{"_id":"6a8f20c0f5f763f2130d5fd7","slug":"the-tehsildar-had-ignored-the-sdms-order-ambedkar-nagar-news-c-91-1-brp1007-163668-2026-08-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ambedkar Nagar News: तहसीलदार ने एसडीएम के आदेश को किया था दरकिनार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ambedkar Nagar News: तहसीलदार ने एसडीएम के आदेश को किया था दरकिनार
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अंबेडकरनगर। अकबरपुर के शहजादपुर में दुकान का ताला तोड़कर कब्जा कराने के आरोप में सीजेएम के आदेश पर तहसीलदार अकबरपुर संतोष कुमार समेत दो नामजद और चार-पांच अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी है। मामले में इंस्पेक्टर सर्वदमन सिंह को विवेचना सौंपी गई है।
शहजादपुर निवासी सैय्यद सोएब रिजवी के अनुसार उन्होंने सात दिसंबर 2020 को सिझौली निवासी रमेश से 14.50 लाख रुपये में मकान का पंजीकृत बैनामा कराया था। मकान में स्थित दुकान में रैक और फर्नीचर लगाकर उन्होंने कारोबार शुरू किया। बाद में संघतिया शहजादपुर निवासी अरुण कुमार से संपत्ति को लेकर विवाद हो गया। वर्ष 2020 से दोनों पक्षों की ओर से लगातार शिकायतें की जाती रहीं।
शिकायतों के बाद एसडीएम अकबरपुर स्तर से करीब दो वर्ष पहले लिखित आदेश जारी कर विवाद को सिविल प्रकृति का माना गया था। प्रशासनिक स्तर से कब्जा परिवर्तन न किए जाने की बात भी स्पष्ट की गई थी। इसके बावजूद आरोप है कि 20 फरवरी 2026 को अरुण कुमार तहसीलदार संतोष कुमार को मौके पर लेकर पहुंचे और दुकान खाली करा दी गई।
विज्ञापन
पुलिस से कार्रवाई न होने पर सोएब रिजवी ने अदालत का रुख किया। प्रकरण की आंतरिक जांच में जॉइंट मजिस्ट्रेट/एसडीएम अकबरपुर की रिपोर्ट में तहसीलदार की घटनास्थल पर मौजूदगी की पुष्टि हुई। तहसीलदार ने अपने जवाब में तत्कालीन जिलाधिकारी के मौखिक आदेश पर चौकी प्रभारी और लेखपाल के साथ स्थलीय निरीक्षण करने की बात कही थी। हालांकि अदालत ने इस दलील को स्वीकार नहीं किया।
अब पुलिस दस्तावेजों, संबंधित लोगों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच कर रही है। सीओ सिटी नितीश कुमार तिवारी ने बताया कि साक्ष्य संकलन के बाद नियमानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
शहजादपुर निवासी सैय्यद सोएब रिजवी के अनुसार उन्होंने सात दिसंबर 2020 को सिझौली निवासी रमेश से 14.50 लाख रुपये में मकान का पंजीकृत बैनामा कराया था। मकान में स्थित दुकान में रैक और फर्नीचर लगाकर उन्होंने कारोबार शुरू किया। बाद में संघतिया शहजादपुर निवासी अरुण कुमार से संपत्ति को लेकर विवाद हो गया। वर्ष 2020 से दोनों पक्षों की ओर से लगातार शिकायतें की जाती रहीं।
विज्ञापन
शिकायतों के बाद एसडीएम अकबरपुर स्तर से करीब दो वर्ष पहले लिखित आदेश जारी कर विवाद को सिविल प्रकृति का माना गया था। प्रशासनिक स्तर से कब्जा परिवर्तन न किए जाने की बात भी स्पष्ट की गई थी। इसके बावजूद आरोप है कि 20 फरवरी 2026 को अरुण कुमार तहसीलदार संतोष कुमार को मौके पर लेकर पहुंचे और दुकान खाली करा दी गई।
विज्ञापन
पुलिस से कार्रवाई न होने पर सोएब रिजवी ने अदालत का रुख किया। प्रकरण की आंतरिक जांच में जॉइंट मजिस्ट्रेट/एसडीएम अकबरपुर की रिपोर्ट में तहसीलदार की घटनास्थल पर मौजूदगी की पुष्टि हुई। तहसीलदार ने अपने जवाब में तत्कालीन जिलाधिकारी के मौखिक आदेश पर चौकी प्रभारी और लेखपाल के साथ स्थलीय निरीक्षण करने की बात कही थी। हालांकि अदालत ने इस दलील को स्वीकार नहीं किया।
अब पुलिस दस्तावेजों, संबंधित लोगों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच कर रही है। सीओ सिटी नितीश कुमार तिवारी ने बताया कि साक्ष्य संकलन के बाद नियमानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।