{"_id":"5aa2d41c4f1c1b98758b48c2","slug":"191520620572-saharanpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"राकेश हत्याकांड में गिरफ्तार पिता-पुत्र को बताया निर्दोष ","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
राकेश हत्याकांड में गिरफ्तार पिता-पुत्र को बताया निर्दोष
Updated Sat, 10 Mar 2018 12:06 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सहारनपुर। डीएसओ कंपाउंड निवासी डेरी कारोबारी राकेश अरोड़ा की हत्या के आरोप में जेल भेजे गए पिता-पुत्र को निर्दोष बताते हुए आरोपियों के परिजनों ने न्यायिक जांच कराए जाने की मांग की है।
डीएसओ कंपाउंड निवासी डेरी कारोबारी राकेश अरोड़ा का गोली लगा शव 31 जनवरी 2017 को रामपुर मनिहारान स्थित एक बाग में उनकी कार से ही बरामद हुआ था। पुलिस ने 30 दिसंबर 2017 को हत्या के आरोप में घासौती मार्ग निवासी दूध कारोबारी जहांगीर को गिरफ्तार किया था। उसके बाद जहांगीर के पिता सालिम को भी षड्यंत्र का आरोपी मानते हुए पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। शुक्रवार को सालिम की पत्नी इमराना ने डीआईजी कार्यालय पहुंची और उसने पुलिस पर सालिम एवं जहांगीर को राकेश अरोड़ा हत्याकांड में झूठा फंसाए जाने का आरोप लगाया। इमराना ने आरोप लगाया कि हत्या के आरोप में जेल भेजे गए उसके पुत्र जहांगीर की उसका पति सालिम न्यायिक पैरवी कर रहा था। जिस कारण पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। इमराना ने इस मामले की न्यायिक जांच कराए जाने की मांग की है। इस मामले में इमराना ने डीआईजी को ज्ञापन सौंपा। उसके साथ मजाहिर राणा, शकील प्रधान, रियाज, फुरकान, शकील, दिलशाद भी शामिल रहे।
विज्ञापन
डीएसओ कंपाउंड निवासी डेरी कारोबारी राकेश अरोड़ा का गोली लगा शव 31 जनवरी 2017 को रामपुर मनिहारान स्थित एक बाग में उनकी कार से ही बरामद हुआ था। पुलिस ने 30 दिसंबर 2017 को हत्या के आरोप में घासौती मार्ग निवासी दूध कारोबारी जहांगीर को गिरफ्तार किया था। उसके बाद जहांगीर के पिता सालिम को भी षड्यंत्र का आरोपी मानते हुए पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। शुक्रवार को सालिम की पत्नी इमराना ने डीआईजी कार्यालय पहुंची और उसने पुलिस पर सालिम एवं जहांगीर को राकेश अरोड़ा हत्याकांड में झूठा फंसाए जाने का आरोप लगाया। इमराना ने आरोप लगाया कि हत्या के आरोप में जेल भेजे गए उसके पुत्र जहांगीर की उसका पति सालिम न्यायिक पैरवी कर रहा था। जिस कारण पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। इमराना ने इस मामले की न्यायिक जांच कराए जाने की मांग की है। इस मामले में इमराना ने डीआईजी को ज्ञापन सौंपा। उसके साथ मजाहिर राणा, शकील प्रधान, रियाज, फुरकान, शकील, दिलशाद भी शामिल रहे।
विज्ञापन