्चों की मौत का कारण
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फोटो 07 एमएएचपी 13 परिचय-रिवई गांव में मृतकों के परिजनों से जानकारी लेकर आर्थिक सहायता का भरोस
लाेगो == फॉलोअप का ==
-स्कूल के पीछे विद्यालय में मिट्टी भराई के लिए खोदा गया था गड्ढा
-बारिश में पानी भरने से नहाने पहुंचे बच्चों की डूबकर हुई थी मौत
-डीएम-एसपी ने गांव पहुंच मृतकों के परिजनों को बंधाया ढांढ़स, जांच के दिए आदेश
फोटो 07 एमएएचपी 13 परिचय-रिवई गांव में मृतकों के परिजनों से जानकारी लेकर आर्थिक सहायता का भरोसा देकर ढांढ़स बंधाती डीएम व एसपी। संवाद
फोटो 07 एमएएचपी 14 परिचय-पानी में डूबे मृतकों के परिजनों को गले लगाकर सांत्वना देते चरखारी विधायक बृजभूषण राजपूत। संवाद
फोटो 07 एमएएचपी 15 परिचय-मॉडल इंटर कॉलेज रिवई के पीछे स्थित इस गड्ढे में डूबने से तीन बच्चों की हुई थी मौत। संवाद
फोटो 07 एमएएचपी 16 परिचय-प्रिंस कुमार (फाइल फोटो)। स्रोत: परिजन
फोटो 07 एमएएचपी 17 परिचय-रोशनी (फाइल फोटो)। स्रोत: परिजन
संवाद न्यूज एजेंसी
महोबा/खरेला/चरखारी। विकासखंड चरखारी के रिवई गांव में रविवार की रात मॉडल इंटर कॉलेज के पीछे बने गड्ढे में डूबकर तीन बच्चों की मौत के पीछे बड़ी लापरवाही सामने आई है। ग्रामीणों का आरोप है कि विद्यालय में भवन निर्माण के दौरान भराई के लिए मिट्टी खोदाई की गई थी। बारिश के मौसम में पानी भरने से छह से सात फीट गहरे गड्ढे में नहाते समय बच्चे डूब गए। यदि, खोदे गए गड्ढों को समतल कराया गया होता तो यह हादसा न होता। हालांकि, डीएम गजल भारद्वाज ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं।
रिवई निवासी मनोज अहिरवार को बेटा प्रिंस (14) गांव के परिषदीय विद्यालय में कक्षा छठवीं का छात्र था जबकि उसकी चचेरी बहन रोशनी (11) और परिवार का अंशुल (10) कक्षा पांचवीं पढ़ते थे। परिषदीय विद्यालय के पास ही पं. दीनदयाल उपाध्याय राजकीय मॉडल इंटर कॉलेज संचालित है। रविवार की शाम तीनों बच्चे कॉलेज के पीछे स्थित गड्ढे में भरे पानी में नहाने गए थे। देर रात तीनों के शव बरामद हुए थे। ग्रामीणों व परिजनों का आरोप है कि मॉडल इंटर कॉलेज निर्माण के दौरान कार्यदायी संस्था के ठेकेदार ने विद्यालय के पीछे गड्ढा खोदवाकर मिट्टी निकलवाई थी। इसी मिट्टी से विद्यालय परिसर समतल कराया गया था। इसके बाद प्रोजेक्ट अलंकार के तहत एक कक्ष का निर्माण हुआ। जिसके लिए भी यहीं से मिट्टी निकाली गई। इससे गड्ढे की गहराई अधिक हो गई और बारिश का पानी भर गया। जिसमें तीन बच्चों की डूबने से मौत हो गई। मॉडल इंटर कॉलेज के पास ही प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक विद्यालय संचालित है। जहां बढ़ी संख्या में छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। यदि समय रहते जिम्मेदार गड्ढे को समतल कराते हुए यह घटना न होती। उधर, जिलाधिकारी ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम चरखारी को जांच के निर्देश दिए हैं। वहीं, एसडीएम अवनीश कुमार तिवारी ने बताया कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
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दैवीय आपदा के तहत मृतकों के परिजनों को मिलेंगे चार-चार लाख
महोबा। गड्ढे में भरे पानी में डूबने से तीन बच्चों की मौत होने की घटना के बाद सोमवार को डीएम गजल भारद्वाज, पुलिस अधीक्षक शशांक सिंह और एसडीएम अवनीश तिवारी अन्य अधिकारियों के साथ रिवई गांव पहुंचे। उन्होंने मृतकों के परिजनों से मुलाकात कर सांत्वना दी। डीएम ने दैवीय आपदा के तहत 24 घंटे के अंदर सहायता राशि दिलाए जाने के संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए। कहा कि पीड़ित परिवारों को जो भी सहायता होगी। हर संभव दिलाई जाएगी।
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चरखारी विधायक ने बंधाया ढांढ़स
चरखारी। रिवई में एक ही परिवार के तीन बच्चों की मौत होने की घटना के बाद विधायक चरखारी बृजभूषण राजपूत गांव पहुंचे। उन्होंने मृतकों के परिजनों को गले लगाते हुए गहरा दुख व्यक्त किया और सांत्वना देते हुए हर संभव मदद का भरोसा दिया। इसके बाद विधायक पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। जहां परिजनों से जानकारी ली।
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एक साथ उठीं तीन अर्थियां, हर आंख नम
चरखारी। पानी भरे गड्ढे में डूबने से तीन बच्चों की मौत के बाद रिवई गांव में मातम का माहौल रहा। सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद तीनों बच्चों के शव गांव पहुंचे तो हर आंख नम और जुबां पर खामोशी दिखी। दोपहर बाद एक साथ तीन बच्चों की अर्थियां उठने पर हर कोई गमगीन नजर आया। पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में अंतिम संस्कार हुआ।
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दिल्ली में रहकर मजदूरी करते थे प्रिंस के माता-पिता
चरखारी। जूनियर विद्यालय में कक्षा छह में पढ़ने वाला मृतक प्रिंस चार भाई-बहनों में तीसरे नंबर का था। उसके पिता मनोज और मां ऊषा दिल्ली में रहकर मेहनत-मजदूरी करते हैं। वहीं रोशनी की मौत से पिता जियायाल, मां सीता, भाई उपेंद्र, आकाश व बहन ज्योति रो-रोकर बेहाल रहे जबकि मृतक अंशुल पांच भाई-बहनोंं में दूसरे नंबर का था। पिता खलक अहिरवार मेहनत-मजदूरी करते हैं।
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अपने सामने भाई समेत तीन की मौत से सुधबुध खोया अमन
चरखारी। मृतक प्रिंस को छोटा भाई अमन भी अन्य बच्चों के साथ स्कूल के पास बने गड्ढे में गया था। उसने बताया कि खेल-खेल में प्रिंस, रोशनी और अंशुल गड्ढे के किनारे खड़े होकर मछलियां पकड़ने लगे। तब वह स्कूल की चहारदिवारी पर बैठ गया। इसके बाद तीनोंं नहानने के लिए गड्ढे में उतरे और फिसलकर डूबने लगे। तब प्रिंस ने बचाने की आवाज लगाई। यह देख गुमसुम अमन घर चला गया और परिजनों के डांट के भय से किसी को कुछ नहीं बताया। देर शाम तक तीनों के घर न लौटने पर तलाश शुरू की गई तो तीनाें बच्चों के शव पानी भरे गड्ढे से बरामद हुए। घटना के बाद से अमन सुधबुध खो बैठा है।
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समय रहते गड्ढा भरवा देते तो नहीं होता हादसा
फोटो 07 एमएएचपी 18 परिचय-शिवकरन। संवाद
रिवई गांव निवासी शिवकरन तिवारी ने बताया कि विद्यालय निर्माण के दौरान खोदी गई मिट्टी से गड्ढा हो गया। ठेकेदार ने स्कूल के पीछे से ही मिट्टी निकलवाकर परिसर व कमरों को समतल करा दिया। यदि, समय रहते गड्ढे को भरवा दिया जाता तो यह हादसा न होता। दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
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जांच कराकर दोषियों के खिलाफ हो कार्रवाई
फोटो 07 एमएएचपी 19 परिचय-मुन्ना अहिरवार। संवाद
ग्रामीण मुन्ना अहिरवार का कहना है कि कार्यदायी संस्था के ठेकेदार ने जहां बच्चों के खेलकूद का मैदान होना चाहिए, वहां से मिट्टी निकालकर गहरी खाई खोद डाली। जो घटना का कारण बनीं। पूरे मामले की बारीकी से जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। ताकि, दोबारा इस तरह की पुनरावृत्ति न हो।
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-स्कूल के पीछे विद्यालय में मिट्टी भराई के लिए खोदा गया था गड्ढा
-बारिश में पानी भरने से नहाने पहुंचे बच्चों की डूबकर हुई थी मौत
-डीएम-एसपी ने गांव पहुंच मृतकों के परिजनों को बंधाया ढांढ़स, जांच के दिए आदेश
फोटो 07 एमएएचपी 13 परिचय-रिवई गांव में मृतकों के परिजनों से जानकारी लेकर आर्थिक सहायता का भरोसा देकर ढांढ़स बंधाती डीएम व एसपी। संवाद
फोटो 07 एमएएचपी 14 परिचय-पानी में डूबे मृतकों के परिजनों को गले लगाकर सांत्वना देते चरखारी विधायक बृजभूषण राजपूत। संवाद
फोटो 07 एमएएचपी 15 परिचय-मॉडल इंटर कॉलेज रिवई के पीछे स्थित इस गड्ढे में डूबने से तीन बच्चों की हुई थी मौत। संवाद
फोटो 07 एमएएचपी 16 परिचय-प्रिंस कुमार (फाइल फोटो)। स्रोत: परिजन
फोटो 07 एमएएचपी 17 परिचय-रोशनी (फाइल फोटो)। स्रोत: परिजन
संवाद न्यूज एजेंसी
महोबा/खरेला/चरखारी। विकासखंड चरखारी के रिवई गांव में रविवार की रात मॉडल इंटर कॉलेज के पीछे बने गड्ढे में डूबकर तीन बच्चों की मौत के पीछे बड़ी लापरवाही सामने आई है। ग्रामीणों का आरोप है कि विद्यालय में भवन निर्माण के दौरान भराई के लिए मिट्टी खोदाई की गई थी। बारिश के मौसम में पानी भरने से छह से सात फीट गहरे गड्ढे में नहाते समय बच्चे डूब गए। यदि, खोदे गए गड्ढों को समतल कराया गया होता तो यह हादसा न होता। हालांकि, डीएम गजल भारद्वाज ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं।
रिवई निवासी मनोज अहिरवार को बेटा प्रिंस (14) गांव के परिषदीय विद्यालय में कक्षा छठवीं का छात्र था जबकि उसकी चचेरी बहन रोशनी (11) और परिवार का अंशुल (10) कक्षा पांचवीं पढ़ते थे। परिषदीय विद्यालय के पास ही पं. दीनदयाल उपाध्याय राजकीय मॉडल इंटर कॉलेज संचालित है। रविवार की शाम तीनों बच्चे कॉलेज के पीछे स्थित गड्ढे में भरे पानी में नहाने गए थे। देर रात तीनों के शव बरामद हुए थे। ग्रामीणों व परिजनों का आरोप है कि मॉडल इंटर कॉलेज निर्माण के दौरान कार्यदायी संस्था के ठेकेदार ने विद्यालय के पीछे गड्ढा खोदवाकर मिट्टी निकलवाई थी। इसी मिट्टी से विद्यालय परिसर समतल कराया गया था। इसके बाद प्रोजेक्ट अलंकार के तहत एक कक्ष का निर्माण हुआ। जिसके लिए भी यहीं से मिट्टी निकाली गई। इससे गड्ढे की गहराई अधिक हो गई और बारिश का पानी भर गया। जिसमें तीन बच्चों की डूबने से मौत हो गई। मॉडल इंटर कॉलेज के पास ही प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक विद्यालय संचालित है। जहां बढ़ी संख्या में छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। यदि समय रहते जिम्मेदार गड्ढे को समतल कराते हुए यह घटना न होती। उधर, जिलाधिकारी ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम चरखारी को जांच के निर्देश दिए हैं। वहीं, एसडीएम अवनीश कुमार तिवारी ने बताया कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
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महोबा। गड्ढे में भरे पानी में डूबने से तीन बच्चों की मौत होने की घटना के बाद सोमवार को डीएम गजल भारद्वाज, पुलिस अधीक्षक शशांक सिंह और एसडीएम अवनीश तिवारी अन्य अधिकारियों के साथ रिवई गांव पहुंचे। उन्होंने मृतकों के परिजनों से मुलाकात कर सांत्वना दी। डीएम ने दैवीय आपदा के तहत 24 घंटे के अंदर सहायता राशि दिलाए जाने के संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए। कहा कि पीड़ित परिवारों को जो भी सहायता होगी। हर संभव दिलाई जाएगी।
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चरखारी विधायक ने बंधाया ढांढ़स
चरखारी। रिवई में एक ही परिवार के तीन बच्चों की मौत होने की घटना के बाद विधायक चरखारी बृजभूषण राजपूत गांव पहुंचे। उन्होंने मृतकों के परिजनों को गले लगाते हुए गहरा दुख व्यक्त किया और सांत्वना देते हुए हर संभव मदद का भरोसा दिया। इसके बाद विधायक पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। जहां परिजनों से जानकारी ली।
एक साथ उठीं तीन अर्थियां, हर आंख नम
चरखारी। पानी भरे गड्ढे में डूबने से तीन बच्चों की मौत के बाद रिवई गांव में मातम का माहौल रहा। सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद तीनों बच्चों के शव गांव पहुंचे तो हर आंख नम और जुबां पर खामोशी दिखी। दोपहर बाद एक साथ तीन बच्चों की अर्थियां उठने पर हर कोई गमगीन नजर आया। पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में अंतिम संस्कार हुआ।
दिल्ली में रहकर मजदूरी करते थे प्रिंस के माता-पिता
चरखारी। जूनियर विद्यालय में कक्षा छह में पढ़ने वाला मृतक प्रिंस चार भाई-बहनों में तीसरे नंबर का था। उसके पिता मनोज और मां ऊषा दिल्ली में रहकर मेहनत-मजदूरी करते हैं। वहीं रोशनी की मौत से पिता जियायाल, मां सीता, भाई उपेंद्र, आकाश व बहन ज्योति रो-रोकर बेहाल रहे जबकि मृतक अंशुल पांच भाई-बहनोंं में दूसरे नंबर का था। पिता खलक अहिरवार मेहनत-मजदूरी करते हैं।
अपने सामने भाई समेत तीन की मौत से सुधबुध खोया अमन
चरखारी। मृतक प्रिंस को छोटा भाई अमन भी अन्य बच्चों के साथ स्कूल के पास बने गड्ढे में गया था। उसने बताया कि खेल-खेल में प्रिंस, रोशनी और अंशुल गड्ढे के किनारे खड़े होकर मछलियां पकड़ने लगे। तब वह स्कूल की चहारदिवारी पर बैठ गया। इसके बाद तीनोंं नहानने के लिए गड्ढे में उतरे और फिसलकर डूबने लगे। तब प्रिंस ने बचाने की आवाज लगाई। यह देख गुमसुम अमन घर चला गया और परिजनों के डांट के भय से किसी को कुछ नहीं बताया। देर शाम तक तीनों के घर न लौटने पर तलाश शुरू की गई तो तीनाें बच्चों के शव पानी भरे गड्ढे से बरामद हुए। घटना के बाद से अमन सुधबुध खो बैठा है।
समय रहते गड्ढा भरवा देते तो नहीं होता हादसा
फोटो 07 एमएएचपी 18 परिचय-शिवकरन। संवाद
रिवई गांव निवासी शिवकरन तिवारी ने बताया कि विद्यालय निर्माण के दौरान खोदी गई मिट्टी से गड्ढा हो गया। ठेकेदार ने स्कूल के पीछे से ही मिट्टी निकलवाकर परिसर व कमरों को समतल करा दिया। यदि, समय रहते गड्ढे को भरवा दिया जाता तो यह हादसा न होता। दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
जांच कराकर दोषियों के खिलाफ हो कार्रवाई
फोटो 07 एमएएचपी 19 परिचय-मुन्ना अहिरवार। संवाद
ग्रामीण मुन्ना अहिरवार का कहना है कि कार्यदायी संस्था के ठेकेदार ने जहां बच्चों के खेलकूद का मैदान होना चाहिए, वहां से मिट्टी निकालकर गहरी खाई खोद डाली। जो घटना का कारण बनीं। पूरे मामले की बारीकी से जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। ताकि, दोबारा इस तरह की पुनरावृत्ति न हो।

फोटो 07 एमएएचपी 13 परिचय-रिवई गांव में मृतकों के परिजनों से जानकारी लेकर आर्थिक सहायता का भरोस

फोटो 07 एमएएचपी 13 परिचय-रिवई गांव में मृतकों के परिजनों से जानकारी लेकर आर्थिक सहायता का भरोस

फोटो 07 एमएएचपी 13 परिचय-रिवई गांव में मृतकों के परिजनों से जानकारी लेकर आर्थिक सहायता का भरोस

फोटो 07 एमएएचपी 13 परिचय-रिवई गांव में मृतकों के परिजनों से जानकारी लेकर आर्थिक सहायता का भरोस

फोटो 07 एमएएचपी 13 परिचय-रिवई गांव में मृतकों के परिजनों से जानकारी लेकर आर्थिक सहायता का भरोस

फोटो 07 एमएएचपी 13 परिचय-रिवई गांव में मृतकों के परिजनों से जानकारी लेकर आर्थिक सहायता का भरोस